मेरठ जिले से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है जहाँ अदालत ने बहुचर्चित सांप कांड में अपना फैसला सुना दिया है। स्थानीय अदालत ने पति अमित कश्यप की निर्मम हत्या के मामले में उसकी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई है। इस खौफनाक वारदात ने पूरे उत्तर प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था क्योंकि हत्या को अंजाम देने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया गया था। अदालत के इस फैसले के बाद न्याय की उम्मीद कर रहे पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है जबकि दोषियों के खेमे में हड़कंप मच गया है।
घटना की शुरुआत तब हुई जब अमित कश्यप की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर सामने आई थी। शुरुआत में परिवार और पुलिस को लगा कि यह किसी जहरीले सांप के काटने से हुई स्वाभाविक मौत है क्योंकि बिस्तर पर एक जिंदा सांप घूमता हुआ मिला था। लेकिन जब पुलिस ने गहराई से मामले की पड़ताल की और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई तो सच किसी के भी होश उड़ाने के लिए काफी था। अमित की मौत सांप के काटने से नहीं बल्कि गला घोंटकर की गई थी और सांप को तो सिर्फ पुलिस को चकमा देने के लिए कमरे में छोड़ा गया था।
पति को रास्ते से हटाने के लिए रची गई थी खौफनाक साजिश
जांच में यह साफ हो गया कि रविता और उसके प्रेमी अमरदीप के बीच अवैध संबंध थे जिसमें अमित कश्यप सबसे बड़ी रुकावट बन रहा था। दोनों ने मिलकर अमित को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का प्लान बनाया और बेहद ठंडे दिमाग से इस कत्ल को अंजाम दिया। वारदात की रात जब अमित गहरी नींद में था तब दोनों ने मिलकर उसका गला घोंट दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद सुनियोजित साजिश के तहत एक सांप का इंतजाम किया गया और उसे कमरे के बिस्तर पर छोड़ दिया गया ताकि सबको यह लगे कि अमित की मौत सांप के डसने से हुई है।
लेकिन अपराधियों के कितने भी शातिर होने के बाद भी कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं और सच्चाई किसी न किसी रास्ते बाहर आ ही जाती है। पुलिस की पूछताछ और कॉल डिटेल रिकॉर्ड ने रविता और अमरदीप के झूठ की पोल खोल दी। वैज्ञानिक साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अभियोजन पक्ष ने अदालत में ऐसा मजबूत मामला पेश किया जिससे दोषियों का बचना नामुमकिन हो गया था। हाल ही में आए अन्य चर्चित मामलों की तरह ही इस केस में भी कोर्ट ने दुर्लभ से दुर्लभतम श्रेणी मानते हुए दोनों को मौत की सजा सुनाई है।
न्यायालय के इस कड़े फैसले से समाज में गया है कड़ा संदेश
अदालत के इस फैसले के आने से पहले ही रविता और अमरदीप की धड़कनें तेज हो चुकी थीं और उन्हें इस बात का अहसास हो गया था कि उनके गुनाह की सजा बहुत भयानक होने वाली है। जज ने जब अपना फैसला सुनाया तो अदालत कक्ष में मौजूद हर कोई सन्न रह गया क्योंकि इस तरह के जघन्य अपराध समाज की नींव को हिलाकर रख देते हैं। कानूनी जानकारों का मानना है कि इस प्रकार के फैसलों से अपराधियों के दिलों में कानून का डर पैदा होता है और पारिवारिक रिश्तों की आड़ में होने वाले ऐसे खौफनाक जुर्म रुकते हैं।
मृतक अमित कश्यप के परिवार वालों ने अदालत के इस फैसले पर संतोष जताया है और कहा है कि उन्हें आखिरकार न्याय मिल गया है। इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि कितनी भी चालाकी से सबूत मिटाने की कोशिश क्यों न की जाए, सच एक दिन बाहर आ ही जाता है। द फ्रीलान्स की टीम इस मामले की हर एक कड़ी पर लगातार नजर बनाए हुए थी और आज आए इस फैसले ने एक बार फिर न्याय व्यवस्था पर आम जनता के भरोसे को और ज्यादा मजबूत कर दिया है।







