नई दिल्ली के सर्राफा बाजार से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। भारत में सोने और चांदी के दाम आसमान छू रहे हैं। आज बाजार खुलते ही कीमती धातुओं में भारी उछाल दर्ज किया गया। चांदी की कीमत बढ़कर सीधे ₹2.38 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई है। वहीं दूसरी तरफ, 10 ग्राम सोने का दाम ₹3,212 बढ़कर ₹1.57 लाख तक पहुंच गया है। बाजार के जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह तेजी और भी आगे बढ़ सकती है।
सोने की कीमतों में आए इस जबरदस्त उछाल ने ग्राहकों की चिंता बढ़ा दी है। देश के कई बड़े शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव नए रिकॉर्ड बना रहा है। कई जगहों पर यह भाव ₹1 लाख 19 हजार के आंकड़े को पार कर चुका है। शादियों का सीजन और धनतेरस-दिवाली का त्योहार नजदीक है। ऐसे समय में सोने और चांदी का इतना महंगा होना आम आदमी की पहुंच से बाहर होता जा रहा है। लोग बाजार में रेट पूछकर मायूस लौट रहे हैं।
त्योहारी सीजन से पहले क्यों चमक रही है पीली धातु?
बाजार के जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार हो रहे बदलाव इसका मुख्य कारण हैं। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और वैश्विक स्तर पर तनाव के कारण निवेशक सोने को सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं। दुनिया भर के बड़े निवेशक सोने में जमकर पैसा लगा रहे हैं। इसी वजह से घरेलू बाजार में भी सोने और चांदी की मांग अचानक बहुत बढ़ गई है। मांग बढ़ने और सप्लाई कम होने से कीमतों में रोजाना नया उछाल आ रहा है।
स्थानीय सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि इस साल सोने के दाम ₹1.70 लाख तक भी जा सकते हैं। व्यापारियों के मुताबिक, त्योहारी मांग के चलते खुदरा खरीदार अब थोड़ा संभलकर खरीदारी कर रहे हैं। छोटे शहरों और कस्बों के बाजारों में पिछले साल के मुकाबले ग्राहकों की भीड़ थोड़ी कम नजर आ रही है। हालांकि, पारंपरिक खरीदार अब भी सोने में निवेश को सबसे सुरक्षित मान रहे हैं और छोटे टुकड़ों में खरीदारी जारी रखे हुए हैं.
चांदी ने तोड़े पुराने सभी रिकॉर्ड, निवेशकों में खलबली
सोने के साथ-साथ चांदी की चमक ने भी सबको हैरान कर दिया है। चांदी के भाव में एक ही दिन में ₹8,541 की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके साथ ही चांदी का नया भाव ₹2.38 लाख प्रति किलो तक पहुंच गया है। औद्योगिक मांग में तेजी और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में चांदी के इस्तेमाल बढ़ने से इसकी कीमतें तेजी से ऊपर जा रही हैं। सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक वाहनों में चांदी का उपयोग बहुत होता है, जिससे इसकी मांग कभी कम नहीं हो रही है।
आम जनता के लिए अब सोने-चांदी के गहने खरीदना बहुत मुश्किल हो गया है। मध्यम वर्गीय परिवार जो हर साल धनतेरस पर कुछ न कुछ नया खरीदते थे, वे इस बार बजट को लेकर काफी परेशान हैं। सर्राफा एसोसिएशन का सुझाव है कि ग्राहकों को खरीदारी से पहले अपने बजट की पूरी योजना बना लेनी चाहिए। हॉलमार्क और शुद्धता की जांच करके ही सोना खरीदें ताकि भविष्य में किसी प्रकार का नुकसान न उठाना पड़े।
बाजार में आगे क्या रह सकता है रुख?
आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में उथल-पुथल शांत नहीं होती, तब तक घरेलू स्तर पर कीमतें ऊंची बनी रहेंगी। अमेरिकी केंद्रीय बैंक के फैसलों पर भी सर्राफा बाजार की पैनी नजर बनी हुई है। यदि ब्याज दरों में कटौती होती है, तो सोने की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार के उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखकर ही अपने निवेश के फैसले लें।



