इस विषय पर प्रकाशित सभी महत्वपूर्ण खबरें और विश्लेषण
जम्मू-कश्मीर के उच्च शिक्षा संस्थानों में पारंपरिक पाठ्यक्रमों से मोहभंग होने के कारण पिछले दो वर्षों में स्नातकों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है। सरकार के पास स्नातकों के रोजगार परिणामों का कोई व्यवस्थित डेटाबेस उपलब्ध नहीं है, जिससे युवाओं के भविष्य पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।