केरल के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों खेती का एक बिल्कुल नया और अनोखा दौर चल रहा है। राज्य के किसान पारंपरिक रबर के पेड़ों को उखाड़कर उनकी जगह एक बेहद कीमती फसल लगा रहे हैं। इस नई फसल को स्थानीय भाषा में 'हरा सोना' या पाइप में उगने वाला सोना कहा जाता है। जमीन पर कम और पाइप के भीतर उगने वाली यह फसल किसानों के लिए कमाई का सबसे बड़ा जरिया बन गई है। द फ्रीलान्स की टीम ने जब राज्य के अंदरूनी इलाकों का दौरा किया, तो सामने आया कि कैसे यह बदलाव रातों-रात किसानों की किस्मत बदल रहा है।
लंबे समय तक केरल के किसानों के लिए रबर ही मुख्य आय का साधन हुआ करता था। लेकिन पिछले कुछ सालों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में रबर के दाम गिरने और लागत बढ़ने से किसानों को भारी नुकसान हो रहा था। इसी मंदी से तंग आकर किसानों ने खेती का एक नया तरीका खोज निकाला। अब वे अपने पुराने रबर के बागानों को साफ करके खास तकनीक से इस नए पौधे की खेती कर रहे हैं। इस अनोखी खेती में पानी और खाद का नियंत्रण सीधे पाइप के जरिए किया जाता है, जिससे पौधे की ग्रोथ बहुत तेजी से होती है और पैदावार भी शानदार मिलती है।
रबर की खेती छोड़ क्यों इस नए रास्ते पर चल रहे हैं किसान?
खेती के इस नए रूप ने न सिर्फ किसानों का मुनाफा बढ़ाया है, बल्कि कृषि क्षेत्र में एक नई उम्मीद जगाई है। जानकारों के मुताबिक, इस पौधे की बाजार में भारी मांग है और इसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत बहुत ऊंची रहती है। जब किसान इसे वैज्ञानिक तरीकों से पाइप के अंदर उगाते हैं, तो इसकी क्वालिटी बहुत बेहतरीन निकलती है। एक एकड़ जमीन से पारंपरिक फसलों के मुकाबले इस नए 'सोने' से कई गुना ज्यादा कमाई हो रही है। यही वजह है कि छोटे किसान भी अब बड़े पैमाने पर इस खेती से जुड़ रहे हैं और अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहे हैं।
दूसरी ओर, अगर हम वित्तीय बाजारों की बात करें तो सोने की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। वैश्विक बाजार में सोने के दाम पिछले कुछ दिनों से ऊपर-नीचे हो रहे हैं, जिसका असर आम खरीदारों की जेब पर सीधा पड़ रहा है। ज्वैलरी बाजारों में ग्राहकों की भीड़ के बीच लोग हर रोज के ताजा भाव पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि, भारतीय रुपये की स्थिति मजबूत होने के कारण घरेलू बाजार में सोने की बढ़ती कीमतों पर थोड़ा लगाम जरूर लगी है, वरना आम आदमी के लिए जेवर खरीदना और भी मुश्किल हो जाता।
रुपये की मजबूती से थमी सोने की बेकाबू रफ्तार
बाजार के जानकारों का मानना है कि विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रुपये की स्थिति सुधरने से घरेलू सर्राफा बाजार को बड़ी राहत मिली है। पिछले सप्ताह सोने की कीमतों में भारी उछाल देखा जा रहा था, लेकिन दोपहर के कारोबार के बाद रुपये में आई मजबूती ने इस तेजी को थाम लिया। इसके बावजूद, सोने के प्रति आम जनता का आकर्षण कभी कम नहीं होता। त्योहारों और शादियों के सीजन को देखते हुए लोग अभी से एडवांस बुकिंग और खरीदारी में जुट गए हैं, जिससे बुलियन मार्केट में हलचल तेज बनी हुई है।
जमीनी स्तर पर देखें तो केरल के किसानों की यह सफलता इस बात का सबूत है कि पारंपरिक खेती से हटकर कुछ अलग करने पर हालात बदल सकते हैं। रबर के बागानों की जगह ले रहा यह 'हरा सोना' न सिर्फ किसानों के बैंक खातों को भर रहा है, बल्कि कृषि विज्ञान के नए प्रयोगों की ताकत भी दिखा रहा है। द फ्रीलान्स की इस ग्राउंड रिपोर्ट से साफ है कि आने वाले दिनों में ग्रामीण भारत में इस तरह की नकदी फसलों का दायरा और अधिक बढ़ने वाला है, जो देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा देगा।











