नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी ओपनएआई ने तकनीक की दुनिया में एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने अपने पॉपुलर चैटबॉट चैटजीपीटी में नए जीपीटी-6 और एडवांस्ड इंटेलिजेंट यूजर इंटरफेस को रोलआउट कर दिया है। इस नए अपडेट का मुख्य मकसद यूजर्स को बहुत तेज रिस्पॉन्स देना और बातचीत को और अधिक स्वाभाविक बनाना है। अब यूजर्स बिना किसी रुकावट के एआई के साथ बात कर सकते हैं और स्क्रीन पर उनके हर सवाल का जवाब पलक झपकते मिल जाता है।
इस तकनीकी विकास के साथ ही कंपनी ने डेवडे पर जीपीटी-6.1 सोल को नए कोडेक और चैटजीपीटी टूल्स के साथ दुनिया के सामने रखा है। इस नए वर्जन को एआई की दुनिया में इंटेलिजेंस की अगली पीढ़ी माना जा रहा है। इसमें ग्राफिक और विजुअल समझने की क्षमता को बहुत ज्यादा बढ़ाया गया है। अब यह सिस्टम यूजर के काम करने के तरीके को खुद समझकर स्क्रीन पर सही विकल्प और टूल्स सामने ले आता है, जिससे रोजमर्रा के काम बहुत आसान हो गए हैं।
क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर की एआई दुनिया में नई पारी
इस बीच, तकनीक की इस बड़ी खबर के साथ खेल जगत से एक हैरान करने वाला नाम जुड़ गया है। भारत के महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपनएआई के साथ एक खास पार्टनरशिप की है। सचिन तेंदुलकर ने खुद सामने आकर इस साझेदारी की जानकारी दी है। उन्होंने सोशल मीडिया और प्रेस बयानों में बताया कि वे आने वाले दिनों में कुछ बहुत ही दिलचस्प और नए प्रोजेक्ट्स पर काम करने जा रहे हैं।
सचिन तेंदुलकर ने यह भी खुलकर बताया कि वे अपने रोजमर्रा के कामों और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में चैटजीपीटी का इस्तेमाल कैसे करते हैं। उनका कहना है कि एआई तकनीक अब केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर घर की जरूरत बन चुकी है। ओपनएआई के साथ इस बड़ी पार्टनरशिप के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि खेल और तकनीक का मेल आने वाले दिनों में कुछ ऐसा सामने लाएगा जो आम लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।
जीपीटी-6 और एस्ट्रा तकनीक से बदलेगा यूजर का अनुभव
ओपनएआई के इस नए मॉडल को जीपीटी-6 एस्ट्रा नाम भी दिया गया है। कंपनी का दावा है कि इसका नया यूजर इंटरफेस पुराने सभी वर्जन से बहुत अलग है। इसमें स्क्रीन पर दिखने वाले बटन, कमांड और चैट का तरीका पूरी तरह बदल दिया गया है। जब कोई यूजर सवाल पूछता है, तो यह सिस्टम तुरंत समझ जाता है कि उसे कोड चाहिए, कोई फोटो चाहिए या फिर कोई लंबा लेख लिखना है। यह सब कुछ एक ही स्क्रीन पर बिना किसी मुश्किल मेनू के मिल जाता है।
बाजार के जानकारों का मानना है कि सचिन तेंदुलकर के इस प्रोजेक्ट से जुड़ने के बाद भारत में एआई टूल्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ेगा। देश के करोड़ों युवा जो सचिन को अपना आदर्श मानते हैं, वे अब इस नई तकनीक से आसानी से जुड़ सकेंगे। टेक कंपनियों के बीच चल रही इस होड़ में ओपनएआई का यह नया कदम ग्राहकों को अपनी ओर खींचने में कितना कामयाब होता है, यह आने वाला वक्त ही तय करेगा।
आम यूजर्स के लिए क्या बदला है इस नए अपडेट में?
आम आदमी की भाषा में समझें तो चैटजीपीटी अब और ज्यादा स्मार्ट हो गया है। पहले जहां लंबे पैराग्राफ पढ़ने होते थे, वहीं अब इंटेलिजेंट यूआई की मदद से जरूरी जानकारी स्क्रीन के सबसे ऊपर साफ शब्दों में दिखाई देती है। मोबाइल फोन और कंप्यूटर दोनों पर ही यह नया वर्जन बहुत तेजी से काम कर रहा है। इंटरनेट की धीमी स्पीड होने पर भी इसके रिस्पॉन्स देने की क्षमता को बेहतर किया गया है।
द फ्रीलान्स की इस पड़ताल से यह साफ है कि ओपनएआई लगातार अपनी तकनीक को आम आदमी के ज्यादा से ज्यादा करीब ला रहा है। सचिन तेंदुलकर की इस नई साझेदारी ने इस पूरी खबर को और भी खास बना दिया है। आने वाले हफ्तों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ये दोनों मिलकर भारतीय बाजार के लिए कौन सा नया और अनोखा उत्पाद लेकर आते हैं।




