नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश भर में इन दिनों लैपटॉप को लेकर चर्चाएं बहुत तेज हो गई हैं। एक तरफ ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स पर छूट की बरसात हो रही है। अमेजन जैसी बड़ी कंपनियों की सेल में तीस हजार रुपये से कम कीमत वाले लैपटॉप मिल रहे हैं। दूसरी तरफ लेनोवो जैसी कंपनियां नए एआई प्रोसेसर और शानदार डिस्प्ले वाले महंगे लैपटॉप भी बाजार में उतार रही हैं। आम आदमी से लेकर छात्रों और दफ्तर में काम करने वाले लोगों तक, हर कोई अपनी जरूरत के हिसाब से लैपटॉप खरीदने में जुटा है।
लेकिन इस चमक-धमक के बीच कुछ ऐसी खबरें भी आ रही हैं जो चिंता पैदा करती हैं। हाल ही में विश्व दृष्टि दिवस के मौके पर डॉक्टरों ने चेतावनी दी है। मोबाइल और लैपटॉप का ज्यादा इस्तेमाल करने से लोगों की आंखों पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। लगातार स्क्रीन देखने से आंखें जल्दी थक जाती हैं और नजर कमजोर होने लगती है। बच्चों से लेकर बड़ों तक, हर कोई इस समस्या से जूझ रहा है। डॉक्टरों की सलाह है कि हर बीस मिनट के बाद स्क्रीन से नजर हटाकर कुछ देर आराम करना बहुत जरूरी है।
सस्ती सेल और बंपर छूट का दौर
बाजार में इस समय लेनोवो, एचपी, आसुस और एविटा जैसी कंपनियों के लैपटॉप पर भारी छूट मिल रही है। अमेजन की सेल में लैपटॉप पर तरेसठ प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। शुरुआती कीमत पैंतीस हजार रुपये के आसपास रखी गई है ताकि आम लोग भी इन्हें आसानी से खरीद सकें। इसके अलावा तीस हजार रुपये के अंदर भी पांच बेहतरीन लैपटॉप के विकल्प ग्राहकों को लुभा रहे हैं। काम करने के लिए लैपटॉप आज के समय में सिर्फ विलासिता नहीं बल्कि एक बड़ी जरूरत बन गया है, इसलिए लोग इन ऑफर्स का जमकर फायदा उठा रहे हैं।
ऑनलाइन खरीदारी के साथ ही जमीनी स्तर पर कुछ चौंकाने वाली घटनाएं भी सामने आई हैं। हाल ही में एक प्रखंड मुख्यालय के आधार केंद्र का ताला तोड़कर वहां रखे लैपटॉप और प्रिंटर चोरी होने की बड़ी घटना घटी। इस तरह की वारदतों से साफ है कि सरकारी दफ्तरों और केंद्रों में रखे डिजिटल उपकरणों की सुरक्षा एक बड़ा सवाल बन गई है। एक तरफ लोग अपने बच्चों की पढ़ाई और दफ्तर के काम के लिए कर्ज या बचत का पैसा लगाकर लैपटॉप खरीद रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ चोर इन महंगे उपकरणों को निशाना बना रहे हैं।
आंखों की सुरक्षा और तकनीकी बदलाव
लैपटॉप की बढ़ती मांग के साथ ही तकनीक में भी तेजी से बदलाव हो रहे हैं। कंपनियां अब बेहतर डिस्प्ले और कृत्रिम बुद्धिमत्ता वाले प्रोसेसर बाजार में ला रही हैं। ये नए लैपटॉप काम को बहुत आसान बना देते हैं, लेकिन इनसे निकलने वाली नीली रोशनी आंखों के लिए नुकसानदायक होती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि लंबे समय तक लैपटॉप के आगे बैठने से सिरदर्द और आंखों में सूखापन जैसी बीमारियां आम हो गई हैं। काम की मजबूरी और डिजिटल होती दुनिया में लोग चाहकर भी स्क्रीन से दूरी नहीं बना पा रहे हैं।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल बताती है कि आने वाले दिनों में लैपटॉप की मांग और ज्यादा बढ़ने वाली है। स्कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए यह पढ़ाई का मुख्य साधन बन गया है। ऐसे में जरूरी यह है कि लोग खरीदारी करते समय अपनी जरूरत और बजट का तो ध्यान रखें ही, साथ ही अपनी सेहत का भी पूरा ख्याल रखें। एंटी-ग्लेयर चश्मे का इस्तेमाल और समय पर ब्रेक लेना आंखों की रोशनी बचाने में काफी मददगार साबित हो सकता है।
सुरक्षा और भविष्य की जरूरतें
सरकारी दफ्तरों में हुई चोरी की घटनाओं के बाद अब सुरक्षा व्यवस्था पर भी कड़े सवाल उठने लगे हैं। आधार केंद्रों और छोटे सरकारी कार्यालयों में तकनीकी उपकरणों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। कुल मिलाकर देखा जाए तो लैपटॉप आज हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है, जिसके अपने फायदे भी हैं और कुछ गंभीर चुनौतियां भी जुड़ी हुई हैं।




