इस विषय पर प्रकाशित सभी महत्वपूर्ण खबरें और विश्लेषण
द फ्रीलान्स की विशेष पड़ताल में सामने आया है कि कैसे सोशल मीडिया रील्स और टेलीग्राम के जरिए नकली नोट छापने की ट्रेनिंग लेकर देश के विभिन्न कोनों में जाली करेंसी का कारोबार फल-फूल रहा है। हालिया पुलिस छापों और गिरफ्तारियों ने इस संगठित अपराध के नए तौर-तरीकों को बेनकाब कर दिया है.