युवा पत्रकार शक्तिराज सिंह चंदेल: नवोदय से नवभारत टाइम्स तक का अनूठा सफर
पत्रकारिता की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाना आसान नहीं होता, खासकर जब बात खेल पत्रकारिता जैसे विशेष क्षेत्र की हो। ऐसे में, युवा और ऊर्जावान पत्रकार शक्तिराज सिंह चंदेल का सफर प्रेरणादायक है। नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में कंसलटेंट के तौर पर कार्यरत शक्तिराज ने अपनी सरल, स्पष्ट और सटीक लेखन शैली से पाठकों के बीच एक मजबूत पकड़ बनाई है। उनका करियर न केवल उनकी शिक्षा और अनुभव का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे समर्पण और कड़ी मेहनत से व्यक्ति अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है।
शक्तिराज सिंह चंदेल की यात्रा जवाहर नवोदय विद्यालय, सतना से शुरू होकर माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के गलियारों से गुज़रती हुई देश के कुछ प्रमुख मीडिया घरानों तक पहुँची है। खेल पत्रकारिता में उनकी विशेषज्ञता और क्रिकेट के अलावा हॉकी, फुटबॉल, टेनिस और बैडमिंटन जैसे अन्य खेलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें भीड़ से अलग खड़ा करती है। उनकी रिपोर्टिंग का तरीका और जटिल खेल विश्लेषण को आसान भाषा में प्रस्तुत करने की कला ने उन्हें अपने पाठकों के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया है।
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शुरुआती शिक्षा और पत्रकारिता की ओर रुझान
शक्तिराज सिंह चंदेल की शिक्षा की नींव मध्य प्रदेश के सतना स्थित प्रतिष्ठित जवाहर नवोदय विद्यालय में पड़ी, जहाँ उन्होंने साल 2016 में अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की। नवोदय विद्यालय का माहौल छात्रों को बहुमुखी प्रतिभा और आत्मनिर्भरता सिखाता है, जिसका प्रभाव उनके व्यक्तित्व में साफ झलकता है। स्कूली शिक्षा के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी रुचि को आगे बढ़ाया और भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया। यह विश्वविद्यालय पत्रकारिता और जनसंचार के क्षेत्र में देश के अग्रणी संस्थानों में से एक है।
यहां उन्होंने 2019 में बी.एस.सी. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की डिग्री हासिल की और अपनी शिक्षा को जारी रखते हुए 2021 में एम.एस.सी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की पढ़ाई पूरी की। विश्वविद्यालय में बिताए गए ये साल उनके पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों को मजबूत करने और मीडिया के विभिन्न पहलुओं को समझने में महत्वपूर्ण साबित हुए। इसी दौरान उन्होंने पत्रकारिता के सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त करना शुरू किया, जो आगे चलकर उनके सफल करियर की आधारशिला बना।
व्यवहारिक अनुभव और प्रमुख मीडिया संस्थानों से जुड़ाव
शिक्षा के दौरान ही शक्तिराज ने अपनी प्रतिभा को निखारना शुरू कर दिया था। 2016 में पत्रकारिता जगत से जुड़ने के बाद, उन्होंने एशियानेट हिंदी, नई दुनिया और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में व्यवहारिक ज्ञान हासिल किया। यह शुरुआती अनुभव उन्हें वास्तविक समाचार कक्ष के माहौल से परिचित कराने और खबरें इकट्ठा करने तथा लिखने की कला को समझने में सहायक रहा। इन संस्थानों में उन्होंने डेस्क पर काम करते हुए समाचारों के संपादन, उनकी प्रामाणिकता की जाँच और उन्हें प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की बारीकियों को सीखा।
साल 2021 में, अपनी पढ़ाई पूरी करने के तुरंत बाद, शक्तिराज ने सक्रिय रूप से पत्रकारिता में कदम रखा और अमर उजाला जैसे बड़े हिंदी दैनिक के साथ जुड़े। यहाँ उन्होंने अपनी लेखन शैली और समाचारों को कवर करने की क्षमता को और मजबूत किया। अमर उजाला में एक सफल कार्यकाल के बाद, उन्होंने इंडिया टीवी में अपनी सेवाएं दीं, जहाँ उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर समाचारों को कवर करने का और भी व्यापक अनुभव मिला। उनके पास पत्रकारिता में पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है, जिसमें उन्होंने मुख्य रूप से डेस्क पर काम किया है, लेकिन खबरों को ‘ब्रेक’ करने और उनका गहरा विश्लेषण करने में भी उनकी महारत किसी से छिपी नहीं है।
