रेनो ट्राइबर टर्बो की एंट्री से 7-सीटर सेगमेंट में बढ़ी हलचल
भारतीय कार बाजार में किफायती और स्पेशियस फैमिली कारों की मांग हमेशा से शीर्ष पर रही है। खासकर जब बात 7-सीटर सेगमेंट की आती है, तो मध्यमवर्गीय परिवारों के सामने हमेशा से विकल्पों की कमी खलती रही है। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए फ्रांसीसी कार निर्माता कंपनी रेनो ने अपनी बहुप्रतीक्षित रेनो ट्राइबर टर्बो (Renault Triber Turbo) को भारतीय ग्राहकों के सामने पेश कर दिया है। इस नई पेशकश से उन लोगों को बड़ी राहत मिली है जो कम कीमत में एक दमदार और आधुनिक फीचर्स से लैस फैमिली कार खरीदना चाहते थे।
पारंपरिक रूप से ट्राइबर अपनी बेहतरीन स्पेस मैनेजमेंट और कम कीमत के लिए जानी जाती थी, लेकिन इसके पिछले वर्जन में इंजन की क्षमता को लेकर अक्सर शिकायतें सामने आती थीं। फुल लोड होने पर गाड़ी थोड़ी सुस्त महसूस होती थी। कंपनी ने ग्राहकों की इस पुरानी शिकायत का समाधान करते हुए अब इसमें पावरफुल टर्बो इंजन जोड़ दिया है। बाजार में आते ही इस गाड़ी ने सीधे तौर पर देश की सबसे लोकप्रिय 7-सीटर कार मारुति सुजुकी अर्टिगा को कड़ी टक्कर देना शुरू कर दिया है।
ऑटोमोबाइल सेक्टर के जानकारों का मानना है कि यह नया मॉडल उन परिवारों के लिए वरदान साबित हो सकता है जो बड़ी गाड़ियां पसंद तो करते हैं, लेकिन उनका बजट प्रीमियम सेगमेंट की अनुमति नहीं देता। कॉम्पैक्ट साइज में बेहतरीन इंटीरियर स्पेस देने के कारण इस गाड़ी ने कम समय में ही खरीदारों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
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इंजन और परफॉर्मेंस: अब रफ्तार और पावर का मिलेगा परफेक्ट मेल
किसी भी वाहन की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उसका दिल यानी इंजन कितना दमदार है। रेनो ने इस बार इस मोर्चे पर बड़ा बदलाव किया है। नई ट्राइबर टर्बो में 1.0-लीटर का 3-सिलेंडर टर्बो-पेट्रोल इंजन दिया गया है, जिसे कंपनी ने अपनी अन्य लोकप्रिय गाड़ी काइगर में भी इस्तेमाल किया है। यह नया इंजन करीब 100 पीएस की दमदार पावर और 180 एनएम का शानदार टॉर्क पैदा करने में सक्षम है।
पुराने मॉडल की तुलना में यह अपग्रेड गाड़ी की चाल और पिकअप में साफ तौर पर महसूस होता है। हाईवे पर गाड़ी दौड़ाते समय अब चालकों को ओवरटेकिंग में किसी प्रकार की हिचकिचाहट महसूस नहीं होगी। कंपनी फिलहाल इस टर्बो वेरिएंट को केवल मैनुअल गियरबॉक्स के साथ ही उपलब्ध करा रही है, जो ड्राइविंग प्रेमियों को काफी पसंद आ रहा है। इसके साथ ही, बेहतर माइलेज का दावा भी इसे ईंधन खर्च के मामले में किफायती बनाता है।
"भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में ग्राहकों की जरूरतें तेजी से बदल रही हैं। लोग अब बजट में एडवांस्ड फीचर्स और बेहतर पावर चाहते हैं। रेनो ट्राइबर टर्बो का आना इस दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक कदम है।" — ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट
मारुति सुजुकी अर्टिगा से तुलना: कीमत और साइज का पूरा गणित
जब भी देश में 7-सीटर कारों की चर्चा होती है, मारुति सुजुकी अर्टिगा का नाम सबसे पहले जुबान पर आता है। अर्टिगा लंबे समय से इस सेगमेंट की बेताज बादशाह रही है। नई रेनो ट्राइबर टर्बो की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 7.84 लाख रुपये रखी गई है, जबकि इसकी मुख्य प्रतिद्वंद्वी मारुति अर्टिगा की शुरुआती कीमत लगभग 8.90 लाख रुपये से शुरू होती है। इस प्रकार, ट्राइबर टर्बो अपने प्रतिद्वंद्वी से करीब 1 लाख रुपये सस्ती है।
