नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश भर में मानसून की विदाई के बीच मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ली है। मौसम विभाग यानी आईएमडी ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ घंटों के भीतर देश के कम से कम 20 राज्यों में मूसलाधार बारिश हो सकती है। इस दौरान कई जगहों पर साठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए दबाव के कारण पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में आसमान काले बादलों से घिर गया है। आम लोग एक बार फिर अपने घरों में छाते और रेनकोट निकालने को मजबूर हो गए हैं।
राजधानी पटना समेत बिहार के सात जिलों में बारिश का दौर शुरू हो चुका है जबकि छब्बीस जिलों में भारी बारिश को लेकर प्रशासनिक अलर्ट जारी कर दिया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि यह बदलाव आगामी नौ अक्टूबर तक ऐसा ही बना रह सकता है। इसी तरह झारखंड में भी बंगाल की खाड़ी की हलचल का सीधा असर देखने को मिल रहा है। राज्य में लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं ने इस बार के दुर्गापूजा के उल्लास पर पानी फेरना शुरू कर दिया है। कई पंडालों में पानी भरने की खबर है जिससे आयोजकों की चिंता काफी बढ़ गई है।
पहाड़ों से लेकर मैदानों तक मौसम का मिजाज सख्त
पहाड़ी राज्यों में भी मौसम के तेवर तल्ख बने हुए हैं। हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में चौदह अक्टूबर तक बारिश और ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी के लगातार आसार बने हुए हैं। मौसम विभाग ने राज्य के तीन प्रमुख जिलों में आंधी और बिजली गिरने को लेकर येलो अलर्ट जारी कर दिया है। स्थानीय प्रशासन ने सैलानियों और किसानों को नदियों के पास न जाने की सख्त सलाह दी है। पहाड़ों पर हो रही इस मानसूनी हलचल का असर अब मैदानी इलाकों के तापमान पर भी साफ-साफ दिखने लगा है।
दूसरी तरफ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के एनसीआर क्षेत्र में भी मौसम ने करवट ली है। दिल्ली समेत करीब पंद्रह राज्यों में बारिश की चेतावनी के बाद पारे में गिरावट दर्ज की गई है। सुबह और शाम के वक्त हल्की सिहरन महसूस होने लगी है जिससे साफ है कि अब सर्दी की आहट शुरू हो चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस बार बारिश का यह दौर थमने के बाद उत्तर भारत में ठंड तेजी से अपने पैर पसार सकती है।
त्योहारों के बीच आम जनजीवन पर भारी पड़ी आफत
इस अचानक आई बारिश ने त्योहारी सीजन की तैयारियों को बड़ा झटका दिया है। बाजारों में खरीदारी करने निकले लोग अचानक हुई मानसूनी बौछार से बचते नजर आए। किसान भी अपनी पकी हुई फसलों को लेकर खासे चिंतित हैं क्योंकि इस बेमौसम बारिश से खेतों में खड़ी फसल को भारी नुकसान पहुंच सकता है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि धान की कटाई कर रहे किसानों को अपनी फसल सुरक्षित स्थानों पर रख लेनी चाहिए। जिला प्रशासन ने भी सभी निचले इलाकों में जलभराव से निपटने के लिए अपनी टीमें तैनात कर दी हैं।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड टीम ने पाया कि आपदा प्रबंधन विभाग ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अपनी पूरी तैयारी कर ली है। अगले कुछ दिनों तक मौसम का यह मिजाज ऐसा ही बने रहने की उम्मीद है। आम जनता से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों को नजरअंदाज न करें और बहुत जरूरी होने पर ही अपने घरों से बाहर निकलें। प्रशासन लगातार स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान को टाला जा सके।
प्रशासन की चौकसी और आगे की चेतावनी
देश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय हुए इस नए मौसमी तंत्र ने सरकार और प्रशासन की नींद उड़ा दी है। नदियां और नाले उफान पर हैं जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। मौसम विभाग लगातार अपने बुलेटिन अपडेट कर रहा है ताकि लोगों को समय रहते सही जानकारी मिल सके। आने वाले दिनों में तापमान में और अधिक गिरावट दर्ज की जा सकती है जिससे ठंड पूरी तरह से दस्तक दे देगी।










