मॉस्को से एक बड़ी और डराने वाली खबर सामने आ रही है। रूस में प्लेग जैसी खतरनाक बीमारी का खतरा फिर से मंडराने लगा है। एक प्रयोगशाला में काम करने वाले कर्मचारी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई है। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। एहतियात के तौर पर दो सौ से ज्यादा लोगों को कड़ी निगरानी में रखा गया है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह मामला सीधे तौर पर एक रिसर्च लैब से जुड़ा है। मृत कर्मचारी इसी लैब में काम करता था। मौत के बाद प्रशासन ने तुरंत ऐक्शन लेते हुए संपर्क में आए लोगों की तलाश शुरू कर दी। इन सभी लोगों को आइसोलेशन या कड़ी निगरानी में रखा गया है ताकि संक्रमण आगे न फैले। अस्पतालों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए गए हैं।
अस्पतालों में मास्क और सख्त चेकलिस्ट लागू
रूस के प्रभावित इलाकों के अस्पतालों में अब नए नियम लागू कर दिए गए हैं। डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को विशेष निर्देश दिए गए हैं। मरीजों की जांच के लिए एक नई चेकलिस्ट बनाई गई है। हर आने वाले मरीज की कड़ी स्क्रीनिंग की जा रही है। अस्पताल परिसर में मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह के संक्रमण को समय पर रोका जा सके।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि स्थिति अभी नियंत्रण में है। लेकिन किसी भी तरह की लापरवाही से बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि क्या यह लैब से जुड़ा कोई बड़ा हादसा है या फिर किसी पुरानी बीमारी का नया रूप।
दो सौ से ज्यादा लोगों की लगातार हो रही जांच
प्रशासन ने उन सभी दो सौ से ज्यादा लोगों की सूची तैयार कर ली है जो मृतक के संपर्क में आए थे। इन सबकी लगातार मेडिकल जांच की जा रही है। उनके शरीर के तापमान और अन्य लक्षणों पर डॉक्टर नजर रखे हुए हैं। किसी भी व्यक्ति में हल्के लक्षण दिखने पर उसे तुरंत अलग वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा है। सरकार का मुख्य मकसद इस संक्रमण को शहर के बाकी हिस्सों तक फैलने से रोकना है।
आम जनता के बीच भी इस खबर के बाद डर का माहौल है। लोग सोशल मीडिया और स्थानीय खबरों के जरिए पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। हालांकि सरकार ने साफ किया है कि पैनिक होने की जरूरत नहीं है। सभी जरूरी कदम उठाए जा चुके हैं और स्थिति की हर घंटे समीक्षा की जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की कड़ी नजर और आगे की चेतावनी
इस पूरी घटना ने एक बार फिर दुनिया भर की वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या संवेदनशील बीमारियों पर काम करने वाले संस्थानों में सुरक्षा नियमों का पालन ठीक से हो रहा है? यह सवाल अब जोर-शोर से पूछा जा रहा है। रूस के इस मामले ने वैश्विक स्वास्थ्य संगठनों को भी सतर्क कर दिया है ताकि समय रहते कोई बड़ा संकट टाला जा सके। द फ्रीलान्स की टीम इस मामले से जुड़े हर नए अपडेट पर लगातार नजर बनाए हुए है।






