बेगूसराय में मानवता को शर्मसार करने वाली घिनौनी वारदात
बिहार के बेगूसराय जिले से एक बेहद गंभीर और झकझोर देने वाला मामला प्रकाश में आया है। यहां नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक होटल के कमरे में स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की एक महिला के साथ घिनौना अपराध अंजाम दिया गया। आरोप है कि आरोपियों ने महिला को पहले अपने झांसे में लिया, फिर एक होटल में ले जाकर हथियार के बल पर उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। इस पूरी घटना के दौरान दरिंदों ने न केवलवानियत की हदें पार कीं, बल्कि पीड़िता का अश्लील वीडियो भी बना लिया। बाद में इसी वीडियो को इंटरनेट मीडिया और विभिन्न व्हाट्सएप समूहों में वायरल कर दिया गया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
घटना की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। पीड़ित महिला ने हिम्मत जुटाकर अपने परिजनों को आपबीती सुनाई, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ा। परिजनों की सलाह पर पीड़िता ने तुरंत नगर थाना पहुंचकर पुलिस के समक्ष अपनी लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए तुरंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली और आरोपियों की धरपकड़ के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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ऋण वसूली के लिए निकली महिला को ऐसे बनाया गया निशाना
पुलिस को दिए गए आधिकारिक बयानों और शुरुआती जांच के अनुसार, यह पूरी घटना 27 सितंबर की सुबह करीब साढ़े सात बजे की है। पीड़िता स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई है और उस दिन वह समूह की अन्य महिलाओं से ऋण की बकाया राशि की वसूली के सिलसिले में घर से बाहर निकली थी। रास्ते में उसकी मुलाकात उसके परिचित विकास सहनी नामक युवक से हुई। आरोप है कि विकास ने महिला को किसी काम का झांसा दिया और अपनी मोटरसाइकिल पर बैठने के लिए मजबूर कर दिया।
मोटरसाइकिल पर बैठाने के बाद आरोपी उसे शहर के एक खास आवासीय इलाके के पास ले गया, जहां उसका साथी रोहित कुमार पहले से ही घात लगाए बैठा था। दोनों ने मिलकर महिला को बातचीत में उलझाया और योजनाबद्ध तरीके से उसे पास के ही ब्लू डायमंड होटल में ले गए। होटल के भीतर प्रवेश करते ही साजिश का पर्दाफाश हो गया और आरोपियों ने अपने असली रंग दिखाने शुरू कर दिए।
होटल के कमरे में ब्लैकमेलिंग और खौफनाक प्रताड़ना
जांच दस्तावेजों और पीड़िता के बयानों के मुताबिक, होटल के कमरे में पहुंचते ही आरोपियों ने बाहर से दरवाजा अंदर से बंद कर दिया। इसके बाद उन्होंने चाकू और अन्य हथियारों का भय दिखाकर महिला को डराना-धमकाना शुरू कर दिया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और फिर जबरन दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया। इस पूरी दरिंदगी के दौरान आरोपियों ने मोबाइल फोन पर इसका वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया ताकि वे बाद में पीड़िता को ब्लैकमेल कर सकें।
परिवारिक सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है कि मुख्य आरोपी की बहन पीड़िता के पड़ोस में ही रहती है, जिस वजह से आरोपियों की उस पर पहले से ही बुरी नजर थी। घटना के बाद आरोपियों ने पीड़िता के मोबाइल पर आपत्तिजनक वीडियो भेजकर उसे डराने की कोशिश की और वीडियो को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक कर दिया। किसी तरह आरोपियों के चंगुल से छूटने के बाद पीड़िता रोते-बिलखते अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना से अवगत कराया।
पुलिस जांच तेज, सीसीटीवी और एफएसएल रिपोर्ट से खुलेंगे राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग पूरी तरह से हरकत में आ गया है। नगर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर घटनास्थल को तुरंत सुरक्षित किया गया और राज्य से बुलाई गई फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम ने होटल के कमरे से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। इसके अलावा महिला पुलिस बल की देखरेख में पीड़िता का मेडिकल परीक्षण सदर अस्पताल, बेगूसराय में कराया गया है।
"घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मामला दर्ज कर लिया है। होटल के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है और एफएसएल की टीम ने भी साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी।" — स्थानीय पुलिस प्रशासन, बेगूसराय
होटल के कमरों की अदला-बदली और सीसीटीवी फुटेज की परतें
इस पूरे मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस ने होटल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू कर दिया है। फुटेज की शुरुआती जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। फुटेज के मुताबिक, आरोपी सुबह करीब सात बजे होटल पहुंचा था, जबकि पीड़िता सुबह आठ बजे के आसपास वहां दाखिल हुई। इसके बाद दोपहर करीब बारह बजकर चालीस मिनट पर दोनों को एक साथ होटल से बाहर निकलते हुए देखा गया।
जांच में यह भी बात सामने आई है कि आरोपियों ने पहले होटल में कमरा नंबर 204 बुक किया था, लेकिन पीड़िता के आने के ठीक बाद कमरा नंबर 203 में शिफ्ट हो गए। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या होटल प्रबंधन और कर्मचारियों की इस गतिविधि में कोई मिलीभगत थी या नहीं, क्योंकि आरोपी अक्सर इस होटल में आते-जाते रहते थे। पुलिस की अलग-अलग टीमें होटल स्टाफ से भी पूछताछ कर रही हैं ताकि इस जघन्य अपराध में शामिल हर एक चेहरे को बेनकाब किया जा सके।

