नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — दुनिया के सबसे संवेदनशील जलमार्गों में शुमार ब्लैक सी एक बार फिर सुलग उठा है। यहां से एक बेहद डरावनी और तनाव बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। भारतीय नाविकों वाले एक तेल टैंकर पर यूक्रेनी ड्रोन ने सीधा हमला बोल दिया है। पिछले 48 घंटों के भीतर इस जहाज को लगातार तीसरी बार निशाना बनाया गया है। इस खतरनाक हमले के बाद समंदर में तैनात सुरक्षा एजेंसियों और भारत में बैठे परिजनों की सांसें अटक गई हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जब यह हमला हुआ तब टैंकर ब्लैक सी के पानी में आगे बढ़ रहा था। अचानक आसमान से आए एक ड्रोन ने तेल टैंकर को अपनी चपेट में ले लिया। राहत की बात यह है कि इस गंभीर हादसे के बावजूद जहाज पर सवार सभी तेईस क्रू मेंबर पूरी तरह सुरक्षित हैं। पोत के नियंत्रण कक्ष में बैठे अधिकारियों ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और स्थिति को संभाला। जहाज को कितना नुकसान हुआ है, इसका सटीक आकलन अभी किया जा रहा है।
ब्लैक सी में लगातार बढ़ रहा है समुद्री तनाव
युद्ध के मैदान से दूर अब समंदर की लहरों पर भी जंग का साया गहराता जा रहा है। ब्लैक सी का यह इलाका पिछले कई महीनों से अंतरराष्ट्रीय नौवहन के लिए बेहद खतरनाक बन चुका है। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष का असर अब सीधे तौर पर मालवाहक जहाजों और वहां काम करने वाले आम नाविकों पर पड़ रहा है। लगातार दूसरे दिन हुए इस हमले ने साबित कर दिया है कि इस रूट से गुजरना अब किसी बड़े जोखिम से खाली नहीं बचा है।
अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा नियमों के जानकारों का कहना है कि यह हमला रणनीतिक लिहाज से बहुत अहम है। तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। इस जहाज पर भारतीय नाविकों की मौजूदगी के चलते भारत सरकार और संबंधित एजेंसियां भी पूरे घटनाक्रम पर बेहद बारीकी से नजर बनाए हुए हैं। नाविकों के परिवारों को लगातार संपर्क में रहकर स्थिति की जानकारी दी जा रही है ताकि किसी भी तरह की अफवाह से बचा जा सके।
जहाज पर सवार क्रू मेंबर और उनकी सुरक्षा
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ी राहत की खबर यह है कि जहाज पर मौजूद सभी तेईस लोग सुरक्षित हैं। तकनीकी खराबी और आग लगने के खतरे को टालने के लिए पोत के इंजीनियरों और कर्मचारियों ने तुरंत आपातकालीन प्रोटोकॉल लागू कर दिए थे। गनीमत यह रही कि ड्रोन का निशाना चूक गया या फिर सुरक्षा प्रणालियों ने समय रहते बड़े नुकसान को रोक लिया। इसके बावजूद नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं।
समुद्री मामलों के जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस रूट पर चलने वाले जहाजों को और अधिक सतर्क रहना होगा। ब्लैक सी के रास्ते तेल और अन्य जरूरी सामानों की ढुलाई करने वाली कंपनियों को अपनी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना होगा। भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कूटनीतिक स्तर पर भी बातचीत तेज होने की पूरी उम्मीद है ताकि हमारे नागरिक सुरक्षित अपने घर लौट सकें।
आगे की रणनीति और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की नजर
इस ताजा हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन और यूरोपीय सुरक्षा बल भी हरकत में आ गए हैं। ब्लैक सी में जहाजों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी अनहोनी को समय रहते रोका जा सके। तेल टैंकर पर हुए इन लगातार हमलों की गूंज कूटनीतिक गलियारों में भी साफ सुनाई दे रही है।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड टीम इस पूरे मामले पर लगातार अपडेट ले रही है। नाविकों के परिवारों और कंपनी के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, फिलहाल जहाज को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के प्रयास जारी हैं। युद्ध की विभीषिका के बीच आम नाविकों की जान जोखिम में पड़ना एक बड़ा मानवीय संकट बनता जा रहा है, जिसपर दुनिया भर की नजर टिकी हुई है।





