विज्ञापन • ADVERTISEMENT
होम/व्यापार/सेंसेक्स में 700 अंक की भारी गिरावट, 71,900 पर आया, निफ्टी भी 250 अंक लुढ़का
व्यापारपढ़ने में समय: 4 मिनट

सेंसेक्स में 700 अंक की भारी गिरावट, 71,900 पर आया, निफ्टी भी 250 अंक लुढ़का

भारतीय शेयर बाजार में आज अचानक भारी बिकवाली देखने को मिली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 700 अंक गिरकर 71,900 के स्तर पर आ गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 250 अंक नीचे फिसल गया। ऑटो और मेटल सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली दर्ज की गई है।
✍️
बिजनेस एवं मार्केट डेस्क, द फ्रीलांस
अर्थव्यवस्था व बाजार ब्यूरो•8 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•39
🌐Read in English →
शेयर करें:
सेंसेक्स में 700 अंक की भारी गिरावट, 71,900 पर आया, निफ्टी भी 250 अंक लुढ़का
📷 सेंसेक्स में 700 अंक की भारी गिरावट, 71,900 पर आया, निफ्टी भी 250 अंक लुढ़का — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • भारतीय शेयर बाजार में आज अचानक भारी बिकवाली देखने को मिली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 700 अंक गिरकर 71,900 के स्तर पर आ गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 250 अंक नीचे फिसल गया। ऑटो और मेटल सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली दर्ज की गई है।
  • इस खबर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और निगरानी संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार इस घटनाक्रम का आम जनता पर सीधा असर पड़ सकता है।

नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — भारतीय शेयर बाजार में आज सुबह कारोबार की शुरुआत के साथ ही भारी गिरावट देखने को मिली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 700 अंक लुढ़ककर 71,900 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। इसके साथ ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 250 अंकों की भारी कमजोरी के साथ लाल निशान में कारोबार कर रहा है। शुरुआती घंटों में ही बाजार में बिकवाली का भारी दबाव बन गया जिससे निवेशकों की संपत्ति को बड़ा नुकसान हुआ है। बाजार के जानकारों का मानना है कि वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और घरेलू स्तर पर मुनाफावसूली के कारण यह गिरावट आई है।

कारोबार के दौरान आज सबसे ज्यादा मार ऑटो और मेटल शेयरों पर पड़ी है। टाटा मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, और मारुति सुजुकी जैसी बड़ी ऑटो कंपनियों के शेयरों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। वहीं मेटल सेक्टर में टाटा स्टील और हिंडाल्को जैसे दिग्गज शेयर भी बिकवाली की आंधी में फिसल गए। निवेशकों ने सुरक्षित निवेश की रणनीति अपनाते हुए अपने शेयर बेचना शुरू कर दिया। इस वजह से बैंकिंग और आईटी शेयरों में भी सुस्ती का माहौल बना रहा। बाजार में हर तरफ लाल निशान ही दिखाई दे रहा है जिससे छोटे निवेशकों में थोड़ी घबराहट का माहौल भी पैदा हो गया है।

बाजार में अचानक आई इस बड़ी गिरावट के प्रमुख कारण

दलाल स्ट्रीट पर अचानक छाए इस काले बादल के पीछे कई बड़े कारण माने जा रहे हैं। अमेरिकी बाजारों में रातोंरात आई कमजोरी और एशियाई बाजारों के सुस्त रुख ने भारतीय निवेशकों का भरोसा डगमगा दिया है। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई द्वारा लगातार पैसा निकाले जाने से भी बाजार का मूड बिगड़ा है। पिछले कुछ हफ्तों से बाजार लगातार रिकॉर्ड ऊंचाई पर चल रहा था। ऐसे में ऊंचे स्तरों पर निवेशकों ने मुनाफावसूली करना बेहतर समझा। जब बड़े निवेशकों ने अपने शेयर बेचे तो बाजार का संतुलन बिगड़ गया और सूचकांक तेजी से नीचे की ओर आ गिरे।

