नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — भारतीय शेयर बाजार में पिछले कई दिनों से चल रहा मंदी का दौर आखिरकार थम गया है। बाजार खुलते ही निवेशकों में जबरदस्त जोश देखा गया और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 1100 अंकों की भारी छलांग लगाकर ऊपर चढ़ गया। इस अचानक आई तूफानी तेजी से बाजार के जानकारों और आम निवेशकों दोनों को बड़ी राहत मिली है। पिछले कुछ सत्रों से बाजार में लगातार बिकवाली हावी थी और सूचकांक लगातार नीचे गिर रहे थे, लेकिन आज की इस शानदार वापसी ने पूरे माहौल को बदल दिया है।
बाजार में इस उछाल के पीछे सबसे बड़ा हाथ सूचना प्रौद्योगिकी यानी आईटी सेक्टर के शेयरों का रहा है। शुरुआती कारोबार में ही आईटी कंपनियों के शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारी शुरू हो गई, जिससे सूचकांक को बहुत मजबूत सहारा मिला। इसके अलावा बैंकिंग और चुनिंदा हैवीवेट शेयरों में भी जोरदार लिवाली देखने को मिली। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और घरेलू संस्थागत निवेशकों द्वारा की गई भारी खरीदारी ने इस तेजी को और ज्यादा बढ़ावा दिया है।
आईटी शेयरों ने संभाली कमान और भरी उड़ान
आज के कारोबार में टेक महिंद्रा, इन्फोसिस और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज जैसे दिग्गज आईटी शेयरों ने शानदार प्रदर्शन किया। पिछले कुछ हफ्तों से दबाव झेल रहे इन शेयरों में अचानक आई तेजी ने पूरे बाजार का रुख ही पलट दिया। वैश्विक स्तर पर तकनीकी शेयरों में आई मजबूती का असर घरेलू बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। जानकारों का कहना है कि आगामी तिमाहियों में आईटी कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद के चलते निवेशकों ने निचले स्तरों पर जमकर पैसा लगाया है, जिससे इन शेयरों में जोरदार उछाल दर्ज किया गया है।
हालांकि बाजार में जहां एक तरफ आईटी और बैंकिंग सेक्टर में बहार है, वहीं दूसरी तरफ कुछ सेक्टरों में बिकवाली का दबाव भी बना हुआ है। मेटल सेक्टर में आज भारी फिसलन देखने को मिली है। हिंदुस्तान जिंक, हिंदुस्तान कॉपर, वेदांता और नेशनल एल्युमिनियम जैसे बड़े मेटल शेयरों में पांच प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक मांग से जुड़ी चिंताओं के कारण मेटल सेक्टर के निवेशकों को आज नुकसान का सामना करना पड़ा है।
क्रिप्टो बाजार में भी हलचल तेज
सिर्फ शेयर बाजार ही नहीं, बल्कि वैश्विक वित्तीय बाजारों में भी इन दिनों बड़ी उठापटक जारी है। डिजिटल करेंसी बिटकॉइन ने 91 हजार डॉलर के आंकड़े को पार कर नया रुख दिखाया है। क्रिप्टो बाजार में आई इस तेजी के बीच पिछले एक घंटे के भीतर ही करीब 60 मिलियन डॉलर के शॉर्ट पोजीशन लिक्विड या साफ हो गए हैं। अचानक हुई इस कीमत वृद्धि ने क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने वालों को हैरान कर दिया है, और दुनिया भर के बाजारों में इसका सीधा असर साफ महसूस किया जा रहा है।
हमारे द फ्रीलान्स के ग्राउंड रिपोर्टर्स की दलालों और निवेशकों से हुई बातचीत से यह साफ पता चलता है कि बाजार की यह चाल अभी काफी हद तक वैश्विक रुझानों और नीतिगत फैसलों पर टिकी रहेगी। विशेषज्ञों का सुझाव है कि निवेशकों को किसी भी तरह की जल्दबाजी से बचना चाहिए और अपने पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखनी चाहिए। बाजार की यह अनिश्चितता बताती है कि अगले कुछ दिनों तक उतार-चढ़ाव का यह दौर जारी रह सकता है, जिसके लिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल
आगामी दिनों में भारतीय अर्थव्यवस्था के बुनियादी आंकड़े और कंपनियों के तिमाही नतीजे तय करेंगे कि शेयर बाजार अपनी इस रफ्तार को कायम रख पाएगा या नहीं। घरेलू निवेशकों का भरोसा बाजार के लिए सबसे बड़ा संबल बना हुआ है। खुदरा निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे शॉर्ट-कट अपनाने के बजाय मजबूत बुनियादी फंडामेंटल वाली कंपनियों के शेयरों पर ही अपना ध्यान केंद्रित रखें ताकि किसी भी बड़े जोखिम से बचा जा सके।






