मोहाली और नई दिल्ली से हमारी ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल के आने वाले सीजन 2027 से पहले पंजाब किंग्स फ्रेंचाइजी भारी संकट में फंसती नजर आ रही है। टीम के खेमे से एक बड़ी खबर सामने आई है कि मुख्य कोच रिकी पोंटिंग के दो सबसे भरोसेमंद और करीबी सहयोगियों ने अचानक टीम का साथ छोड़ दिया है। इस घटना से क्रिकेट गलियारों में हड़कंप मच गया है क्योंकि टीम प्रबंधन इस झटके की बिल्कुल उम्मीद नहीं कर रहा था। प्रीति जिंटा की टीम के लिए मेगा नीलामी से ठीक पहले इस तरह कोचिंग स्टाफ का बिखरना एक बहुत बड़ा नुकसान माना जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन दो दिग्गजों के जाने से पंजाब किंग्स का सपोर्ट स्टाफ लगभग खाली सा हो गया है। टीम के साथ अब मुख्य कोच रिकी पोंटिंग अकेले रह गए हैं जिन पर पूरी व्यवस्था संभालने का दबाव आ गया है। इससे पहले भी टीम के कोचिंग ढांचे में कई बदलाव देखने को मिले थे और साईराज बहुतुले जैसे नाम भी टीम का साथ छोड़ चुके हैं। अब फ्रेंचाइजी प्रबंधन के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे खिलाड़ियों की नई नीलामी प्रक्रिया शुरू होने से पहले तीन नए और अनुभवी कोचों की तलाश कैसे पूरी करेंगे।
रिकी पोंटिंग के दो करीबियों के इस्तीफे से बढ़ी मुश्किलें
क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि किसी भी टीम की सफलता में उसके कोचिंग स्टाफ की बहुत बड़ी भूमिका होती है। जब मुख्य कोच के अपने ही करीबी लोग अचानक टीम का साथ छोड़ देते हैं, तो अंदरूनी तालमेल पर बहुत बुरा असर पड़ता है। पंजाब किंग्स के खेमे में इस समय यही स्थिति पैदा हो गई है। रिकी पोंटिंग अपनी आक्रामक रणनीति और अनुशासन के लिए जाने जाते हैं, लेकिन उनके साथ काम करने वाले प्रमुख लोगों के बाहर होने से उनकी आगामी रणनीतियों पर भी सवालिया निशान लग गए हैं।
टीम के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि यह फैसला आपसी सहमति से हुआ है या इसके पीछे कोई गहरी आंतरिक कलह है, इस पर अभी तक फ्रेंचाइजी की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, जिस तरह से एक के बाद एक सदस्य टीम से अलग हो रहे हैं, उससे साफ संकेत मिलता है कि मैनेजमेंट के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। खिलाड़ियों की नीलामी का समय बेहद नजदीक आ चुका है और ऐसे समय में नए कोचिंग स्टाफ को चुनना और उनके साथ तालमेल बिठाना बहुत बड़ी चुनौती साबित होने वाला है।
खिलाड़ियों की नीलामी से पहले तीन नए कोचों की तलाश
पंजाब किंग्स के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती समय की कमी है। नीलामी की तारीख नजदीक आ रही है और टीम के पास रणनीति बनाने के लिए पूरा सपोर्ट स्टाफ तक मौजूद नहीं है। फ्रेंचाइजी के मालिकों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों की आपात बैठकें शुरू हो चुकी हैं ताकि जल्द से जल्द नए कोचों के नामों पर मुहर लगाई जा सके। प्रशंसक भी सोशल मीडिया पर अपनी चिंता जाहिर कर रहे हैं कि क्या उनकी पसंदीदा टीम इस बार भी मैदान पर संघर्ष करती नजर आएगी।
द फ्रीलान्स की पड़ताल बताती है कि अगर आने वाले कुछ दिनों में नए कोचों की नियुक्ति नहीं की गई, तो पंजाब किंग्स की नीलामी की रणनीति बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। रिकी पोंटिंग अब अकेले ही पूरी जिम्मेदारी उठाने को मजबूर हैं, लेकिन एक इंसान के लिए इतनी बड़ी फ्रेंचाइजी को संभालना नामुमकिन सा होता है। आने वाला हफ्ता पंजाब किंग्स के भविष्य के लिहाज से बहुत अहम होने वाला है, जहां हर एक फैसले पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।




