भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान लेकर आया है। शुरुआती कारोबार में ही बाजार ने रफ्तार पकड़ ली और देखते ही देखते सेंसेक्स ने 1100 अंकों की बड़ी छलांग लगा दी। इस जोरदार तेजी के बाद सेंसेक्स 73,850 के मजबूत स्तर पर जा पहुंचा है। इस शानदार उछाल से निवेशकों की संपत्ति में कुछ ही घंटों में भारी इजाफा हुआ है।
बाजार में इस अचानक आई तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल के दामों में आई नरमी है। कच्चा तेल सस्ता होने से भारत जैसे तेल आयात करने वाले देश की अर्थव्यवस्था को बड़ी राहत मिलती है। इससे महंगाई का दबाव कम होता है और कंपनियों की लागत घटती है। इसी का असर आज सीधे तौर पर दलाल स्ट्रीट पर देखने को मिला है।
निफ्टी में भी 300 अंकों की बड़ी तेजी
सेंसेक्स के साथ-साथ नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी पीछे नहीं रहा है। निफ्टी में भी 300 अंकों से अधिक की शानदार तेजी दर्ज की गई है। बाजार के जानकारों का मानना है कि कच्चे तेल में आई इस गिरावट ने निवेशकों का भरोसा फिर से मजबूत किया है। पिछले कुछ दिनों से सुस्त चल रहे बाजार में अचानक आई इस तेजी ने माहौल पूरी तरह बदल दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक संकेत सुधर रहे हैं जिसका फायदा घरेलू बाजारों को मिल रहा है। विदेशी निवेशकों ने भी भारतीय बाजारों में फिर से पैसा लगाना शुरू कर दिया है। इससे बाजार को और अधिक मजबूती मिल रही है और आने वाले दिनों में यह रफ्तार जारी रहने की उम्मीद जताई जा रही है।
आईटी और एफएमसीजी शेयरों में जमकर खरीदारी
आज के कारोबार में सबसे ज्यादा खरीदारी आईटी और एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों में देखने को मिली है। दिग्गज कंपनियों के शेयरों में लिवाली निकलने से बाजार को ऊपर खींचने में बड़ी मदद मिली। इन दोनों सेक्टरों के मजबूत प्रदर्शन से निवेशकों का उत्साह सातवें आसमान पर है और हर तरफ सकारात्मक माहौल बना हुआ है।
बैंक और ऑटो सेक्टर के शेयरों में भी ठीक-ठाक लिवाली दर्ज की गई है। बाजार के जानकारों का मानना है कि जब तक कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं, तब तक भारतीय शेयर बाजार में स्थिरता और मजबूती बनी रह सकती है। हालांकि निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी शेयर में पैसा लगाने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से बात जरूर करें।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल और आगे का रुख
द फ्रीलान्स की टीम ने बाजार के जानकारों और दलालों से बातचीत करके यह जाना कि यह तेजी कितनी टिकाऊ है। जानकारों का कहना है कि वैश्विक उथल-पुथल के बीच यह राहत भरी सांस जैसी है। निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे मुनाफावसूली के चक्कर में जल्दबाजी न करें और लंबी अवधि के निवेश पर ध्यान दें ताकि बाजार के उतार-चढ़ाव से बचा जा सके।


