त्योहारी सीजन में ट्रेनों की भारी किल्लत से यात्री परेशान
भारत में दीपावली और छठ पूजा का महापर्व खुशियों और अपनों के पास लौटने का संदेश लेकर आता है। इस दौरान करोड़ों लोग अपने पैतृक गांवों और शहरों की ओर रुख करते हैं। लेकिन हर साल की तरह इस बार भी पर्वों से ठीक पहले दिल्ली से बिहार जाने वाले रेल यात्रियों के लिए सफर करना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं साबित हो रहा है। स्थिति यह है कि अक्टूबर के अंतिम सप्ताह और नवंबर के शुरुआती दिनों में चलने वाली सभी प्रमुख ट्रेनों में कन्फर्म टिकटों का मिलना लगभग असंभव हो चुका है।
राजधानी दिल्ली से पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, और सहरसा जाने वाली तमाम मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में स्लीपर से लेकर थर्ड एसी और सेकेंड एसी तक सभी श्रेणियां पूरी तरह भर चुकी हैं। कई महत्वपूर्ण ट्रेनों में तो वेटिंग लिस्ट का आंकड़ा डेढ़ सौ से ऊपर पहुंच चुका है, जबकि कुछ ट्रेनों में बुकिंग काउंटर पर सीधे 'नो रूम' का बोर्ड चस्पा कर दिया गया है। ऐसे में परदेश में रहकर नौकरी और पढ़ाई करने वाले आम लोग अपने घर जाने के लिए पशोपेश की स्थिति में हैं।
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नवंबर के पहले सप्ताह में टिकटों के लाले, लंबी वेटिंग लिस्ट
रेलवे आरक्षण प्रणाली के आंकड़ों के अनुसार, एक नवंबर से आठ नवंबर के बीच के समय में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बनी हुई है। इस अवधि में दीपावली और छठ दोनों की तारीखें नजदीक होने के कारण यात्रियों का भारी हुजूम स्टेशनों की ओर उमड़ रहा है। श्रमजीवी एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, वैशाली एक्सप्रेस और पूर्व एक्सप्रेस जैसी प्रमुख गाड़ियों में महीनों पहले ही टिकट बुक हो चुके थे, और अब जो लोग तत्काल टिकट के भरोसे हैं, उन्हें भी भारी निराशा का सामना करना पड़ रहा है।
तत्काल टिकट खिड़कियों पर अल सुबह से ही लंबी कतारें लगनी शुरू हो जाती हैं, लेकिन जैसे ही बुकिंग शुरू होती है, चंद सेकेंडों में ही सारे टिकट गायब हो जाते हैं। दलालों और अवैध टिकट विक्रेताओं की सक्रियता की शिकायतें भी आम यात्रियों द्वारा लगातार की जा रही हैं, हालांकि रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ऐसे तत्वों पर लगाम कसने के लिए लगातार छापेमारी अभियान चला रहा है। इसके बावजूद आम आदमी को अपनी जेब ढीली करने के बाद भी मनचाहा और सुरक्षित सफर नसीब नहीं हो पा रहा है।
रेलवे प्रशासन की विशेष तैयारियां और क्लोन ट्रेनों का विकल्प
यात्रियों की इस भारी भीड़ और परेशानियों को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे ने कमर कस ली है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली, आनंद विहार, और नई दिल्ली रेलवे स्टेशनों से बिहार के विभिन्न प्रमुख शहरों के लिए विशेष पूजा स्पेशल ट्रेनें (Festival Special Trains) संचालित करने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इसके साथ ही कुछ चुनिंदा अत्यधिक व्यस्त रूट्स पर क्लोन ट्रेनें (Clone Trains) भी चलाई जाएंगी, ताकि प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों को राहत मिल सके।
"त्योहारी सीजन के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को सुगम और सुरक्षित तरीके से उनके गंतव्य तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। इसके लिए सभी प्रमुख जोनों के साथ समन्वय स्थापित कर अतिरिक्त ट्रेनों की घोषणा की जा रही है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।" — वरिष्ठ रेलवे अधिकारी, उत्तर रेलवे
रेलवे की ओर से यह भी अपील की गई है कि यात्री यात्रा के दौरान केवल कन्फर्म टिकट के साथ ही प्लेटफॉर्म और ट्रेनों में प्रवेश करें। अनधिकृत रूप से यात्रा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, यात्रियों की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए स्टेशनों पर अतिरिक्त आरपीएफ बल, महिला सुरक्षा कर्मियों और टिकट चेकर्स की तैनाती बढ़ाई जा रही है ताकि भगदड़ जैसी किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
वैकल्पिक परिवहन साधनों पर बढ़ा दबाव और बढ़ती कीमतें
ट्रेनों में टिकट न मिलने का सीधा असर बसों और विमानों की उड़ानों पर भी पड़ रहा है। दिल्ली से पटना और अन्य बिहार के शहरों के लिए चलने वाली फ्लाइट्स के किराए आसमान छू रहे हैं। जो विमानन कंपनियां सामान्य दिनों में बेहद कम किराए में सफर कराती थीं, वे अब त्योहारी सीजन के नाम पर तीन से चार गुना तक अधिक किराया वसूल रही हैं। यही हाल निजी और लग्जरी बसों का भी है, जहां कश्मीरी गेट, आनंद विहार और मयूर विहार जैसे बस अड्डों पर भारी भीड़ देखी जा रही है।
निजी बस संचालक इस मौके का फायदा उठाकर यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं, जिससे मध्यम वर्गीय परिवारों का बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है। इसके बावजूद लोग मजबूरी में इन महंगे विकल्पों को चुनने के लिए विवश हैं। जानकारों का मानना है कि रेलवे को आने वाले वर्षों में त्योहारी सीजन के दौरान ट्रेनों की संख्या में और अधिक इजाफा करना होगा ताकि देश के किसी भी कोने में रह रहे नागरिक को अपने घर जाने के लिए इस तरह की दुश्वारियों का सामना न करना पड़े।
निष्कर्ष: संयम और सतर्कता के साथ करें यात्रा की योजना
दीपावली और छठ जैसे पावन पर्व परिवार के साथ मनाने का आनंद ही कुछ और है, लेकिन वर्तमान हालात में रेलवे स्टेशनों पर उमड़ती भीड़ और टिकटों की माराामारी को देखते हुए यात्रियों को बेहद सूझबूझ से काम लेने की जरूरत है। रेलवे की स्पेशल ट्रेनों की सूचियों पर लगातार नजर बनाए रखें और आईआरसीटीसी (IRCTC) ऐप या वेबसाइट के माध्यम से ही अपने टिकट बुक करें। किसी भी फर्जी एजेंट या दलाल के झांसे में आने से बचें। यदि समय रहते सही योजना बनाई जाए, तो आप तमाम कठिनाइयों के बावजूद अपने परिवार के साथ त्योहार की खुशियों में शामिल हो सकते हैं।




