नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — भारत में ओप्पो और वनप्लस के करोड़ों स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। टेक बाजार में चर्चा है कि आने वाले दिनों में ओप्पो फोनों का लुक पूरी तरह बदलने वाला है। कंपनी अपने नए एंड्रॉइड आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम के जरिए मोबाइल यूजर्स को एक नया अनुभव देने की तैयारी कर रही है। इस नए अपडेट को लेकर तकनीकी गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है और यूजर्स लगातार इसकी लॉन्च तारीख के बारे में जानकारी तलाश रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, भारत में वनप्लस डिवाइस के लिए कलर ओएस 17 का बीटा वर्जन शुरू कर दिया गया है। जो यूजर इस नए सॉफ्टवेयर का सबसे पहले अनुभव लेना चाहते हैं, वे कंपनी के बताए गए आसान चरणों को फॉलो करके इसका बीटा एक्सेस पा सकते हैं। वनप्लस के साथ-साथ ओप्पो के कई लोकप्रिय स्मार्टफोन मॉडल्स को भी इस फेहरिस्त में शामिल किया गया है, ताकि यूजर्स को लेटेस्ट फीचर्स का फायदा मिल सके।
लॉन्च की तारीख और नए गैजेट्स की तैयारी
बाजार से मिल रही रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में 13 अक्टूबर के आसपास ओप्पो के कई डिवाइसेज में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान कंपनी केवल सॉफ्टवेयर ही नहीं बल्कि दो नए गैजेट्स को भी बाजार में उतारने की तैयारी कर रही है। इसमें एक नया टैबलेट भी शामिल है जो 8.8 इंच की शानदार डिस्प्ले, स्टायलस सपोर्ट और बेहद पतले 2.9 मिलीमीटर के बेजल्स के साथ आ सकता है। यह टैबलेट उन लोगों के लिए खास होगा जो पढ़ाई या डिजाइनिंग का काम करते हैं।
तथ्यों की पड़ताल बताती है कि कंपनी की योजना ओप्पो, वनप्लस और रियलमी के लगभग 90 से अधिक फोनों को इस नए अपडेट के दायरे में लाने की है। पुरानी सीरीज के लोकप्रिय फोन से लेकर नए फ्लैगशिप मॉडल्स तक को यह अपडेट चरणबद्ध तरीके से दिया जाएगा। हालांकि, किस फोन को पहले यह अपडेट मिलेगा, इसकी आधिकारिक सूची कंपनी अपने आधिकारिक मंचों पर साझा कर रही है ताकि किसी भी यूजर को भ्रम न हो।
किन फोनों को मिलेगा सबसे पहले यह अपडेट
तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी सबसे पहले अपने प्रीमियम और हाल ही में लॉन्च किए गए फ्लैगशिप फोनों में कलर ओएस 17 भेजेगी। इसके बाद धीरे-धीरे मिड-बजट और किफायती सेगमेंट के फोनों तक इस अपडेट की पहुंच होगी। नए सॉफ्टवेयर में यूजर इंटरफेस को काफी हल्का और तेज बनाया गया है, जिससे फोन की बैटरी और स्पीड दोनों पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
आम जनता और टेक प्रेमियों के बीच इस बात को लेकर काफी उत्साह है कि उनके फोन का यूजर इंटरफेस कैसा दिखेगा। कई यूजर्स ने सोशल मीडिया पर कंपनी से यह भी सवाल पूछना शुरू कर दिया है कि उनके पुराने मॉडल को यह अपडेट मिलेगा या नहीं। हालांकि, कंपनियों की तरफ से यह साफ किया गया है कि वे ज्यादा से ज्यादा पुराने और नए डिवाइस को इस अपडेट सूची में शामिल करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।
रीचार्ज और अपडेट से जुड़ी जरूरी सावधानियां
द फ्रीलान्स की जमीनी पड़ताल में यह बात भी सामने आई है कि जब भी इतना बड़ा सॉफ्टवेयर अपडेट फोन में आता है, तो इंटरनेट डेटा की अच्छी खासी खपत होती है। ऐसे में यूजर्स को सलाह दी जाती है कि वे वाई-फाई नेटवर्क का इस्तेमाल करें और अपने जरूरी डेटा का बैकअप जरूर ले लें। बीटा वर्जन इंस्टॉल करते समय फोन में कुछ मामूली बग्स या दिक्कतें आ सकती हैं, इसलिए आम यूजर्स को फाइनल स्टेबल अपडेट का इंतजार करना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।


