नई दिल्ली के जीएसटी भवन में आज से काउंसिल की 57वीं अहम बैठक शुरू हो चुकी है। इस उच्च स्तरीय बैठक में देश भर के व्यापारिक ढांचे को प्रभावित करने वाले कई बड़े फैसलों पर चर्चा हो रही है। केंद्रीय वित्त मंत्री की अध्यक्षता में हो रही इस बैठक में राज्यों के वित्त मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी हिस्सा ले रहे हैं। बैठक का मुख्य एजेंडा आम आदमी और व्यापारियों को टैक्स प्रक्रिया में राहत देना और नियमों को ज्यादा आसान बनाना है।
बैठक के दौरान कर नियमों में होने वाले बदलावों पर सबसे ज्यादा फोकस किया जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में कारोबारियों की तरफ से लगातार शिकायतें आ रही थीं कि पुराने नियमों के कारण व्यापार करने में मुश्किलें आ रही हैं। इसे देखते हुए काउंसिल ने कई मदों पर टैक्स दरों की समीक्षा शुरू कर दी है। इसके अलावा, देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रतिनिधि भी अपने राज्यों की खास आर्थिक जरूरतों को इस बैठक के सामने रख रहे हैं।
व्यापारियों को बड़ी राहत देने की तैयारी
व्यापार जगत की लंबे समय से मांग रही है कि कर अधिकारियों के पास मौजूद असीमित अधिकारों पर लगाम लगाई जाए। सूत्रों के अनुसार, आज की बैठक में जीएसटी अधिकारियों द्वारा की जाने वाली गिरफ्तारी के नियमों में बड़ा बदलाव हो सकता है। काउंसिल इस बात पर विचार कर रही है कि आपराधिक कार्रवाई की सीमा को बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये कर दिया जाए। अगर ऐसा होता है तो छोटे और मझोले कारोबारियों को बेवजह की कानूनी कार्रवाई और डर से बड़ी राहत मिलेगी।
विभिन्न राज्यों के नेता भी इस बैठक में अपनी बात मजबूती से रख रहे हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार समेत कई राज्यों के प्रतिनिधि इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं। राज्यों का यह मानना है कि कर संग्रहण प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए और केंद्र तथा राज्यों के बीच समन्वय बेहतर होना चाहिए ताकि किसी भी कारोबारी का अनावश्यक उत्पीड़न न हो सके।
इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 और डिजिटल अर्थव्यवस्था
इस बैठक के साथ-साथ देश में तकनीक और व्यापार से जुड़े अन्य बड़े आयोजनों पर भी चर्चा हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 का उद्घाटन करने वाले हैं। इसे ध्यान में रखते हुए डिजिटल अर्थव्यवस्था और तकनीकी सेवाओं पर लगने वाले करों की भी समीक्षा की जा रही है। डिजिटल माध्यमों से होने वाले व्यापार को बढ़ावा देने के लिए काउंसिल कुछ नई रियायतें देने पर भी विचार कर रही है।
बैठक के आखिरी चरण में सभी प्रस्तावों पर वोटिंग या आम सहमति बनाई जाएगी। आज शाम तक इन सभी बैठकों के बाद एक आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस होने की उम्मीद है जिसमें लिए गए फैसलों की पूरी जानकारी दी जाएगी। देश के करोड़ों व्यापारी इस समय टकटकी लगाए बैठे हैं कि सरकार उनके कारोबार को आसान बनाने के लिए क्या और कितने बड़े कदम उठाती है।
जीएसटी काउंसिल के आगामी फैसले और बाजार का रुख
द फ्रीलान्स की ग्राउंड टीम लगातार वित्त मंत्रालय और बैठक स्थल के बाहर से पल-पल की अपडेट ले रही है। जानकारों का मानना है कि अगर गिरफ्तारी के अधिकार की सीमा पांच करोड़ रुपये की जाती है तो यह अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक कदम होगा। इससे बाजार में विश्वास बढ़ेगा और व्यापारी खुलकर निवेश कर सकेंगे। आने वाले दिनों में इन फैसलों का असर सीधे तौर पर आम आदमी की जेब और बाजार की कीमतों पर दिखाई देगा।







