द फ्रीलान्स (नई दिल्ली/लिस्बन): फुटबॉल के गलियारों से इस वक्त एक ऐसी सनसनीखेज खबर सामने आ रही है, जिसने खेल प्रेमियों और खेल विशेषज्ञों दोनों को हैरान कर दिया है। यूईएफए नेशंस लीग (UEFA Nations League) के तहत आगामी डेनमार्क बनाम पुर्तगाल मुकाबले से ठीक पहले पुर्तगाल के ट्रेनिंग कैंप में बड़ा भूचाल आ गया है। टीम के कप्तान और महान फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो के कैंप छोड़कर चले जाने की पुष्टि ने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। 'द फ्रीलान्स' की विशेष पड़ताल और अंतरराष्ट्रीय खेल मीडिया से मिले इनपुट के अनुसार, यह विवाद अचानक उपजा है और इसके पीछे टीम के मुख्य कोच जॉर्ज जीसस (Jorge Jesus) के साथ तीखी तनातनी बताई जा रही है।
कोच जॉर्ज जीसस के साथ क्या है विवाद की असल जड़?
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, पुर्तगाल के मुख्य कोच जॉर्ज जीसस और क्रिस्टियानो रोनाल्डो के बीच रणनीतिक मामलों को लेकर गंभीर मतभेद पैदा हो गए हैं। स्थिति तब बेकाबू हो गई जब कथित तौर पर कोच ने रोनाल्डो को शुरुआती एकादश (Starting XI) में रखने से इनकार कर दिया और उन्हें बेंच पर बैठाने की बात कही। 39 वर्षीय रोनाल्डो, जो हाल ही में अपने करियर का 906वां गोल दागकर शानदार फॉर्म में हैं, इस फैसले से बेहद आहत बताए जा रहे हैं। एक वरिष्ठ खिलाड़ी और देश के लिए सबसे बड़े मैच विनर के रूप में यह अपमानजनक स्थिति रोनाल्डो बर्दाश्त नहीं कर सके और उन्होंने तत्काल प्रभाव से कैंप छोड़ने का कड़ा कदम उठाया।
संबंधित खबरें
डेनमार्क के खिलाफ मुकाबले पर मंडराया संकट के बादल
पुर्तगाल को आगामी 2 अक्टूबर को तड़के यूईएफए नेशंस लीग के एक बेहद कड़े मुकाबले में डेनमार्क का सामना करना है। डेनमार्क की टीम अपनी मजबूत रक्षात्मक पंक्ति और अनुशासित खेल के लिए जानी जाती है, जैसा कि उन्होंने स्पेन और अन्य दिग्गजों के खिलाफ दिखाया है। ऐसे में, यदि टीम के सबसे अनुभवी और प्रेरणादायी खिलाड़ी रोनाल्डो ही मैदान पर नहीं होंगे, तो पुर्तगाल की रणनीति बुरी तरह लड़खड़ा सकती है। कोच और खिलाड़ी के बीच का यह शीतयुद्ध सीधे तौर पर पुर्तगाल की जीत की संभावनाओं को कमजोर कर सकता है।
पुर्तगाली फुटबॉल महासंघ की चुप्पी और ड्रेसिंग रूम का माहौल
इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद से ही पुर्तगाली फुटबॉल महासंघ (FPF) में खामोशी छाई हुई है। आधिकारिक तौर पर अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की गई है कि रोनाल्डो हमेशा के लिए टीम से अलग हो गए हैं या यह कुछ समय के लिए हुआ भावुक कदम है। हालांकि, ड्रेसिंग रूम के सूत्रों का कहना है कि खिलाड़ियों के बीच तनाव का माहौल है। पुर्तगाल की जीत के अभियानों में हमेशा अहम भूमिका निभाने वाले रोनाल्डो का इस तरह कैंप छोड़ना टीम के मनोबल को तगड़ा झटका दे सकता है।
भविष्य का असर: क्या सुलझ पाएगा यह गतिरोध?
खेल विश्लेषकों का मानना है कि यदि इस विवाद को समय रहते नहीं सुलझाया गया, तो इसका दूरगामी असर पुर्तगाल के नेशंस लीग अभियान पर पड़ेगा। रोनाल्डो का सफर अपने अंतिम दौर में है और वे अपने हर मैच को यादगार बनाना चाहते हैं। ऐसे में कोच के साथ अहंकार की यह लड़ाई टीम के सपनों पर भारी पड़ सकती है। 'द फ्रीलान्स' इस खबर पर लगातार नजर बनाए हुए है और पुर्तगाली कैंप से आने वाले हर नए अपडेट को पाठकों तक पहुंचाता रहेगा।







