चंडीगढ़/ग्राउंड ब्यूरो — पंजाब की सियासत में इन दिनों दो अलग-अलग मोर्चों पर बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। एक तरफ जहां राजनीतिक दल अपनी जमीन मजबूत करने में जुटे हैं, वहीं दूसरी तरफ राज्य सरकार निवेशकों को आकर्षित करने और युवाओं को रोजगार देने के लिए नए पोर्टल लेकर आई है। हाल ही में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी सचिन पायलट अमृतसर पहुंचे। उन्होंने श्री दरबार साहिब में माथा टेका और पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। उनके साथ परगट सिंह को भी अहम जिम्मेदारी मिलने के बाद कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा गया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में राज्य की राजनीति में कांग्रेस अपनी रणनीति को और धार देने की तैयारी कर रही है।
दूसरी तरफ, प्रशासनिक मोर्चे पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य के आर्थिक विकास को गति देने के लिए बड़े फैसलों का ऐलान किया है। सरकार ने निवेशकों के लिए दरवाजे खोलते हुए 'हुनर पंजाब' और 'फास्ट-ट्रैक पंजाब' पोर्टल लॉन्च किए हैं। इन पोर्टलों के जरिए राज्य के युवाओं को उनके कौशल और हुनर के हिसाब से सही नौकरियां और रोजगार के अवसर मिलने में आसानी होगी। सरकार का दावा है कि इन डिजिटल पहलों से युवाओं को भटकना नहीं पड़ेगा और उन्हें घर के पास ही रोजगार मिल सकेगा। इसके अलावा, निवेशकों को अब अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे क्योंकि सभी तरह की मंजूरियां एक ही खिड़की यानी सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए दी जाएंगी।
उद्योगपतियों के लिए आसान हुई निवेश की राह
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट किया है कि पंजाब अब देश भर के निवेशकों के लिए एक प्राथमिकता वाली जगह बनेगा। लंबे समय से यह शिकायत रही थी कि उद्योग लगाने के लिए लाइसेंस और मंजूरियां हासिल करने में लंबा समय लगता है। इसी समस्या को दूर करने के लिए फास्ट-ट्रैक पोर्टल की शुरुआत की गई है। इस नई व्यवस्था के तहत निवेशकों के आवेदन तय समय सीमा के भीतर मंजूर किए जाएंगे। राज्य सरकार का मानना है कि जब बड़े उद्योग पंजाब में आएंगे, तो स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इससे न केवल बड़े निवेशकों को फायदा होगा, बल्कि छोटे और मध्यम उद्योगों को भी आगे बढ़ने का खुला मौका मिलेगा।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सिंगल विंडो सिस्टम के आने से लालफीताशाही और भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी। निवेशकों को ऑनलाइन माध्यम से ही अपनी फाइल की स्थिति की पूरी जानकारी मिलती रहेगी। सरकार का यह भी कहना है कि पंजाब की भौगोलिक स्थिति और मजबूत बुनियादी ढांचा उद्योगों के अनुकूल है। सड़क मार्ग, रेल और हवाई संपर्क बेहतर होने के कारण सामान को देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचाना बहुत आसान हो गया है। इसी का नतीजा है कि कई नई कंपनियां पंजाब में अपनी इकाइयां लगाने के लिए खुलकर आगे आ रही हैं और स्थानीय प्रशासन भी उन्हें पूरा सहयोग दे रहा है।
युवाओं के कौशल विकास पर विशेष जोर
बेरोजगारी की समस्या से निपटने के लिए हुनर पंजाब पोर्टल को एक गेम-चेंजर माना जा रहा है। इस पोर्टल पर राज्य के युवाओं को अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा, जहां वे अपनी काबिलियत और ट्रेनिंग की जानकारी दर्ज करेंगे। इसके बाद कंपनियों की जरूरत के हिसाब से युवाओं का मिलान किया जाएगा और उन्हें सीधे नौकरियां ऑफर की जाएंगी। सरकार का यह प्रयास है कि पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ तकनीकी हुनर को भी बढ़ावा दिया जाए ताकि युवाओं को नौकरी ढूंढने में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। जिला स्तर पर भी रोजगार दफ्तरों को इन पोर्टलों से जोड़ा जा रहा है ताकि सुदूर गांवों के युवाओं तक भी योजनाओं का पूरा लाभ पहुंच सके।
जमीनी स्तर पर आम जनता और युवाओं की प्रतिक्रिया भी इस पहल को लेकर काफी सकारात्मक नजर आ रही है। स्थानीय युवाओं का कहना है कि अगर यह पोर्टल सही तरीके से काम करता है, तो उन्हें रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे अपने ही राज्य में रहकर सम्मानजनक आजीविका कमा सकेंगे। हालांकि, यह देखना भी दिलचस्प होगा कि राजनीतिक सरगर्मी और प्रशासनिक योजनाओं के बीच आने वाले दिनों में पंजाब की दिशा और दशा किस तरह बदलती है। द फ्रीलान्स की टीम इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार अपनी नजर बनाए रखेगी और जमीनी सच आप तक पहुंचाती रहेगी।