नवभारत टाइम्स में भूमिका और खेल पत्रकारिता में महारत
वर्तमान में शक्तिराज सिंह चंदेल टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के नवभारत टाइम्स (डिजिटल) विंग में कंसलटेंट के तौर पर कार्यरत हैं। यहाँ वे स्पोर्ट्स डेस्क में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं, जहाँ उनकी मुख्य जिम्मेदारी खेल से जुड़ी खबरों को पाठकों तक पहुँचाना है। नवभारत टाइम्स डिजिटल में उनका योगदान विशेष रूप से उनकी उस क्षमता के लिए सराहा जाता है, जिसमें वे जटिल खेल की रणनीतियों और मैच के गहन विश्लेषण को भी सरल भाषा और कम शब्दों में पाठकों के सामने प्रस्तुत करते हैं। यह खासियत उन्हें खेल पत्रकारिता में एक अलग मुकाम दिलाती है।
खेल की दुनिया में उनके ज्ञान की गहराई का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि उन्होंने हॉकी खिलाड़ी सविता पूनिया और क्रिकेटर सुषमा वर्मा जैसी नामचीन हस्तियों का इंटरव्यू लिया है। इन इंटरव्यू के माध्यम से उन्होंने खिलाड़ियों के जीवन, उनके संघर्षों और उनकी सफलताओं को गहराई से समझा और उन्हें पाठकों तक पहुँचाया। उनकी रिपोर्टिंग केवल आंकड़ों और तथ्यों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उसमें एक मानवीय स्पर्श भी होता है, जो पाठकों को खेल और खिलाड़ियों से भावनात्मक रूप से जोड़ता है।
"शक्तिराज हमेशा इस बात पर जोर देते हैं कि पत्रकारिता का लक्ष्य जटिल से जटिल जानकारी को भी इतनी सरल भाषा में पेश करना होना चाहिए कि वह आम पाठक की समझ में आसानी से आ सके। खेल विश्लेषण में उनकी यही खासियत उन्हें सबसे अलग बनाती है।"— नवभारत टाइम्स के एक वरिष्ठ सहयोगी
बहुमुखी प्रतिभा और खेल कवरेज का व्यापक अनुभव
शक्तिराज सिंह चंदेल केवल क्रिकेट तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका खेल कवरेज का अनुभव फुटबॉल, हॉकी, टेनिस और बैडमिंटन जैसे कई अन्य खेलों तक फैला हुआ है। यह उनकी बहुमुखी प्रतिभा और विभिन्न खेलों के प्रति उनकी गहरी समझ को दर्शाता है। एक पत्रकार के रूप में, वे सिर्फ खबरों को रिपोर्ट नहीं करते, बल्कि खेल के हर पहलू को गहराई से समझते हुए उसका विश्लेषण करते हैं। उन्हें खबरें ब्रेक करने से लेकर मैच का विस्तृत विश्लेषण करने तक में महारत हासिल है। उनके विश्लेषण तथ्यात्मक और संतुलित होते हैं, जो पाठकों को खेल की सही तस्वीर प्रदान करते हैं।
डेस्क पर काम करने का उनका व्यापक अनुभव उन्हें समाचारों के प्रसंस्करण, संपादन और उन्हें समय पर प्रकाशित करने की कला में पारंगत बनाता है। एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए, जहाँ गति और सटीकता दोनों महत्वपूर्ण होती हैं, शक्तिराज का अनुभव और कौशल नवभारत टाइम्स के स्पोर्ट्स डेस्क के लिए एक अमूल्य संपत्ति है। वे सुनिश्चित करते हैं कि पाठकों तक न केवल सबसे ताज़ा खबरें पहुँचें, बल्कि वे सरल और सुबोध भाषा में हों, ताकि हर आयु वर्ग और पृष्ठभूमि का पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। उनकी यह कार्यप्रणाली डिजिटल पत्रकारिता के बदलते स्वरूप और पाठकों की अपेक्षाओं के अनुरूप है।
निष्कर्ष: उभरते सितारे की पत्रकारिता यात्रा
शक्तिराज सिंह चंदेल की पत्रकारिता यात्रा उन सभी युवाओं के लिए एक मिसाल है जो इस पेशे में अपना करियर बनाना चाहते हैं। नवोदय विद्यालय की अनुशासित शिक्षा से लेकर देश के प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान और फिर प्रमुख मीडिया घरानों में कार्य करने तक, उनका सफर दृढ़ संकल्प और सीखने की इच्छा से भरा रहा है। उनकी खेल पत्रकारिता की गहरी समझ, सरल भाषा का प्रयोग और पाठकों से जुड़ने की क्षमता उन्हें आज के डिजिटल युग का एक सफल पत्रकार बनाती है। नवभारत टाइम्स जैसे बड़े प्लेटफॉर्म पर उनका योगदान यह सुनिश्चित करता है कि खेल की खबरें सिर्फ सूचना न रहें, बल्कि वे पाठकों के लिए ज्ञानवर्धक और मनोरंजक भी बनें। भविष्य में भी शक्तिराज सिंह चंदेल से भारतीय पत्रकारिता, विशेषकर खेल पत्रकारिता के क्षेत्र में और भी महत्वपूर्ण योगदान की उम्मीद की जा सकती है।






