नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश के युवाओं के बीच के-पॉप का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है और अब उनके लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। दक्षिण कोरिया की दिग्गज संगीत कंपनी हाइब् अपना दुनिया का सबसे बड़ा के-पॉप फेस्टिवल 'वीवर्स कॉन' पहली बार भारत लेकर आ रही है। बिलबोर्ड और न्यूstrack समेत कई अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस साल इस भव्य संगीत उत्सव का आयोजन देश की राजधानी दिल्ली में होने की पूरी संभावना है। भारत में पहली बार इस स्तर का कोरियाई संगीत मेला सजने जा रहा है, जिसमें दुनिया भर के जाने-माने कलाकार अपने सुरों का जादू बिखेरेंगे।
इस आयोजन को लेकर संगीत प्रेमियों और विशेष तौर पर दक्षिण कोरियाई पॉप संस्कृति के दीवानों में अभी से जबरदस्त हलचल मची हुई है। 'द फ्रीलान्स' की पड़ताल के मुताबिक, कंपनी ने इस एशियाई देश में अपने कदम फैलाने की पूरी तैयारी कर ली है और वेवर्स कॉन का यह नया पड़ाव भारतीय संगीत बाजार के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है। अब तक दक्षिण कोरिया, जापान और अमेरिका जैसे चुनिंदा देशों तक सीमित रहने वाला यह फेस्टिवल अब भारत के बड़े दर्शकों को सीधे तौर पर जोड़ेगा। दिल्ली जैसे महानगर में इस तरह के बड़े वैश्विक मंच के सजने से स्थानीय इवेंट और पर्यटन उद्योग को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
भारत में पहली बार क्यों हो रहा है वीवर्स कॉन का आयोजन?
भारत में पिछले कुछ सालों में बीटीएस और ब्लैकपिंक जैसे कोरियाई बैंड्स के सुनने वालों की संख्या में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। स्ट्रीमिंग ऐप्स पर कोरियाई गानों के आंकड़े यह साफ बताते हैं कि भारतीय युवा अब पश्चिमी संगीत के साथ-साथ कोरियाई संस्कृति को भी दिल से अपना रहे हैं। हाइब् कंपनी ने इसी बात को ध्यान में रखते हुए अपने इस बहुप्रतीक्षित फेस्टिवल के लिए भारत को चुना है। म्यूजिक इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि दक्षिण एशियाई बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए यह कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा और साहसिक कदम है। फेस्टिवल के दौरान न सिर्फ कोरियाई कलाकार मंच संभालेंगे, बल्कि भारतीय कलाकारों के साथ उनकी जुगलबंदी देखने को मिल सकती है।
आयोजकों से जुड़ी अंदरूनी खबरों की मानें तो इस मेगा इवेंट को सफल बनाने के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। दिल्ली के किसी बड़े स्टेडियम या खुले मैदान को इस कॉन्सर्ट के लिए चुना जा सकता है, जहां हजारों की संख्या में प्रशंसकों के जुटने की उम्मीद है। सुरक्षा व्यवस्था, टिकटिंग के दाम, और पास मिलने के तरीकों को लेकर कंपनी जल्द ही अपनी आधिकारिक घोषणा कर सकती है। भारतीय फैंस पिछले कई सालों से अपने पसंदीदा कोरियाई सितारों को अपनी ही जमीन पर लाइव परफॉर्म करते देखने का सपना देख रहे थे, जो अब साल 2027 तक सच होता नजर आ रहा है।
टिकटों की बुकिंग और ग्लोबल सितारों के आने की उम्मीद
इस बड़े फेस्टिवल में हिस्सा लेने वाले ग्लोबल सितारों की फाइनल लिस्ट आने वाले महीनों में जारी की जाएगी। वीवर्स कॉन की अपनी एक अलग पहचान है जहां तकनीकी और मंच की सजावट बेहद शानदार होती है। दिल्ली में होने वाले इस आयोजन में लेजर शो, शानदार साउंड सिस्टम और कोरियाई तर्ज पर खास फूड स्टॉल भी देखने को मिल सकते हैं। संगीत के जानकारों का कहना है कि यह सिर्फ एक कॉन्सर्ट नहीं होगा, बल्कि कोरियाई और भारतीय संस्कृति का एक अनोखा संगम बनेगा। युवा पीढ़ी के बीच सोशल मीडिया पर इस खबर के सामने आने के बाद से ही टिकटिंग ऐप्स और तारीखों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
स्थानीय स्तर पर इस आयोजन से जुड़ी लॉजिस्टिक्स और प्रशासनिक मंजूरियों पर भी काम चल रहा है। दिल्ली पुलिस और जिला प्रशासन के साथ मिलकर आयोजक सुरक्षा और यातायात के पुख्ता इंतजाम करने की योजना बना रहे हैं ताकि आने वाले लाखों दर्शकों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। 'द फ्रीलान्स' इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और जैसे ही टिकटों की बिक्री और कलाकारों के नाम पर आधिकारिक मुहर लगेगी, हम अपने पाठकों तक सबसे पहले सटीक जानकारी पहुंचाएंगे। तब तक के लिए देश का के-पॉप समुदाय इस ऐतिहासिक शाम के इंतजार में अपनी पलकें बिछाए बैठा है।





