नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश के सर्राफा बाजार में आज दोपहर के बाद सोने की कीमतों में अचानक बड़ी गिरावट देखने को मिली है। वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों को लेकर चल रही चर्चाओं और घरेलू मुद्रा बाजार में रुपये की स्थिति ने मिलकर सोने के बढ़ते दामों पर लगाम लगा दी है। सुबह के समय बाजार में तेजी का रुख था लेकिन दोपहर ढलते ही कीमतों में अचानक नरमी आ गई। इससे उन लोगों को राहत मिली है जो लगातार महंगे होते सोने के कारण अपनी खरीदारी टाल रहे थे।
बाजार के जानकारों का कहना है कि दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों को लेकर लिए जाने वाले फैसलों का सीधा असर सोने और चांदी पर पड़ रहा है। पिछले कुछ हफ्तों से निवेशकों की नजरें ब्याज दरों की हर एक चाल पर टिकी हुई हैं। इसके कारण सोने के दाम कभी आसमान छू रहे थे तो कभी अचानक नीचे आ रहे थे। आज दोपहर के कारोबार में भी यही उतार-चढ़ाव साफ तौर पर देखा गया जब अचानक बिकवाली का दबाव बढ़ गया।
मजबूत रुपये ने थामी महंगाई की रफ्तार
इस पूरी उथल-पुथल के बीच भारतीय रुपये ने गजब की मजबूती दिखाई और सोने की कीमतों को और अधिक बढ़ने से रोक लिया। डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति सुधरने से आयात सस्ता हुआ है जिसका सीधा फायदा घरेलू बाजार को मिला है। अगर रुपया कमजोर होता तो वैश्विक बाजारों में मची हलचल के कारण सोने के दाम आज और भी ज्यादा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकते थे। रुपये की इस ढाल ने आम खरीदार की जेब पर पड़ने वाले बड़े बोझ को फिलहाल टाल दिया है।
स्थानीय सर्राफा कारोबारियों का मानना है कि जब भी ब्याज दरों और मुद्रास्फीति को लेकर अनिश्चितता बढ़ती है, लोग सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की तरफ भागते हैं। मांग अचानक बढ़ने से कीमतें तेजी से ऊपर जाती हैं। लेकिन आज दोपहर जैसे ही रुपये ने अपनी स्थिति मजबूत की, वैसे ही सट्टेबाजों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। इससे कीमतों में तुरंत नीचे की तरफ का रुख बन गया और दाम कुछ हद तक नीचे आ गए।
खरीदारों के लिए बाजार में क्या है स्थिति
सोने के गहने खरीदने की सोच रहे आम ग्राहकों के लिए यह समय काफी असमंजस वाला बना हुआ है। बाजार के विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में केंद्रीय बैंकों की बैठकों और ब्याज दरों पर आने वाले बयानों से दिशा तय होगी। यदि ब्याज दरों में कटौती का दौर शुरू होता है तो सोने में फिर से तेजी लौट सकती है। वहीं अगर ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं तो कीमतों में सुस्ती या गिरावट का यह दौर आगे भी जारी रह सकता है।
द फ्रीलान्स की टीम ने पुरानी दिल्ली के मुख्य सर्राफा बाजार का दौरा किया जहां दुकानदारों ने बताया कि ग्राहक अभी भी भाव गिरने का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि दोपहर की इस गिरावट के बाद कुछ हद तक फुटकर खरीदारी में तेजी जरूर देखने को मिली है। लोग छोटे सिक्के और हल्के जेवर खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं ताकि जोखिम कम से कम रखा जा सके।
निवेशकों और आम जनता के लिए जरूरी सलाह
वित्तीय जानकारों की सलाह है कि मौजूदा हालात में सोने में एकमुश्त पैसा लगाने से बचना चाहिए। चूंकि ब्याज दरों और अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों में रोज नए बदलाव आ रहे हैं, इसलिए धीरे-धीरे और किस्तों में निवेश करना ही समझदारी होगी। आम जनता को भी सलाह दी जाती है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक बाजार भाव देखकर ही खरीदारी का फैसला करें।