आकार के मामले में दोनों गाड़ियों में बड़ा अंतर देखने को मिलता है। मारुति अर्टिगा की लंबाई 4395 एमएम है, जो इसे एक फुल-साइज एमपीवी बनाती है। वहीं दूसरी ओर, रेनो ट्राइबर की लंबाई महज 3985 एमएम है। इसके बावजूद, रेनो ने केबिन के भीतर अंतरिक्ष का ऐसा जादू बिखेरा है कि इसकी किसी भी पंक्ति में बैठने वाले यात्रियों को घुटन महसूस नहीं होती।
यदि आपके परिवार में सदस्यों की संख्या ज्यादा है और आपको नियमित रूप से लंबी यात्राओं पर सभी को लेकर जाना होता है, तो मारुति अर्टिगा का बड़ा 1.5-लीटर इंजन और विशाल आकार आपके लिए ज्यादा मुफीद रहेगा। लेकिन यदि आपकी जरूरतें कभी-कभार 7 सीटों वाली होती हैं और आप शहर की तंग गलियों में आसानी से चलने वाली छोटी कार चाहते हैं, तो ट्राइबर बाजी मार लेती है।
केबिन के भीतर आधुनिक फीचर्स और इंटीरियर का कमाल
गाड़ी के बाहरी लुक के साथ-साथ उसका इंटीरियर भी ग्राहकों को आकर्षित करने में अहम भूमिका निभाता है। रेनो ट्राइबर टर्बो के केबिन में प्रवेश करते ही आपको एक प्रीमियम अहसास होता है। इसमें नया टेक्सचर फिनिश वाला एसी वेंट पैनल दिया गया है जो केबिन की खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देता है। इसके अलावा, मनोरंजन और कनेक्टिविटी के लिए इसमें 8 इंच का बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलता है।
ड्राइवर की सुविधा के लिए इसमें 7 इंच का पूरी तरह से डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले लगाया गया है, जिस पर गाड़ी से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां साफ-साफ दिखाई देती हैं। सीटों की बनावट और उनकी फ्लेक्सिबिलिटी इस कार की सबसे बड़ी यूएसपी है। जरूरत पड़ने पर आप पीछे वाली सीटों को आसानी से हटा या मोड़ सकते हैं, जिससे बूट स्पेस को जरूरत के मुताबिक बढ़ाया जा सकता है।
सुरक्षा के लिहाज से भी कार में जरूरी मानकों का ध्यान रखा गया है। एयरबैग्स, एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS), और रियर पार्किंग सेंसर जैसे फीचर्स इसे एक सुरक्षित परिवारिक गाड़ी बनाते हैं। हालांकि, सीएनजी का विकल्प चाहने वाले ग्राहकों को फिलहाल डीलर स्तर पर ही फिटिंग का सहारा लेना होगा क्योंकि कंपनी अभी टर्बो इंजन के साथ सीधे सीएनजी विकल्प नहीं दे रही है।
ऑटो लोन और आसान ईएमआई का पूरा वित्तीय खाका
यदि आप इस गाड़ी को खरीदने का मन बना रहे हैं और अपने बजट को मैनेज करना चाहते हैं, तो ऑटो लोन के विकल्प आपके लिए मददगार साबित हो सकते हैं। मान लीजिए कि आप रेनो ट्राइबर टर्बो के इवोल्यूशन वेरिएंट को चुनते हैं और लगभग 85,000 रुपये का डाउन पेमेंट करने के बाद बैंक से 7 लाख रुपये का कार लोन लेते हैं, तो आपके सामने विभिन्न ब्याज दरों और अवधियों के विकल्प खुल जाते हैं।
उदाहरण के तौर पर, यदि आप 9% वार्षिक ब्याज दर पर 5 साल के लिए 7 लाख रुपये का लोन लेते हैं, तो आपकी मासिक किस्त (EMI) लगभग 14,531 रुपये के आसपास बनेगी। यदि आप टेन्योर को बढ़ाकर 7 साल कर देते हैं, तो यह किस्त घटकर करीब 11,262 रुपये प्रति माह रह जाएगी। विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों में ब्याज दरों में मामूली अंतर हो सकता है, इसलिए लोन लेने से पहले सभी ऑफर्स की तुलना जरूर कर लेनी चाहिए।
निष्कर्ष के तौर पर कहा जा सकता है कि यदि आपका बजट सीमित है, आप शहर में रोजाना ड्राइविंग के साथ-साथ कभी-कभार बड़े परिवार को बैठाने के लिए गाड़ी चाहते हैं, तो रेनो ट्राइबर टर्बो एक बेहतरीन और किफायती सौदा साबित हो सकती है। वहीं, अगर आपको विशुद्ध रूप से लंबी दूरी की यात्राओं के लिए बड़ी फैमिली कार चाहिए, तो मारुति अर्टिगा पर विचार किया जा सकता है।




