नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — नौकरीपेशा लोगों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। देश के करोड़ों नौकरीपेशा लोग अपने संकट के समय पीएफ खाते के पैसों पर निर्भर रहते हैं। अब ईपीएफओ ने पीएफ विड्रॉल और एडवांस पैसे निकालने के नियमों में कुछ अहम बदलाव किए हैं। इन नए बदलावों के बाद नौकरीपेशा लोगों के लिए यह जानना बहुत जरूरी हो गया है कि वे अपने खाते से कितनी रकम निकाल सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अगर आपके पीएफ खाते में एक लाख या दो लाख रुपये जमा हैं, तो आप नए नियमों के तहत तय किए गए हिस्से को ही एडवांस के रूप में निकाल पाएंगे।
बीते कुछ महीनों में पैसों की जरूरत पड़ने पर पीएफ से एडवांस निकालने वाले लोगों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। इसे देखते हुए श्रम मंत्रालय और ईपीएफओ ने नियमों को थोड़ा स्पष्ट और व्यवस्थित किया है। अब यह सवाल सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है कि अगर खाते में एक लाख रुपये हैं, तो क्या आप पच्चीस हजार, पचास हजार या पत्तर हजार रुपये निकाल सकते हैं। नए नियमों में एडवांस निकालने के अलग-अलग कारण तय किए गए हैं, जैसे कि बीमारी, बच्चों की पढ़ाई, शादी या फिर घर की खरीद। इन सभी कामों के लिए मिलने वाली राशि की सीमा अब साफ कर दी गई है ताकि कर्मचारियों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
पीएफ खाते से पैसा निकालने के नए और आसान नियम
ईपीएफओ के इन नए दिशा-निर्देशों के आने के बाद आम कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। पहले पैसे निकालने की प्रक्रिया में कई तरह की अड़चनें आती थीं और लोगों को महीनों इंतजार करना पड़ता था। अब ऑनलाइन पोर्टल के जरिए प्रक्रिया को काफी हद तक सुधार दिया गया है। अगर आपके पीएफ खाते में दो लाख रुपये तक की कुल राशि जमा है, तो आप अपनी जरूरत के हिसाब से तय फार्मूला के तहत एडवांस ले सकते हैं। हालांकि, जानकारों का यह भी कहना है कि पीएफ का पैसा भविष्य के बुढ़ापे के लिए होता है, इसलिए बहुत जरूरी होने पर ही इसका इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
लेकिन इन सबके बीच एक और बेहद जरूरी बात सामने आई है जो टैक्स से जुड़ी हुई है। कई बार लोग जल्दबाजी में पीएफ का पूरा पैसा या बड़ा हिस्सा निकाल लेते हैं, जिस पर उन्हें भारी टैक्स चुकाना पड़ जाता है। इस टैक्स की मार से बचने के लिए अब ईपीएफओ ने एक नया फॉर्म अनिवार्य कर दिया है। अगर कोई कर्मचारी तय समय से पहले या नियमों के दायरे से बाहर जाकर पैसा निकालता है, तो उसे टैक्स देना पड़ सकता है। इस नए फॉर्म को भरने से यह सुनिश्चित हो जाएगा कि कर्मचारी का पैसा बिना किसी अतिरिक्त टैक्स कटौती के उसके बैंक खाते में सुरक्षित पहुंच जाए।
टैक्स बचाने के लिए अब भरना होगा नया फॉर्म
द फ्रीलान्स की ग्राउंड टीम ने जब दिल्ली और आसपास के इलाकों के कुछ कामकाजी लोगों से बात की, तो सामने आया कि ज्यादातर लोगों को इन नए फॉर्म्स और नियमों की पूरी जानकारी नहीं है। लोग आज भी पुराने तरीकों से ही ऑनलाइन आवेदन करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे उनके क्लेम खारिज हो जाते हैं। जानकारों का कहना है कि कर्मचारियों को किसी भी तरह की पेनल्टी या टैक्स से बचने के लिए ईपीएफओ पोर्टल पर जाकर इन नए फॉर्म्स की सही जानकारी पढ़नी चाहिए। जल्दबाजी में गलत फॉर्म भरने से आपका पैसा महीनों के लिए अटक सकता है और आपको दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ सकते हैं।
कंपनियों के एचआर डिपार्टमेंट भी अब अपने कर्मचारियों को इन नए नियमों के बारे में जागरूक कर रहे हैं। पीएफ खातों का प्रबंधन करने वाले अधिकारियों का मानना है कि इन बदलावों से पारदर्शिता आएगी और फर्जी दाווों पर रोक लगेगी। जो लोग सचमुच किसी बड़ी मुसीबत या आपात स्थिति में फंसे हैं, उन्हें अब बहुत कम समय में पैसा मिल जाएगा। आने वाले दिनों में ईपीएफओ इस पूरी प्रक्रिया को और अधिक डिजिटल बनाने की तैयारी कर रहा है ताकि देश का हर कामगार अपने मोबाइल फोन से ही इन सुविधाओं का लाभ उठा सके।
पोर्टल पर आवेदन करने से पहले रखें इन बातों का ध्यान
यदि आप भी अपने पीएफ खाते से एडवांस पैसा निकालने की सोच रहे हैं, तो सबसे पहले अपने यूएएन पोर्टल पर जाकर अपने बैंक खाते और आधार की जानकारी की जांच कर लें। किसी भी तरह की गलती होने पर आपका एडवांस क्लेम रिजेक्ट हो सकता है। इसके अलावा, नए टैक्स नियमों से जुड़ी औपचारिकता को पूरा करने के लिए उस नए फॉर्म को भरना न भूलें जो अब अनिवार्य कर दिया गया है। द फ्रीलान्स की इस विशेष पड़ताल का मकसद आपको हर उस बदलाव से समय रहते अवगत कराना है, जो आपकी मेहनत की कमाई से सीधा जुड़ा हुआ है।







