अमेरिकी शेयर बाजार इन दिनों ऐतिहासिक तेजी के दौर से गुजर रहा है। पिछले कई सत्रों से वॉल स्ट्रीट पर रौनक बनी हुई है। एसएंडपी डाउ जोन्स इंडिसेस ने हांगकांग एक्सचेंज के साथ मिलकर एक नया इंडेक्स भी लॉन्च किया है। इससे वैश्विक निवेशकों का उत्साह काफी बढ़ गया है। दुनिया भर के बाजार इन नए बदलावों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
कारोबारी हफ्ते के दौरान नैस्डैक ने नया इतिहास रच दिया है। इंट्राडे कारोबार के दौरान नैस्डैक ने 27,722 का अपना सबसे ऊंचा यानी लाइफ हाई स्तर छुआ। इसके बाद यह 122 अंकों की मजबूत बढ़त के साथ पहली बार 27,600 के पास बंद हुआ। इसी तरह डाउ जोन्स और एसएंडपी 500 सूचकांक भी लगातार मजबूत स्थिति में बने हुए हैं। अमेरिकी बाजार के इन प्रमुख सूचकांकों में लगातार चौथे दिन तेजी दर्ज की गई है।
सीपीआई आंकड़े और कंपनियों के नतीजों पर टिकी निगाहें
अमेरिकी शेयर बाजार के निवेशक अब अगले बड़े आर्थिक आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। बाजार में अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई के आंकड़े आने वाले हैं। इसके साथ ही कंपनियों के तीसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे भी आने शुरू होने वाले हैं। इन दोनों ही बड़े आर्थिक संकेतों पर निवेशकों की पूरी नजर है। जानकारों का मानना है कि इन आंकड़ों से तय होगा कि बाजार की यह तेजी आगे भी जारी रहेगी या नहीं।
वैश्विक स्तर पर मिल रही इस शानदार मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में मिला-जुला असर दिख रहा है। गिफ्ट निफ्टी से आज सुबह बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मिल रहे थे। हालांकि दूसरी तरफ एशियाई बाजारों से कमजोरी का रुख सामने आ रहा था। इन दोनों विपरीत संकेतों के बीच आज भारतीय शेयर बाजार की ओपनिंग पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। निवेशक हर एक वैश्विक खबर पर बहुत सावधानी से नजर रख रहे हैं।
गिफ्ट निफ्टी और एशियाई बाजारों का मिला-जुला रुख
अमेरिकी बाजारों के सर्वकालिक उच्च स्तर पर होने के बाद भी स्थानीय स्तर पर कारोबारियों को संभलकर चलने की सलाह दी जा रही है। गिफ्ट निफ्टी जहां शुरुआती बढ़त का इशारा कर रहा है, वहीं कई एशियाई बाजारों में सुस्ती छाई हुई है। इस स्थिति के कारण निवेशकों को समझ नहीं आ रहा है कि बाजार किस दिशा में जाएगा। जानकारों का कहना है कि वैश्विक महंगाई के आंकड़े और ब्याज दरों को लेकर आने वाले बयान बहुत कुछ तय करेंगे।
एसएंडपी डाउ जोन्स इंडिसेस और हांगकांग एक्सचेंज की नई साझेदारी ने एशियाई और अमेरिकी बाजारों को एक मंच पर लाने का काम किया है। इस नए सूचकांक से निवेशकों को निवेश के नए विकल्प मिलेंगे। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि वैश्विक शेयर बाजारों की यह रिकॉर्ड चाल कितनी टिकाऊ साबित होती है। फिलहाल तो बाजार के हर खिलाड़ी की नजरें अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों और तिमाही नतीजों पर ही टिकी हैं।
भविष्य की चाल और निवेशकों के लिए जरूरी सलाह
अमेरिकी बाजारों की इस रिकॉर्ड रैली ने दुनिया भर के छोटे-बड़े निवेशकों को रोमांचित कर दिया है। हालांकि वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय बिना सोचे-समझे पैसा लगाना जोखिम भरा हो सकता है। बाजार अपने उच्चतम स्तर के आस-पास घूम रहा है, इसलिए करेक्शन यानी गिरावट की आशंका हमेशा बनी रहती है। निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में विविधता रखनी चाहिए और केवल मजबूत बुनियादी फंडामेंटल वाली कंपनियों पर ही भरोसा करना चाहिए।
द फ्रीलान्स की इस ग्राउंड पड़ताल से साफ है कि वैश्विक बाजारों की उठापटक का सीधा असर भारतीय निवेशकों की जेब और भावनाओं पर पड़ रहा है। आने वाले कुछ दिन शेयर बाजार के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं। जैसे ही अमेरिका से नए आर्थिक आंकड़े आएंगे, वैसे ही बाजार की अगली दिशा साफ हो जाएगी। तब तक निवेशकों को हर छोटी बड़ी खबर से अपडेट रहना बेहद जरूरी है।








