यूपी पुलिस के चर्चित अधिकारी अनुज चौधरी का नया वीडियो वायरल
उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे में अपनी अलग कार्यशैली और बयानों के चलते हमेशा चर्चा में रहने वाले पुलिस अधिकारी अनुज चौधरी एक बार फिर सोशल मीडिया पर सुर्खियों में आ गए हैं। इस बार चर्चा का कारण उनका कोई सख्त पुलिस एक्शन या प्रशासनिक आदेश नहीं, बल्कि एक बेहद सहज और मानवीय पल का वीडियो है। यह वीडियो उन्होंने खुद अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया है, जो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वायरल हो रहे इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि अनुज चौधरी किसी मंदिर परिसर से बाहर निकल रहे हैं। इसी दौरान रास्ते में एक किन्नर उन्हें रोक लेती है। पुलिस अधिकारी और एक आम नागरिक के बीच का यह सहज संवाद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। वीडियो में दिख रहे दृश्य बेहद सामान्य हैं, लेकिन सोशल मीडिया यूजर्स इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
वीडियो सामने आने के कुछ ही घंटों के भीतर इसे हजारों लोग देख चुके हैं। सोशल मीडिया पर लोग इस बात की चर्चा कर रहे हैं कि किस तरह एक पुलिस अधिकारी ने आम लोगों की तरह ही सड़क पर किन्नर के साथ शालीनता से बात की और उन्हें सम्मान दिया। अनुज चौधरी का यह अंदाज लोगों को काफी पसंद आ रहा है और लोग इसे मानवीय संवेदनाओं से जोड़कर देख रहे हैं.
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मंदिर के बाहर किन्नर से हुई मुलाकात और आशीर्वाद का पल
वायरल वीडियो के दृश्यों के मुताबिक, जब अनुज चौधरी मंदिर परिसर से बाहर आ रहे थे, तभी एक किन्नर ने उन्हें रोक लिया। बिना किसी हिचकिचाहट के अनुज चौधरी वहां रुके। उनके हाथ में पूजा का प्रसाद था, जिसे उन्होंने सबसे पहले उस किन्नर को दिया। किन्नर ने उस प्रसाद को सहर्ष स्वीकार किया और ग्रहण किया।
प्रसाद लेने के बाद किन्नर ने अनुज चौधरी से कुछ बातचीत की। इसके तुरंत बाद अनुज चौधरी ने अपनी जेब से पर्स निकाला और उसमें से कुछ रुपये निकालकर किन्नर को दिए। रुपये मिलने के बाद किन्नर ने बेहद स्नेह और अपनापन दिखाते हुए अनुज चौधरी के सिर पर हाथ फेरा और उन्हें आशीर्वाद दिया।
इतना ही नहीं, पास ही खड़ी दूसरी किन्नर भी आगे आई और उसने भी अनुज चौधरी को आशीर्वाद दिया। इस पूरे वाकये के दौरान अनुज चौधरी के चेहरे पर एक शांत मुस्कान और सहज भाव नजर आया। इस दृश्य को देखकर वहां मौजूद आम लोग भी अचंभित और प्रसन्न नजर आए।
खुद अनुज चौधरी ने सोशल मीडिया पर शेयर किया वीडियो
इस पूरी घटना की सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसे किसी अन्य यूजर ने छुपकर रिकॉर्ड नहीं किया, बल्कि खुद अनुज चौधरी ने इसे अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया है। जब एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी खुद ऐसे पन्नों को सार्वजनिक करता है, तो जनता के बीच एक सकारात्मक संदेश जाता है।
वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद से ही इस पर लाइक्स और कमेंट्स की बाढ़ आ गई है। कई यूजर्स ने इसे भारतीय संस्कृति और परंपरा का एक सुंदर हिस्सा बताया है, जहां किन्नरों के आशीर्वाद को विशेष महत्व दिया जाता है। लोगों का मानना है कि वर्दी के पीछे छिपे एक इंसान का यह रूप समाज में पुलिस और जनता के बीच की दूरी को कम करता है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोग लिख रहे हैं कि प्रशासनिक पदों पर बैठे अधिकारियों का ऐसा जमीन से जुड़ा और सरल स्वभाव समाज के लिए एक बेहतरीन उदाहरण पेश करता है। वीडियो को लेकर इंटरनेट पर सकारात्मक चर्चाओं का दौर लगातार जारी है।
अनुज चौधरी का खेल जगत से लेकर खाकी तक का सफर
