नायब सिंह सैनी का पंजाब सरकार पर करारा प्रहार
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पंजाब के प्रशासनिक कामकाज और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवालिया निशान खड़े किए। मुख्यमंत्री सैनी ने साफ शब्दों में कहा कि पड़ोसी राज्य में पिछले पांच सालों के दौरान विकास कार्यों के बजाय केवल राजनीतिक बयानबाजी और हास्य-विनोद का दौर चलता रहा है, जिससे आम जनता की उम्मीदें पूरी तरह टूट चुकी हैं।
मुख्यमंत्री सैनी ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि जनता किसी भी सरकार को अपनी समस्याओं के समाधान और बेहतर भविष्य की उम्मीद के साथ चुनती है, न कि मनोरंजन के लिए। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय बड़े-बड़े दावे और वादे किए गए थे, लेकिन ज़मीनी स्तर पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है।
चुटकुलों और मज़ाक से नहीं चलती व्यवस्था
पंजाब के मुख्यमंत्री के कामकाज पर तंज कसते हुए हरियाणा के सीएम ने कहा कि केवल चुटकुले सुनाने से राज्य की गाड़ी नहीं खींची जा सकती। उन्होंने कहा,
"चुटकुलों से सिनेमा हॉल तो चल सकते हैं, लेकिन एक प्रदेश की सरकार चलाने के लिए विजन, इच्छाशक्ति और जमीनी काम की जरूरत होती है। पंजाब सरकार ने अपने कार्यकाल का अधिकांश समय सिर्फ मजाक बनाने में ही बिता दिया है।"उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी काफी बढ़ गई है और दोनों राज्यों के बीच बयानबाजी का दौर तेज हो गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के तीखे बयान आगामी चुनावी समीकरणों और पड़ोसी राज्यों के बीच आपसी राजनीतिक खींचतान को और अधिक स्पष्ट करते हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री ने जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों को उठाकर पंजाब सरकार को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास किया है।
मानसा की घटना और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विशेष रूप से मानसा जिले में हुई नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राज्य में नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार रुकने के बजाय लगातार फैल रहा है, जिसके खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने इस दुखद घटना को लेकर पंजाब प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए और कहा कि सरकार इस मामले में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।
मृतक कार्यकर्ता के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इस संवेदनशील मामले को राजनीतिक रंग देने के बजाय दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए थी। राज्य में लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति और ड्रग्स के बढ़ते जाल ने आम नागरिकों की नींद उड़ा दी है, जिस पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए था।
युवाओं और किसानों के मुद्दों पर घिरी सरकार
हरियाणा के मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पंजाब में सत्ता में आने से पहले युवाओं, महिलाओं और किसानों को जो सुनहरे सपने दिखाए गए थे, वे आज भी अधूरे हैं। किसानों की समस्याएं ज्यों की त्यों बनी हुई हैं और बेरोजगारी के चलते युवा लगातार परेशान हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि वादों के नाम पर केवल जनता को गुमराह किया गया है और ज़मीनी हक़ीक़त दावों से कोसों दूर है।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि जनता सब कुछ देख रही है और आने वाले समय में वे इन विफलताओं का जवाब अपने मताधिकार के जरिए जरूर देगी। एक जिम्मेदार पड़ोसी राज्य के मुखिया के रूप में उन्होंने पंजाब के हालात पर गहरी चिंता व्यक्त की और जनता के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।









