फ्लाईदुबई की फ्लाइट 1073 में 174 मुसाफिर और 8 क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें से एक को-पायलट हम्माम अल-हमामी भी था। इस बात की जानकारी सिर्फ हमामी को थी कि कुछ ही देर में विमान में सवार सभी लोग और खुद उसकी भी मौत होने वाली है। साजिश के तहत, प्लेन क्रैश करने से पहले उसे कॉकपिट में ही कैप्टन स्मित मच्छार की हत्या करनी थी और उसके बाद विमान को तीन संभावित टारगेट में से किसी एक पर क्रैश करना था।
तीन बड़े टारगेट और गाजा का बदला
जांच में खुलासा हुआ कि हमामी फिलिस्तीन के गाजा में इजरायली कार्रवाई का बदला लेना चाहता था। उसने तीन टारगेट चुने थे: पहला- तेल अवीव का बेन गुरियन एयरपोर्ट, दूसरा- तेल अवीव की कोई ऊंची इमारत, और तीसरा- जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी मिलिट्री बेस। यूएई अधिकारियों के सामने पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह इस मिशन में अकेला था और एक शहीद की मौत मरना चाहता था।
कॉकपिट में खूनी संघर्ष और बहादुरी
उड़ान के ढाई घंटे बाद, जब विमान जॉर्डन के एयरस्पेस में था, हमामी ने क्रैश एक्स से कैप्टन स्मित पर पीछे से हमला कर दिया। हालांकि, कैप्टन स्मित ने गजब की बहादुरी दिखाते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे यात्रियों को साजिश का पता चल गया। इत्तेफाक से उसी फ्लाइट में दो ऑफ-ड्यूटी पायलट भी सफर कर रहे थे, जिन्होंने तुरंत स्थिति को संभाला और विमान को सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आए इस मामले के दावों की सत्यता की 'The Freelance' स्वतंत्र रूप से पुष्टि करता है। अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा इस पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। साभार: संबंधित मीडिया रिपोर्ट्स और आधिकारिक सूत्र।