अनुज चौधरी उत्तर प्रदेश पुलिस के उन गिने-चुने अधिकारियों में शामिल हैं, जिनकी पहचान एक तेजतर्रार पुलिस अफसर के साथ-साथ एक बेहतरीन खिलाड़ी के रूप में भी रही है। पुलिस सेवा में आने से पहले अनुज चौधरी कुश्ती के जाने-माने पहलवान रह चुके हैं और खेल के मैदान में देश का नाम रोशन करने के लिए उन्हें प्रतिष्ठित 'अर्जुन पुरस्कार' से भी सम्मानित किया जा चुका है।
खेल कोटे के माध्यम से उनका चयन उत्तर प्रदेश पुलिस में हुआ था। खेल की दुनिया से खाकी वर्दी तक का उनका यह सफर काफी प्रेरणादायक रहा है। यही वजह है कि उनकी व्यक्तिगत गतिविधियां, उनके शौक और उनके बयान अक्सर मीडिया और सोशल मीडिया पर बड़ी आसानी से चर्चा का विषय बन जाते हैं।
फिरोजाबाद में एसपी ग्रामीण के रूप में कार्यभार संभालने के बाद से ही उनकी कार्यशैली पर लोगों की पैनी नजर रहती है। सितंबर 2025 में संभल से ट्रांसफर के बाद उन्होंने फिरोजाबाद में अपनी सेवाएं शुरू की थीं और तब से वह लगातार अपनी पेशेवर और व्यक्तिगत दोनों वजहों से सुर्खियों में बने रहते हैं।
संभल में दिया गया वह चर्चित बयान और राष्ट्रव्यापी बहस
अनुज चौधरी इससे पहले तब सबसे ज्यादा चर्चा में आए थे, जब वह संभल जिले में तैनात थे। मार्च 2025 में संभल में होली और रमजान के पवित्र महीने को लेकर एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक के बाद उन्होंने कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के संदर्भ में एक बयान दिया था, जो देखते ही देखते पूरे देश में चर्चा का केंद्र बन गया था।
उस दौरान अनुज चौधरी ने अपने बयान में कहा था कि होली का त्यौहार साल में सिर्फ एक बार आता है, जबकि जुमे की नमाज हर सप्ताह अदा की जाती है। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि किसी को होली के रंगों से कोई परेशानी है, तो वह उस दिन अपने घर से बाहर न निकले। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में एक लंबी बहस छिड़ गई थी।
समाज के एक वर्ग ने उनके इस बयान का पुरजोर समर्थन किया था, तो वहीं कुछ हलकों में इसकी आलोचना भी की गई थी। इस पूरे प्रकरण ने मीडिया में खूब सुर्खियां बटोरी थीं और पुलिस प्रशासन के कामकाज के तरीकों पर एक नई बहस को जन्म दिया था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रतिक्रिया और प्रशासनिक रुख
संभल में दिए गए उस बयान के बाद जब मामला तूल पकड़ने लगा, तब प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। मार्च 2025 में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट रूप से कहा था कि होली साल में एक बार आती है और जुमे की नमाज हर हफ्ते होती है, इसलिए सभी को एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।
मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी के बाद अनुज चौधरी के बयान और उनकी कार्यशैली की चर्चा एक बार फिर से तेज हो गई थी। इसके अलावा, जून 2026 में मुहर्रम के दौरान भी वह उस समय चर्चा में आए थे जब उन्होंने खुद इंची टेप लेकर ताजियों की ऊंचाई की माप की थी और तय सीमा से ऊंचे ताजियों को कम करवाया था।
"खाकी वर्दी में होने के बावजूद एक इंसान के भीतर की संवेदनाएं और सहजता जब इस रूप में सामने आती है, तो वह समाज में एक अलग और सकारात्मक संदेश देती है। अनुज चौधरी का यह वीडियो उसी मानवीय पहलू को दर्शाता है।" — स्थानीय नागरिक एवं सोशल मीडिया विश्लेषक
कुल मिलाकर, अनुज चौधरी का यह नया वीडियो एक बार फिर साबित करता है कि सोशल मीडिया के इस दौर में पुलिस अधिकारियों की हर गतिविधि आम जनता के लिए किस तरह आकर्षण का केंद्र बन जाती है। चाहे उनका खेल का मैदान हो, संभल का वह पुराना बयान हो या फिर मंदिर के बाहर किन्नरों से मिलने का यह सहज वाकया, अनुज चौधरी हमेशा सुर्खियों में बने रहने वाले पुलिस अधिकारियों में गिने जाते हैं।







