विज्ञापन • ADVERTISEMENT
होम/व्यापार/ब्याज दरें बढ़ने के बाद होम लोन ग्राहक असमंजस में: EMI बढ़ाएं या लोन का टेन्योर लंबा करें? जानिए क्या है सही फैसला
व्यापारपढ़ने में समय: 4 मिनट

ब्याज दरें बढ़ने के बाद होम लोन ग्राहक असमंजस में: EMI बढ़ाएं या लोन का टेन्योर लंबा करें? जानिए क्या है सही फैसला

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में बढ़ोतरी के बाद फ्लोटिंग रेट होम लोन लेने वाले ग्राहक असमंजस में हैं कि वे बढ़ी हुई ईएमआई का भुगतान करें या लोन की अवधि बढ़ाएं। जानकारों का कहना है कि अवधि बढ़ाने से कुल ब्याज का बोझ काफी बढ़ जाता है, इसलिए वित्तीय स्थिति के अनुसार सही विकल्प चुनना जरूरी है।
✍️
बिजनेस एवं मार्केट डेस्क, द फ्रीलांस
अर्थव्यवस्था व बाजार ब्यूरो•8 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•48
🌐Read in English →
शेयर करें:
ब्याज दरें बढ़ने के बाद होम लोन ग्राहक असमंजस में: EMI बढ़ाएं या लोन का टेन्योर लंबा करें? जानिए क्या है सही फैसला
📷 ब्याज दरें बढ़ने के बाद होम लोन ग्राहक असमंजस में: EMI बढ़ाएं या लोन का टेन्योर लंबा करें? जानिए क्या है सही फैसला — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी से फ्लोटिंग रेट होम लोन की लागत बढ़ गई है।
  • लोन का टेन्योर बढ़ाने से शुरुआती राहत मिलती है, लेकिन लंबी अवधि में कुल ब्याज भुगतान बहुत ज्यादा हो जाता है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आर्थिक स्थिति अनुमति दे, तो उच्च ईएमआई चुनना लंबी अवधि में किफायती साबित होता है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में बढ़ोतरी किए जाने के बाद से होम लोन लेने वाले करोड़ों ग्राहकों के मन में एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। क्या उन्हें अपनी लोन की मासिक किस्त (EMI) बढ़ानी चाहिए या फिर लोन चुकाने की अवधि (Tenure) को लंबा करना चाहिए? रेपो रेट में बदलाव के बाद बैंक आमतौर पर ग्राहकों के सामने यही दो मुख्य विकल्प रखते हैं, और सही फैसला न ले पाने की स्थिति में ग्राहकों को जेब ढीली करनी पड़ सकती है।

ज्यादा ईएमआई देना या टेन्योर बढ़ाना: क्या है बेहतर?

जब फ्लोटिंग-रेट होम लोन महंगा हो जाता है, तो कर्ज लेने वालों के पास मुख्य रूप से दो ही रास्ते बचते हैं। पहला यह कि वे बढ़ी हुई ईएमआई देना स्वीकार कर लें और मूल अवधि को बनाए रखें। दूसरा विकल्प यह होता है कि मौजूदा ईएमआई को लगभग स्थिर रखा जाए और लोन की अवधि बढ़ा दी जाए।

विशेषज्ञों का मानना है कि जिन उधारकर्ताओं के पास पर्याप्त मासिक बजट और वित्तीय क्षमता है, उनके लिए उच्च ईएमआई का भुगतान करना आमतौर पर एक सस्ता विकल्प होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि लोन की अवधि बढ़ाने से बैंक को पूरी लोन अवधि के दौरान चुकाया जाने वाला कुल ब्याज बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। हालांकि, जिन परिवारों का मासिक खर्च पहले से ही सीमित है, उनके लिए अचानक ईएमआई बढ़ाना तनावपूर्ण हो सकता है, ऐसे में वे मजबूरी में टेन्योर बढ़ाने का विकल्प चुनते हैं।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

गणित को समझिए: उदाहरण से जानें असर

इसे एक उदाहरण से आसानी से समझा जा सकता है। मान लीजिए किसी ने 25 सालों के लिए 7.5% की ब्याज दर पर 40 लाख रुपये का होम लोन लिया है, तो उसकी ईएमआई लगभग 29,559 रुपये बनती है। यदि ब्याज दरें 25 बीपीएस बढ़कर 7.75% हो जाती हैं, तो ईएमआई बढ़कर लगभग 30,213 रुपये यानी हर महीने करीब 654 रुपये बढ़ जाती है।

