नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — दुनिया की सबसे बड़ी तकनीकी कंपनियों में शुमार माइक्रोसॉफ्ट के शेयरों में हाल ही में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस अचानक आए भूचाल से निवेशकों के मन में डर बैठ गया है और बाजार के जानकारों में हलचल तेज हो गई है। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी के बाजार मूल्य से भारी भरकम रकम एक झटके में स्वाहा हो गई है। यह गिरावट इतनी बड़ी है कि कई देशों की कुल अर्थव्यवस्था और दुनिया के कई अरबपतियों की कुल संपत्ति से भी ज्यादा आंकी जा रही है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि तकनीकी शेयरों में यह कमजोरी अचानक नहीं आई है। पिछले कुछ हफ्तों से ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। माइक्रोसॉफ्ट का शेयर कभी तीन ट्रिलियन डॉलर के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर चुका था, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई तकनीक के दम पर कंपनी के शेयरों में जबरदस्त तेजी आई थी। लेकिन अब बाजार का रुख बदल रहा है और निवेशकों की मुनाफावसूली के कारण शेयरों पर दबाव बढ़ गया है।
माइक्रोसॉफ्ट में छंटनी का साया और कर्मचारियों की बढ़ी मुश्किलें
एक तरफ जहां शेयरों में गिरावट से निवेशकों की नींद उड़ी हुई है, वहीं दूसरी तरफ कंपनी के भीतर नौकरियों को लेकर भी बुरी खबर सामने आई है। सामने आई जानकारी के मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट में आने वाले दिनों में करीब 4800 कर्मचारियों की नौकरी जा सकती है। हैरानी की बात यह है कि इस बार छंटनी की वजह एआई तकनीक नहीं बल्कि कंपनी के दूसरे कारोबार और आंतरिक पुनर्गठन से जुड़ी है। इस फैसले से कई विभागों के कर्मचारियों पर सीधा असर पड़ेगा और वे अपनी नौकरी गंवा सकते हैं।
कारपोरेट जगत में चल रही इन हलचलों का असर अमेरिकी शेयर बाजार के साथ-साथ दुनियाभर के तकनीकी बाजारों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। निवेशकों का भरोसा बनाए रखने के लिए कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि जब तक तकनीकी शेयरों में स्थिरता नहीं लौटती, तब तक बाजार में ऐसा ही असमंजस का माहौल बना रहेगा।
एलन मस्क की स्पेसएक्स से मिल रही कड़ी टक्कर
इस बीच वैश्विक स्तर पर तकनीकी और कारोबारी प्रतिस्पर्धा भी पूरी तरह बदल रही है। एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, एलन मस्क की अंतरिक्ष कंपनी स्पेसएक्स ने बड़ी छलांग लगाते हुए माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन जैसी दिग्गज कंपनियों को पीछे छोड़ दिया है। स्पेसएक्स अब दुनिया की पांचवीं सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई है। स्पेसएक्स के बढ़ते रसूख और अंतरिक्ष बाजार में उसके एकाधिकार ने माइक्रोसॉफ्ट जैसी पुरानी स्थापित कंपनियों के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है।
आम निवेशकों और शेयर बाजार से जुड़े छोटे कारोबारियों के लिए यह समय बेहद सावधानी बरतने का है। अमेरिकी टेक मार्केट में आ रही इन बड़ी उठापटक का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार और आईटी सेक्टर पर भी पड़ता है। निवेशक अब फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं ताकि किसी भी बड़े नुकसान से बचा जा सके। बाजार की इस चाल पर हमारी पैनी नजर बनी हुई है और आगे के हर अपडेट से हम आपको लगातार अवगत कराते रहेंगे।







