पलामू में सनसनीखेज वारदात का खुलासा
झारखंड के पलामू जिले के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र में बीते दिनों हुई ओमप्रकाश सिंह उर्फ छोटू सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। अपराधियों ने सरेआम गोली मारकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया था, जिसके बाद से पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। अब जाकर इस मामले में एक के बाद एक कई अहम गिरफ्तारियां हुई हैं, जिससे इस खौफनाक साजिश की परतें खुलने लगी हैं।
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि यह पूरी घटना आपसी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई का नतीजा थी। अपराधियों ने बहुत ही योजनाबद्ध तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया था। घटना के बाद से ही आरोपी पुलिस की पकड़ से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहे थे, लेकिन पुलिस और विशेष जांच दल (एसआईटी) की मुस्तैदी के चलते वे ज्यादा दिनों तक कानून की गिरफ्त से दूर नहीं रह सके।
शराब कारोबार का वर्चस्व बना हत्या की मुख्य वजह
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ओमप्रकाश सिंह उर्फ छोटू सिंह की हत्या की मुख्य वजह अवैध शराब के कारोबार में वर्चस्व कायम करना था। मृतक और आरोपी पक्ष के बीच पिछले कुछ समय से इलाके में अपने रसूख को बढ़ाने और कारोबार पर कब्जा जमाने को लेकर लगातार तनाव चल रहा था। बात इतनी बढ़ गई कि आरोपियों ने खौफनाक कदम उठाते हुए छोटू सिंह को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।
दो सितंबर की रात जब छोटू सिंह जपला-दंगवार मुख्य मार्ग से गुजर रहे थे, तभी घात लगाए बैठे हमलावरों ने उनपर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। इस अचानक हुए हमले में उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के तुरंत बाद आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में कामयाब हो गए थे, जिससे स्थानीय लोगों में काफी रोष व्याप्त था।
विशेष जांच दल का गठन और ताबड़तोड़ छापेमारी
हत्या की इस गंभीर घटना के बाद हरकत में आई पलामू पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। इस टीम का नेतृत्व हुसैनाबाद के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) दिव्यांशु शुक्ल कर रहे थे। पुलिस टीम ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की सूचना के आधार पर आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी अभियान चलाया।
मृतक के पिता भुवनेश्वर प्रसाद सिंह के लिखित आवेदन पर हुसैनाबाद थाने में मामला दर्ज किया गया था। इस एफआईआर में कुल दस लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नामजद सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें झारखंड के अलावा पड़ोसी राज्यों में भी दबिश दे रही हैं ताकि किसी भी गुनहगार को बख्शा न जा सके।
मुख्य शूटर आलोक यादव की गिरफ्तारी और हथियारों की बरामदगी
इस पूरी तफ्तीश के दौरान पुलिस के हाथ एक बड़ी सफलता तब लगी जब उन्होंने हत्याकांड में शामिल मुख्य आरोपी आलोक यादव उर्फ दुर्लभ उर्फ नीरज को धर दबोचा। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार और कारतूस भी बरामद कर लिए हैं। यह बरामदगी पुलिस के लिए इस केस में बहुत मजबूत सबूत साबित होने वाली है।
हुसैनाबाद के एसडीपीओ दिव्यांशु शुक्ल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि आलोक यादव से पूछताछ में कई अन्य अपराधियों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस अब उन कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है, जिससे यह साफ हो सके कि इस मर्डर प्लान में परदे के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल थे।
"ओमप्रकाश सिंह हत्याकांड में पुलिस ने मुख्य आरोपी आलोक यादव को गिरफ्तार कर लिया है और उसकी निशानदेही पर हथियार बरामद किए गए हैं। मामले में शामिल अन्य आरोपियों से भी रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है और जल्द ही इस साजिश में शामिल सभी चेहरे बेनकाब होंगे।" — दिव्यांशु शुक्ल, एसडीपीओ, हुसैनाबाद
बिहार की जेल से आरोपियों को रिमांड पर लाना
इस हत्याकांड की जांच का दायरा जैसे-जैसे बढ़ा, वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे हुए। इस मामले के दो अन्य प्राथमिकी अभियुक्त मनीष यादव और सीटू सिंह ने पलामू पुलिस की दबिश के डर से बिहार के औरंगाबाद न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था। झारखंड पुलिस को जब इस बात की भनक लगी तो उन्होंने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए दोनों को अपनी हिरासत में लेने की कवायद शुरू कर दी।
पलामू पुलिस ने अदालत से अनुमति लेकर दोनों आरोपियों मनीष और सीटू को 72 घंटे की रिमांड पर लिया। रिमांड के दौरान पुलिस अधिकारियों ने दोनों से गहन पूछताछ की और यह जानने की कोशिश की कि इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड कौन था और हथियार कहां से मुहैया कराए गए थे।
कानून का शिकंजा और आगे की कानूनी कार्रवाई
पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से अपराधियों के हौसले पस्त हो चुके हैं। स्थानीय नागरिकों ने भी पुलिस की इस मुस्तैदी की सराहना की है। हालांकि, अभी भी कुछ आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, जिनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जाएगा और इस मामले में मजबूत चार्जशीट दाखिल कर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।









