नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — एप्पल के भारतीय यूजर्स के लिए पिछले कुछ समय से डिजिटल भुगतान को लेकर खासी परेशानी बनी हुई थी। नए नियमों के चलते लोगों को अपने आईक्लाउड स्टोरेज और ऐप स्टोर की सेवाओं के लिए भुगतान करने में दिक्कत आ रही थी। अब कंपनी ने इस समस्या का समाधान निकाल लिया है और भारत में कार्ड से पेमेंट की सुविधा दोबारा बहाल कर दी है। इस कदम से देश के लाखों आईफोन और आईपैड यूजर्स को बड़ी राहत मिली है जो अपने डेटा बैकअप और ऐप्स के लिए परेशान हो रहे थे।
ताजा अपडेट के अनुसार, अब यूजर्स वीजा, मास्टरकार्ड और अमेरिकन एक्सप्रेस के कार्ड का इस्तेमाल करके सीधे भुगतान कर पा रहे हैं। पहले रिजर्व बैंक के नए ई-मैंडेट नियमों के कारण ऑटोमैटिक पेमेंट रुक गए थे, जिससे लोगों को हर महीने खुद से रीचार्ज करना पड़ता था या वैकल्पिक तरीके ढूंढने पड़ते थे। अब एप्पल ने भारतीय बैंकिंग प्रणाली के अनुकूल अपनी भुगतान प्रक्रिया को ढाल लिया है, जिससे ट्रांजैक्शन बेहद आसान हो गए हैं।
वीजा और मास्टरकार्ड से पेमेंट की सुविधा लौटी
ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान कई एप्पल यूजर्स से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों में उन्हें सब्सक्रिप्शन रिन्यू करने में बहुत पसीना बहाना पड़ता था। कई बार यूपीआई या नेट बैंकिंग फेल हो जाती थी और उनके पास कोई ठोस विकल्प नहीं बचता था। अब मुख्य क्रेडिट और डेबिट कार्ड के फिर से काम करने से यह झंझट खत्म हो गया है। यूजर बिना किसी रुकावट के अपने आईक्लाउड का मासिक प्लान चला सकते हैं और उनका कीमती डेटा सुरक्षित रह सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एप्पल के लिए भारत का बाजार बहुत तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में भुगतान की सुविधा को आसान रखना कंपनी के लिए बेहद जरूरी था। अगर पेमेंट गेटवे काम नहीं करते, तो नए ग्राहक आईफोन खरीदने से हिचकिचाते। इस नई व्यवस्था के बाद से ऐप स्टोर पर ऐप्स खरीदना और गेम्स के इन-ऐप परचेस भी पहले की तरह सुचारू रूप से होने लगे हैं।
डेटा सुरक्षा और क्लाउड स्टोरेज की अहमियत
आज के दौर में हर स्मार्टफोन यूजर के लिए क्लाउड स्टोरेज एक जरूरत बन गया है। फोटो, वीडियो और जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखने के लिए लोग आईक्लाउड या गूगल ड्राइव का इस्तेमाल करते हैं। तकनीकी जानकारों का कहना है कि क्लाउड चुनते समय हमेशा सही सुरक्षा उपायों का ध्यान रखना चाहिए ताकि डेटा लीक न हो। एप्पल अपने मजबूत एन्क्रिप्शन के लिए जाना जाता है, लेकिन इसके लिए समय पर सब्सक्रिप्शन फीस चुकानी पड़ती है, जिसमें अब कार्ड पेमेंट शुरू होने से कोई रुकावट नहीं आएगी।
इसके अलावा, बाजार में एयरटेल जैसी अन्य टेलिकॉम कंपनियां भी अपने प्लान के साथ मुफ्त क्लाउड स्टोरेज और ओटीटी सब्सक्रिप्शन देने लगी हैं। एयरटेल के कुछ खास प्लान्स में एप्पल टीवी और आईक्लाउड प्लस जैसी सेवाएं मुफ्त में मिल रही हैं, जिससे ग्राहकों के पास विकल्पों की कोई कमी नहीं है। हालांकि, जो लोग सीधे एप्पल का स्टोरेज लेते हैं, उनके लिए कार्ड पेमेंट शुरू होना एक बड़ा वरदान साबित हुआ है।
रीचार्ज करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप भी एप्पल की सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं, तो अपने अकाउंट की सेटिंग में जाकर पेमेंट मेथड की जांच कर लें। सुनिश्चित करें कि आपका वीजा या मास्टरकार्ड सही से जुड़ा हुआ है या नहीं। कई बार बैंक के अंतरराष्ट्रीय लेनदेन या ई-कॉमर्स ट्रांजैक्शन बंद होते हैं, जिन्हें आपको नेट बैंकिंग या मोबाइल ऐप के जरिए चालू करना पड़ सकता है।
द फ्रीलान्स की इस पड़ताल में यह साफ हुआ है कि तकनीकी अड़चनों के बावजूद एप्पल ने भारतीय ग्राहकों की सुविधा को प्राथमिकता दी है। आने वाले दिनों में कंपनी देश में अपने रिटेल नेटवर्क और डिजिटल सेवाओं का और विस्तार कर सकती है। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने सब्सक्रिप्शन को समय पर अपडेट रखें ताकि किसी भी महत्वपूर्ण डेटा बैकअप में कोई बाधा न आए।