यदि यह उच्च ब्याज दर पूरे 25 वर्षों तक बनी रहती है, तो कुल ब्याज भुगतान लगभग 48.68 लाख रुपये से बढ़कर 50.64 लाख रुपये हो जाएगा। इसका सीधा मतलब है कि आपको सिर्फ ब्याज के रूप में लगभग 1.96 लाख रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे। यदि आप इसके बजाय लोन का टेन्योर बढ़ा देते हैं, तो यह लागत और भी अधिक हो सकती है।

विशेषज्ञों की सलाह और प्री-पेमेंट का विकल्प

बैंकबाजार के सीईओ अधिल शेट्टी का कहना है कि होम लोन की लागत इस बात पर निर्भर करती है कि बैंक बदलाव को कैसे लागू करते हैं। कई संस्थान ईएमआई को स्थिर रखने के लिए सीधे तौर पर लोन की अवधि बढ़ा देते हैं, जो दिखने में आसान लगता है लेकिन समय के साथ काफी महंगा साबित होता है।

इससे बचने का एक बेहतरीन तरीका समय-समय पर प्री-पेमेंट (अग्रिम भुगतान) करना है। कर्जदारों को अपने बैंक से संपर्क करके यह स्पष्ट करना चाहिए कि ब्याज दरों में बदलाव का उनकी किस्त पर क्या असर पड़ रहा है। हर साल थोड़ा-थोड़ा अतिरिक्त भुगतान करने से लंबी अवधि में ब्याज के भारी बोझ को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

डिस्क्लेमर एवं साभार

वित्तीय बाजारों और लोन दरों से जुड़े इस विश्लेषण का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी देना है। किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले अपने बैंक या वित्तीय सलाहकार से व्यक्तिगत परामर्श अवश्य लें। 'The Freelance' किसी भी प्रकार के आर्थिक नुकसान के लिए उत्तरदायी नहीं है।

प्रायोजित • SPONSORED
❤️
100% पाठक समर्थित मीडिया

निष्पक्ष व निडर पत्रकारिता को आपका साथ चाहिए

द फ्रीलांस बिना किसी कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव के जनसरोकार की खबरें आप तक पहुँचाता है। आपका छोटा सा योगदान भी हमारी स्वतंत्रता की ताकत है।

संबंधित खबरें

महंगाई का झटका: चार साल में पहली बार रिजर्व बैंक ने बढ़ाया रेपो रेट, अब महंगे होंगे होम और कार लोन

महंगाई का झटका: चार साल में पहली बार रिजर्व बैंक ने बढ़ाया रेपो रेट, अब महंगे होंगे होम और कार लोन

RBI Policy: रिजर्व बैंक ने मौद्रिक नीति में दिए बड़े संकेत, जानें आपकी होम और ऑटो लोन ईएमआई पर क्या असर पड़ेगा

RBI Policy: रिजर्व बैंक ने मौद्रिक नीति में दिए बड़े संकेत, जानें आपकी होम और ऑटो लोन ईएमआई पर क्या असर पड़ेगा

ब्याज दरों पर भारतीय रिजर्व बैंक के नए फैसलों से बाजार में हलचल, क्या कर्ज होगा महंगा?

ब्याज दरों पर भारतीय रिजर्व बैंक के नए फैसलों से बाजार में हलचल, क्या कर्ज होगा महंगा?

शेयर बाजार में तबाही के संकेत: जापान से कोरिया तक कोहराम, जानिए आज सेंसेक्स-निफ्टी पर आरबीआई के फैसले का कितना होगा असर

शेयर बाजार में तबाही के संकेत: जापान से कोरिया तक कोहराम, जानिए आज सेंसेक्स-निफ्टी पर आरबीआई के फैसले का कितना होगा असर

शेयर बाजार में बड़ा भूचाल: मंगलवार की कमाई एक दिन में साफ, निवेशकों को हुआ भारी नुकसान

शेयर बाजार में बड़ा भूचाल: मंगलवार की कमाई एक दिन में साफ, निवेशकों को हुआ भारी नुकसान

ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव और गिरते सोने के दाम, भारतीय मुद्रा ने बचाई आम आदमी की गाढ़ी कमाई

ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव और गिरते सोने के दाम, भारतीय मुद्रा ने बचाई आम आदमी की गाढ़ी कमाई

ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय मुद्रा ने संभाला बाजार, सोने की कीमतों में आई भारी गिरावट

ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय मुद्रा ने संभाला बाजार, सोने की कीमतों में आई भारी गिरावट

एनआईसीएल में सरकारी नौकरी का बड़ा मौका, प्रशासनिक अधिकारी और असिस्टेंट पदों के लिए आवेदन शुरू

एनआईसीएल में सरकारी नौकरी का बड़ा मौका, प्रशासनिक अधिकारी और असिस्टेंट पदों के लिए आवेदन शुरू

✍️

बिजनेस एवं मार्केट डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

अर्थव्यवस्था, शेयर बाजार, बजट व पर्सनल फाइनेंस टीम

द फ्रीलांस की बिजनेस डेस्क भारतीय अर्थव्यवस्था, शेयर बाजार, बजट, महंगाई, बैंकिंग, स्टार्टअप्स और आम नागरिक के घरेलू बजट पर पड़ने वाले नीतिगत प्रभावों का गहन डेटा-आधारित विश्लेषण करती है। हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की जाती है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित विजुअल स्टोरीज (Web Stories)

TAP TO VIEW

‘home loan’ व व्यापार से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें

महंगाई का झटका: चार साल में पहली बार रिजर्व बैंक ने बढ़ाया रेपो रेट, अब महंगे होंगे होम और कार लोनBUSINESS

महंगाई का झटका: चार साल में पहली बार रिजर्व बैंक ने बढ़ाया रेपो रेट, अब महंगे होंगे होम और कार लोन

8 अक्टू॰29
RBI Policy: रिजर्व बैंक ने मौद्रिक नीति में दिए बड़े संकेत, जानें आपकी होम और ऑटो लोन ईएमआई पर क्या असर पड़ेगाBUSINESS

RBI Policy: रिजर्व बैंक ने मौद्रिक नीति में दिए बड़े संकेत, जानें आपकी होम और ऑटो लोन ईएमआई पर क्या असर पड़ेगा

18 सित॰30
ब्याज दरों पर भारतीय रिजर्व बैंक के नए फैसलों से बाजार में हलचल, क्या कर्ज होगा महंगा?BUSINESS

ब्याज दरों पर भारतीय रिजर्व बैंक के नए फैसलों से बाजार में हलचल, क्या कर्ज होगा महंगा?

7 अक्टू॰26
शेयर बाजार में तबाही के संकेत: जापान से कोरिया तक कोहराम, जानिए आज सेंसेक्स-निफ्टी पर आरबीआई के फैसले का कितना होगा असरBUSINESS

शेयर बाजार में तबाही के संकेत: जापान से कोरिया तक कोहराम, जानिए आज सेंसेक्स-निफ्टी पर आरबीआई के फैसले का कितना होगा असर

8 अक्टू॰33
शेयर बाजार में बड़ा भूचाल: मंगलवार की कमाई एक दिन में साफ, निवेशकों को हुआ भारी नुकसानBUSINESS

शेयर बाजार में बड़ा भूचाल: मंगलवार की कमाई एक दिन में साफ, निवेशकों को हुआ भारी नुकसान

8 अक्टू॰25
ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव और गिरते सोने के दाम, भारतीय मुद्रा ने बचाई आम आदमी की गाढ़ी कमाईBUSINESS

ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव और गिरते सोने के दाम, भारतीय मुद्रा ने बचाई आम आदमी की गाढ़ी कमाई

8 अक्टू॰36
ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय मुद्रा ने संभाला बाजार, सोने की कीमतों में आई भारी गिरावटBUSINESS

ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय मुद्रा ने संभाला बाजार, सोने की कीमतों में आई भारी गिरावट

7 अक्टू॰29
एनआईसीएल में सरकारी नौकरी का बड़ा मौका, प्रशासनिक अधिकारी और असिस्टेंट पदों के लिए आवेदन शुरूBUSINESS

एनआईसीएल में सरकारी नौकरी का बड़ा मौका, प्रशासनिक अधिकारी और असिस्टेंट पदों के लिए आवेदन शुरू

8 अक्टू॰31
विज्ञापन • ADVERTISEMENT