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तेलंगाना में भीषण सड़क हादसा: डिवाइडर से टकराकर आग का गोला बनी वोल्वो कार, प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन की जिंदा जलकर मौत

तेलंगाना के सूर्यापेट जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे में हैदराबाद के जाने-माने न्यूरोसर्जन डॉ. कासकुर्ती जगदीश की जिंदा जलकर मौत हो गई। उनकी तेज रफ्तार वोल्वो कार खम्मम-हैदराबाद हाईवे पर डिवाइडर से टकराने के बाद आग की चपेट में आ गई थी।
The Freelance ब्यूरो
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20 सितंबर 2026 • अपडेटेड
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तेलंगाना में भीषण सड़क हादसा: डिवाइडर से टकराकर आग का गोला बनी वोल्वो कार, प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन की जिंदा जलकर मौत
📷 तेलंगाना में भीषण सड़क हादसा: डिवाइडर से टकराकर आग का गोला बनी वोल्वो कार, प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन की जिंदा जलकर मौत — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • तेलंगाना के सूर्यापेट जिले में खम्मम-हैदराबाद हाईवे पर हुआ भीषण सड़क हादसा।
  • हैदराबाद के मशहूर न्यूरोसर्जन डॉ. कासकुर्ती जगदीश की कार आग लगने से हुई मौत।
  • प्रारंभिक जांच के अनुसार गाड़ी चलाते समय ड्राइवर को झपकी आने की आशंका जताई जा रही है।
  • पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

तेलंगाना के सूर्यापेट जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहां खम्मम-हैदराबाद हाईवे पर रविवार की सुबह एक भीषण सड़क हादसे में हैदराबाद के जाने-माने और प्रतिष्ठित न्यूरोसर्जन डॉ. कासकुर्ती जगदीश की जिंदा जलकर मौत हो गई। यह दुर्घटना इतनी डरावनी थी कि कार पलक झपकते ही आग के गोले में तब्दील हो गई और डॉक्टर को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इस घटना के बाद से चिकित्सा जगत में शोक की लहर दौड़ गई है और हर कोई इस अप्रत्याशित हादसे से स्तब्ध है।

कैसे हुआ यह भयानक हादसा?

मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा रविवार सुबह करीब 7:15 बजे सूर्यापेट के पिल्लामरी के पास खम्मम-हैदराबाद हाईवे पर हुआ। डॉ. कासकुर्ती जगदीश अपनी वोल्वो कार से खम्मम से हैदराबाद की ओर लौट रहे थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि उनकी गाड़ी की रफ्तार काफी तेज थी। अचानक किसी वजह से गाड़ी का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क के बीचों-बीच बने सीमेंट के डिवाइडर से जोरदार तरीके से जा टकराई।

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। टक्कर के तुरंत बाद कार में शॉर्ट सर्किट हुआ और देखते ही देखते पूरी गाड़ी में आग लग गई। आग ने इतनी तेजी से विकराल रूप धारण किया कि कुछ ही पलों में पूरी वोल्वो कार आग की एक बड़ी लपट में बदल गई। गाड़ी के अंदर बैठे डॉक्टर साहब को बाहर निकलने का कोई मौका नहीं मिला।

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राहगीरों की कोशिशें रहीं नाकाम, दमकल विभाग ने पाया काबू

सुबह का समय होने के कारण हाईवे पर कुछ वाहन और स्थानीय लोग मौजूद थे। जैसे ही लोगों ने कार को डिवाइडर से टकराते और उसमें आग की लपटें उठते देखा, वे तुरंत मदद के लिए दौड़े। राहगीरों ने अपनी तरफ से आग बुझाने और डॉक्टर को बाहर निकालने की पूरी कोशिश की, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि कोई भी कार के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका।

घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग को दी गई। कुछ ही देर में दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि, जब तक आग पूरी तरह बुझाई गई, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। कार पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी और अंदर बैठे डॉक्टर की दम घुटने और बुरी तरह झुलसने से मौत हो चुकी थी।

मृतक डॉक्टर की हुई पहचान, ममता अस्पताल में थे कार्यरत

हादसा इतना भीषण था कि शव की पहचान करना शुरुआती दौर में मुश्किल हो रहा था। इसके बाद पुलिस ने जली हुई कार के रजिस्ट्रेशन नंबर (नंबर प्लेट) और चेसिस नंबर के आधार पर मालिक की तलाश शुरू की। छानबीन में पता चला कि यह गाड़ी डॉ. कासकुर्ती जगदीश की है। वे खम्मम के प्रसिद्ध ममता अस्पताल में न्यूरोसर्जन के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।

पुलिस के अनुसार, डॉ. जगदीश शनिवार को अपना अस्पताल का काम और सर्जरी आदि पूरी करने के बाद रविवार सुबह अपने परिवार से मिलने के लिए खम्मम से हैदराबाद आ रहे थे। रास्ते में यह अनहोनी घट गई। पुलिस ने तुरंत उनके परिजनों को इस दुखद हादसे की सूचना दी, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। अस्पताल के स्टाफ और उनके सहयोगियों ने भी इस असामयिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

"यह बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। डॉ. कासकुर्ती जगदीश एक बेहद प्रतिभाशाली और समर्पित न्यूरोसर्जन थे। उनके जाने से चिकित्सा जगत को एक अपूरणीय क्षति हुई है। हम इस मुश्किल घड़ी में उनके परिवार के साथ हैं।" — अस्पताल प्रबंधन के अधिकारी

पुलिस और फॉरेंसिक टीम कर रही है हर पहलू की जांच

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए थे। पुलिस ने दुर्घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और यातायात को सुचारू कराया। इसके अलावा फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम को भी तुरंत बुलाया गया, जिसने जले हुए वाहन से कई नमूने और साक्ष्य एकत्र किए हैं।

शुरुआती पुलिस जांच में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि लगातार ड्राइविंग करने या रातभर की थकान के कारण सुबह के वक्त डॉक्टर को हल्की झपकी आ गई होगी। झपकी आने की वजह से वाहन से नियंत्रण छूट गया और यह भयानक हादसा हो गया। हालांकि, पुलिस किसी भी अन्य संभावना को खारिज नहीं कर रही है और तकनीकी खराबी, टायर फटने या किसी अन्य कारण से जुड़े पहलुओं की भी गहराई से जांच कर रही है।

सड़क सुरक्षा पर फिर खड़े हुए गंभीर सवाल

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर देश के हाईवे पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं और सुरक्षा के इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तेज रफ्तार वाहन चलाना और लंबी दूरी तय करते समय थकान के कारण होने वाली असावधानी अक्सर इस तरह की जानलेवा साबित होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी यात्रा के दौरान ड्राइवरों को समय-समय पर विश्राम करना चाहिए ताकि इस तरह की अनहोनी से बचा जा सके।

फिलहाल, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारणों का आधिकारिक रूप से खुलासा हो सकेगा। इस अप्रत्याशित हादसे ने एक होनहार डॉक्टर की जान ले ली, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर व्याप्त है।

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