नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — डिजिटल मनोरंजन की दुनिया में एक बहुत बड़ा फेरबदल हुआ है। लोकप्रिय ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स ने स्पेन में होने वाले साल 2030 के फुटबॉल विश्व कप के प्रसारण अधिकार अपने नाम कर लिए हैं। इस डील के बाद से खेल और मीडिया जगत में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। पारंपरिक टीवी चैनलों के बजाय अब लोग सीधे इंटरनेट आधारित ऐप्स पर बड़े खेल मुकाबलों का आनंद ले सकेंगे।
खेल अधिकारों की इस दौड़ में पारंपरिक प्रसारकों को कड़ी टक्कर मिली है। पिछले कुछ सालों में नेटफ्लिक्स ने खेल आधारित डॉक्यूमेंट्री और सीरीज के जरिए अपनी मजबूत पकड़ बनाई है। अब सीधे लाइव मैचों के मैदान में उतरकर कंपनी ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं। इस कदम से दुनिया भर के खेल प्रेमियों के लिए मनोरंजन का पूरा खाका बदलने वाला है।
साल 2030 विश्व कप के प्रसारण अधिकारों का पूरा गणित
स्पेन में होने वाले विश्व कप को लेकर दर्शकों में अभी से भारी उत्साह देखा जा रहा है। नेटफ्लिक्स द्वारा इन अधिकारों को हासिल करने के पीछे एक सोची-समझी रणनीति काम कर रही है। कंपनी चाहती है कि उसके प्लेटफॉर्म पर फिल्मों और वेब सीरीज के अलावा लाइव खेल प्रेमियों की भी भारी भीड़ जुटे। इस एक बड़े सौदे से ओटीटी बाजार में वर्चस्व की लड़ाई और ज्यादा तेज होने की पूरी उम्मीद है।
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में खेल प्रसारण के लिए कंपनियों के बीच बोली और ऊंची जाएगी। पारंपरिक टेलीविजन चैनलों के लिए अपनी पुरानी दर्शक संख्या को बचाए रखना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। युवा पीढ़ी टीवी सेट के सामने बैठने के बजाय अपने मोबाइल फोन या स्मार्ट टीवी पर ऐप्स के जरिए मैच देखना ज्यादा पसंद करती है।
दर्शकों की जेब और मनोरंजन के तरीकों पर इसका असर
आम जनता और दर्शकों के मन में यह सवाल जरूर उठ रहा है कि इससे उनके मासिक रिचार्ज पर क्या असर पड़ेगा। क्या नेटफ्लिक्स इन लाइव मैचों को देखने के लिए कोई अलग से शुल्क वसूलेगा या यह सामान्य प्लान में ही उपलब्ध होगा। कंपनी ने अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक और स्पष्ट जानकारी साझा नहीं की है। लेकिन इतना तय है कि खेल देखने का अनुभव अब पूरी तरह बदल चुका है।
दूसरी ओर, खेल भावना से जुड़े मामलों और एथलीटों की वित्तीय सफलताओं पर भी लगातार बहस जारी है। मैदान पर पसीना बहाने वाले खिलाड़ियों से लेकर पर्दे के पीछे खेल के सौदे तय करने वाले कारोबारियों तक, खेल जगत का हर कोना अब बदल रहा है। रोनाल्डो और मेस्सी जैसे महान खिलाड़ी मैदान के बाहर अपनी व्यावसायिक सूझबूझ से लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे हैं।
पारंपरिक चैनलों और मीडिया संगठनों के सामने नई चुनौतियां
नेटफ्लिक्स जैसे दिग्गजों के खेल मैदान में कूदने से पुराने टीवी नेटवर्क्स की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। विज्ञापनों से होने वाली उनकी कमाई पर सीधा असर पड़ रहा है क्योंकि दर्शक तेजी से डिजिटल माध्यमों की ओर रुख कर रहे हैं। मीडिया संगठनों और पत्रकारों के लिए भी यह बदलाव किसी बड़े भूचाल से कम नहीं है। खेल कवरेज का तरीका अब पूरी तरह डिजिटल और तेज हो गया है।
द फ्रीलान्स की टीम इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार अपनी पैनी नजर बनाए हुए है। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि अन्य ओटीटी प्लेटफॉर्म इस चुनौती का किस तरह सामना करते हैं। क्या वे भी खेल के मैदान में उतरकर बड़ी बोलियां लगाएंगे या अपने पुराने दर्शकों को ही संभाल कर रखेंगे। इन सभी सवालों के जवाब आने वाले महीनों में ही मिल पाएंगे।







