नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश की जानी-मानी मेटल और माइनिंग कंपनी वेदांता लिमिटेड ने अपने निवेशकों को एक बड़ा तोहफा दिया है। अनिल अग्रवाल के स्वामित्व वाली इस कंपनी ने पांच सौ प्रतिशत डिविडेंड देने का एलान किया है। त्योहारों के इस सीजन में आई इस खबर से निवेशकों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी गई आधिकारिक जानकारी में बताया कि बोर्ड ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद से कंपनी के शेयरों में लगातार खरीदारी देखने को मिल रही है और बाजार में रौनक बढ़ गई है।
इस पूरे घटनाक्रम के तहत कंपनी ने वित्त वर्ष के लिए पांच रुपये प्रति शेयर का पहला अंतरिम डिविडेंड तय किया है। निवेशकों के बीच इस बात को लेकर चर्चा तेज थी कि कंपनी इस बार कितना रिटर्न देगी। बोर्ड की बैठक में इन तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए बड़ा फैसला लिया गया। कंपनी ने इस डिविडेंड के भुगतान के लिए रिकॉर्ड डेट भी तय कर दी है। जिन निवेशकों के डीमैट खाते में तय तारीख तक शेयर होंगे, उन्हें इस मुनाफे का सीधा लाभ मिलेगा। बाजार के जानकारों का मानना है कि कंपनी का यह कदम निवेशकों का भरोसा और अधिक मजबूत करेगा।
डिमर्जर के बाद कंपनी का पहला बड़ा धमाका
वेदांता के कारोबार में हाल ही में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। कंपनी के डिमर्जर यानी कारोबार के बंटवारे की प्रक्रिया के बाद यह पहला बड़ा वित्तीय फैसला है। कारोबारियों और विश्लेषकों की नजर इस बात पर थी कि पुनर्गठन के बाद कंपनी अपनी लाभांश नीति को कैसे आगे बढ़ाएगी। इस ताजा घोषणा ने यह साफ कर दिया है कि कंपनी अपने शेयरधारकों को लगातार रिटर्न देने की पुरानी परंपरा को जारी रखेगी। डिमर्जर के बाद आई इस खबर से कंपनी के शेयरों में अचानक जोरदार तेजी दर्ज की गई है।
बाजार के तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि वेदांता समूह के शेयरों में पिछले कुछ दिनों से हलचल मची हुई थी। कभी उतार-चढ़ाव तो कभी तेज खरीदारी के बीच निवेशक असमंजस में थे। लेकिन डिविडेंड की आधिकारिक घोषणा सामने आने के बाद से माहौल पूरी तरह बदल गया है। छोटे और बड़े दोनों तरह के निवेशकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। जानकारों का मानना है कि जिन लोगों के पास पहले से शेयर हैं, उन्हें इस लाभांश से सीधा फायदा होगा। वहीं नए निवेशकों के लिए भी बाजार में प्रवेश करने का यह एक अच्छा मौका बन सकता है।
रिकॉर्ड डेट और निवेशकों के लिए जरूरी बातें
कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट चौदह अक्टूबर तय की गई है। इसका मतलब यह है कि जिन निवेशकों के पास उस तय दिन तक कंपनी के शेयर होंगे, वे इस मुनाफे के हकदार होंगे। बोर्ड की बैठक में तय किए गए इन नियमों के बाद निवेशकों के खातों में पैसे ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू होगी। जानकारों का कहना है कि निवेशकों को तय तारीख से पहले अपने पोर्टफोलियो की जांच कर लेनी चाहिए ताकि डिविडेंड का लाभ मिलने में कोई तकनीकी रुकावट न आए।
द फ्रीलान्स की जमीनी पड़ताल और बाजार के आंकड़ों से यह साफ होता है कि वेदांता का यह फैसला ऐसे समय आया है जब कमोडिटी बाजार में अनिश्चितता का दौर है। इसके बावजूद कंपनी ने बड़ा दिल दिखाते हुए निवेशकों को मालामाल करने का रास्ता चुना है। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में मेटल सेक्टर के अन्य शेयरों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। फिलहाल निवेशक इस दिवाली जैसे तोहफे से बेहद खुश नजर आ रहे हैं और कंपनी के अगले कदमों पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।