ऑटो और मेटल शेयरों में आई इस सुस्ती की एक बड़ी वजह वैश्विक मांग में कमी भी बताई जा रही है। चीन और अन्य बड़े बाजारों से सुस्त आर्थिक आंकड़े आने के कारण मेटल की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। वहीं घरेलू बाजार में वाहन निर्माताओं के लिए इनपुट लागत बढ़ने और ब्याज दरों के ऊंचे स्तर पर बने रहने से खरीदार सतर्क हो गए हैं। इन सभी का मिलाजुला असर कंपनियों के तिमाही नतीजों और भविष्य के मुनाफे पर पड़ने की आशंका है। यही वजह है कि विश्लेषक इन क्षेत्रों में अभी और उतार-चढ़ाव रहने की बात कह रहे हैं।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

छोटे निवेशकों के लिए इस समय क्या है समझदारी

बाजार में इस तरह की अचानक आई भारी गिरावट के बाद छोटे और खुदरा निवेशकों के मन में डर बैठ जाना स्वाभाविक है। वित्तीय विशेषज्ञों की सलाह है कि इस तरह के समय में घबराकर अपने शेयर औने-पौने दामों पर बिल्कुल न बेचें। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव एक स्वाभाविक प्रक्रिया है जो मांग और आपूर्ति के नियमों पर काम करती है। यदि आपने लंबी अवधि के लिए मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों में पैसा लगाया है, तो आपको इस गिरावट से डरने की जरूरत नहीं है। बल्कि यह समय अच्छे शेयरों को कम कीमत पर खरीदने का मौका भी हो सकता है।

हालांकि बिना सोचे-समझे किसी भी नए शेयर में पैसा लगाने से इस समय बचना चाहिए। बाजार की स्थिति अभी अस्थिर बनी हुई है और अगले कुछ सत्रों तक बिकवाली का दौर जारी रह सकता है। ट्रेडर्स को अपनी पोजीशन पर स्टॉप लॉस का कड़ाई से पालन करना चाहिए। हमारी ग्राउंड पड़ताल के अनुसार बाजार के एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि निवेशकों को आरबीआई की आगामी मौद्रिक नीति और वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी अपनी पैनी नजर रखनी चाहिए। जैसे ही बाजार में स्थिरता के संकेत मिलेंगे, रिकवरी का दौर भी शुरू हो सकता है।

प्रायोजित • SPONSORED
❤️
100% पाठक समर्थित मीडिया

निष्पक्ष व निडर पत्रकारिता को आपका साथ चाहिए

द फ्रीलांस बिना किसी कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव के जनसरोकार की खबरें आप तक पहुँचाता है। आपका छोटा सा योगदान भी हमारी स्वतंत्रता की ताकत है।

संबंधित खबरें

शेयर बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा टूटा, निवेशकों के डूबे लाखों करोड़ रुपये

शेयर बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा टूटा, निवेशकों के डूबे लाखों करोड़ रुपये

शेयर बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 1200 अंक से ज्यादा टूटा, निवेशकों की गाढ़ी कमाई डूबी

शेयर बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 1200 अंक से ज्यादा टूटा, निवेशकों की गाढ़ी कमाई डूबी

ये 4 कारण... शेयर बाजार में अचानक फिर मची तबाही, सेंसेक्स 1200 अंक टूटा

ये 4 कारण... शेयर बाजार में अचानक फिर मची तबाही, सेंसेक्स 1200 अंक टूटा

वेदांता समूह को लेकर बाजार में चर्चा तेज, खनन से लेकर सेमीकंडक्टर तक नए फैसलों पर टिकी निवेशकों की नजर

वेदांता समूह को लेकर बाजार में चर्चा तेज, खनन से लेकर सेमीकंडक्टर तक नए फैसलों पर टिकी निवेशकों की नजर

पूर्व जजों और नागरिकों का खुला पत्र, शेयर बाजार में भारी गिरावट समेत दिनभर की बड़ी खबरें

पूर्व जजों और नागरिकों का खुला पत्र, शेयर बाजार में भारी गिरावट समेत दिनभर की बड़ी खबरें

HDFC बैंक को मिला नया बॉस: IIT कानपुर से पढ़े अनूप बागची संभालेंगे कमान, बनेंगे देश के सबसे महंगे बैंकर

