नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश के सबसे बड़े कारोबारी घराने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की नींव और इसके विस्तार की कहानियां हमेशा से लोगों के बीच चर्चा का विषय रही हैं। बहुत कम लोग जानते हैं कि देश में डिजिटल क्रांति लाने वाले जियो (Jio) की शुरुआत के पीछे एक छोटी सी पारिवारिक घटना का बड़ा हाथ था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी ने एक बार घर पर इंटरनेट की धीमी स्पीड को लेकर शिकायत की थी। उस समय धीमी गति वाले इंटरनेट से जुड़ी उस एक शिकायत ने मुकेश अंबानी को भारत में डेटा क्रांति लाने के लिए प्रेरित किया और इस तरह जियो की नींव पड़ी।
समय के साथ मुकेश अंबानी ने अपने कारोबार को सिर्फ तेल और पेट्रोकेमिकल तक सीमित नहीं रखा, बल्कि खुदरा बाजार और टेलीकॉम सेक्टर में भी तहलका मचा दिया। हाल ही में रिलायंस रिटेल ने अपने नए दांव के तहत 'AJIO Beauty' प्लेटफॉर्म को लॉन्च कर दिया है। सौंदर्य उत्पादों के बाजार में कंपनी की यह बड़ी छलांग है, जो सीधे तौर पर ऑनलाइन ब्यूटी मार्केट में मुकाबला करने के लिए तैयार की गई है। इसके अलावा, कंपनी आने वाले समय में अपने टेलीकॉम बिजनेस यानी जियो का आईपीओ लाने की तैयारी में भी जुटी हुई है, जिसे लेकर बाजार में काफी हलचल है।
जियो का सिंहासन और आकाश अंबानी की नई जिम्मेदारी
बाजार में अपनी पकड़ को और मजबूत करने के लिए रिलायंस समूह ने उत्तराधिकार की योजना पर भी तेजी से काम किया है। जियो के संभावित आईपीओ से ठीक पहले मुकेश अंबानी ने एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक चलते हुए अपने बेटे आकाश अंबानी को जियो का नया मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है। आकाश अंबानी को अगले पांच साल के लिए इस पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि वे कंपनी के तकनीकी और कारोबारी सफर को आगे बढ़ा सकें। परिवार की नई पीढ़ी अब रिलायंस के इन बड़े और अहम प्रोजेक्ट्स की कमान संभाल रही है, जिससे निवेशकों का भरोसा भी लगातार बढ़ रहा है।
कारोबारी दुनिया में अमीरी और बादशाहत की बात करें तो मुकेश अंबानी का नाम सबसे ऊपर आता है। हालांकि, हाल ही में उद्योग जगत की कई अन्य सूचियों में गौतम अदाणी, मित्तल और बिरला जैसे उद्योगपतियों के साथ उनकी पोजीशन को लेकर भी चर्चाएं तेज रही हैं। इसके बावजूद, रिलायंस का कुल नेटवर्क और इसकी बाजार में हैसियत इसे भारत का सबसे ताकतवर कारोबारी साम्राज्य बनाए रखती है। धीरूभाई अंबानी द्वारा शुरू किए गए इस सफर को उनके बेटों ने आगे बढ़ाया, हालांकि भाइयों के बीच के रिश्तों और फैसलों ने दोनों के सफर को अलग-अलग रास्तों पर ला खड़ा किया।
अनिल अंबानी के सफर और सबक से क्या सीखा बाजार
दूसरी तरफ, एक समय देश के बड़े उद्योगपतियों में शुमार रहे अनिल अंबानी का सफर बिल्कुल अलग दिशा में गया। भारी कर्ज, गलत समय पर लिए गए फैसले और बिजनेस की बदलती चाल के कारण अनिल अंबानी का साम्राज्य उस तरह से आगे नहीं बढ़ पाया जैसी उम्मीद थी। जानकारों का मानना है कि सही समय पर सही फैसले लेना और अपनी 'कैश काऊ' यानी मुख्य कमाई वाले बिजनेस को संभालना किसी भी कंपनी की सफलता के लिए सबसे जरूरी होता है। मुकेश अंबानी ने जहां वक्त रहते अपने कदमों को बदला और डिजिटल तथा रिटेल सेक्टर में भारी निवेश किया, वहीं अनिल अंबानी के कुछ फैसले उनके कारोबार के लिए भारी साबित हुए।
आज के समय में रिलायंस सिर्फ एक कंपनी नहीं बल्कि भारत के आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुकी है। सस्ते इंटरनेट से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग और ब्यूटी प्रोडक्ट्स तक, अंबानी परिवार का हर नया कदम देश के बाजार की दिशा तय कर रहा है। आने वाले दिनों में जियो का आईपीओ और एशियो ब्यूटी जैसी नई सेवाएं भारतीय बाजार में कितना असर डालेंगी, यह देखना दिलचस्प होगा। लेकिन इतना तय है कि ईशा अंबानी की उस पुरानी शिकायत से शुरू हुआ विचार आज देश के करोड़ों लोगों की डिजिटल जरूरत बन चुका है।
भविष्य की रणनीति और बाजार पर पकड़
रिलायंस इंडस्ट्रीज अपनी भविष्य की योजनाओं को लेकर बेहद स्पष्ट रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है। पारंपरिक ऊर्जा कारोबार के साथ-साथ उपभोक्ता आधारित सेवाओं और खुदरा व्यापार पर कंपनी का पूरा जोर है। तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस दौर में जियो को देश का सबसे मजबूत डेटा नेटवर्क बनाने के लिए लगातार नए निवेश किए जा रहे हैं। द फ्रीलान्स की इस ग्राउंड पड़ताल से साफ है कि आने वाले वर्षों में भारतीय कॉरपोरेट जगत में रिलायंस का दबदबा और अधिक मजबूत होने वाला है, बशर्ते कंपनी नियामक और बाजार की बदलती चुनौतियों से पार पाती रहे।