HDFC बैंक को मिला नया बॉस: IIT कानपुर से पढ़े अनूप बागची संभालेंगे कमान, बनेंगे देश के सबसे महंगे बैंकर

भारतीय रिजर्व बैंक के डेटाबेस और वित्तीय आंकड़ों पर क्या है ताजा अपडेट

भारतीय रिजर्व बैंक के डेटाबेस और वित्तीय आंकड़ों पर क्या है ताजा अपडेट

भारतीय रिजर्व बैंक के नए डेटाबेस से देश के वित्तीय बाजार में क्या बदलाव आएंगे?

भारतीय रिजर्व बैंक के नए डेटाबेस से देश के वित्तीय बाजार में क्या बदलाव आएंगे?

✍️

बिजनेस एवं मार्केट डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

अर्थव्यवस्था, शेयर बाजार, बजट व पर्सनल फाइनेंस टीम

द फ्रीलांस की बिजनेस डेस्क भारतीय अर्थव्यवस्था, शेयर बाजार, बजट, महंगाई, बैंकिंग, स्टार्टअप्स और आम नागरिक के घरेलू बजट पर पड़ने वाले नीतिगत प्रभावों का गहन डेटा-आधारित विश्लेषण करती है। हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की जाती है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित विजुअल स्टोरीज (Web Stories)

TAP TO VIEW

‘सेंसेक्स’ व व्यापार से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें

शेयर बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा टूटा, निवेशकों के डूबे लाखों करोड़ रुपयेBUSINESS

शेयर बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा टूटा, निवेशकों के डूबे लाखों करोड़ रुपये

8 अक्टू॰46
शेयर बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 1200 अंक से ज्यादा टूटा, निवेशकों की गाढ़ी कमाई डूबीBUSINESS

शेयर बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 1200 अंक से ज्यादा टूटा, निवेशकों की गाढ़ी कमाई डूबी

8 अक्टू॰42
ये 4 कारण... शेयर बाजार में अचानक फिर मची तबाही, सेंसेक्स 1200 अंक टूटाBUSINESS

ये 4 कारण... शेयर बाजार में अचानक फिर मची तबाही, सेंसेक्स 1200 अंक टूटा

8 अक्टू॰48
वेदांता समूह को लेकर बाजार में चर्चा तेज, खनन से लेकर सेमीकंडक्टर तक नए फैसलों पर टिकी निवेशकों की नजरBUSINESS

वेदांता समूह को लेकर बाजार में चर्चा तेज, खनन से लेकर सेमीकंडक्टर तक नए फैसलों पर टिकी निवेशकों की नजर

8 अक्टू॰25
पूर्व जजों और नागरिकों का खुला पत्र, शेयर बाजार में भारी गिरावट समेत दिनभर की बड़ी खबरेंBUSINESS

पूर्व जजों और नागरिकों का खुला पत्र, शेयर बाजार में भारी गिरावट समेत दिनभर की बड़ी खबरें

8 अक्टू॰41
HDFC बैंक को मिला नया बॉस: IIT कानपुर से पढ़े अनूप बागची संभालेंगे कमान, बनेंगे देश के सबसे महंगे बैंकरBUSINESS

HDFC बैंक को मिला नया बॉस: IIT कानपुर से पढ़े अनूप बागची संभालेंगे कमान, बनेंगे देश के सबसे महंगे बैंकर

8 अक्टू॰51
भारतीय रिजर्व बैंक के डेटाबेस और वित्तीय आंकड़ों पर क्या है ताजा अपडेटBUSINESS

भारतीय रिजर्व बैंक के डेटाबेस और वित्तीय आंकड़ों पर क्या है ताजा अपडेट

8 अक्टू॰34
भारतीय रिजर्व बैंक के नए डेटाबेस से देश के वित्तीय बाजार में क्या बदलाव आएंगे?BUSINESS

भारतीय रिजर्व बैंक के नए डेटाबेस से देश के वित्तीय बाजार में क्या बदलाव आएंगे?

8 अक्टू॰33
विज्ञापन • ADVERTISEMENT