नई दिल्ली के कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर पर प्रस्तावित अभिजीत दीपके के तिरंगा मार्च को लेकर राष्ट्रीय राजधानी में आज तनाव और गहमागहमी का माहौल है। दिल्ली पुलिस ने इस मार्च को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं और हाई कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए आयोजकों पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बलों को संवेदनशील इलाकों में तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
सुबह-सुबह की गई त्वरित कार्रवाई में पुलिस ने आयोजक अभिजीत दीपके को एक फ्लाइट से पकड़कर हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद उनके समर्थकों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। दूसरी ओर, सेंट्रल ज्वाइंट मंच यानी सीजेपी ने आज ही जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करने का खुला ऐलान किया है। पुलिस किसी भी तरह की अनधिकृत भीड़ को जुटने से रोकने के लिए लगातार गश्त कर रही है और आने-जाने वाले लोगों की सघन जांच की जा रही है।
कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर के आसपास कड़े सुरक्षा प्रबंध
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बिना अनुमति के किसी भी प्रकार के मार्च या प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी जाएगी। कनॉट प्लेस के इनर और आउटर सर्किल पर भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है। स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों को भी पुलिस की सख्ती का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि सुरक्षा घेरा बहुत कड़ा कर दिया गया है। मेट्रो स्टेशनों के निकास द्वारों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि प्रदर्शनकारी अचानक इकट्ठा न हो सकें।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच राजधानी में अन्य मुद्दों पर भी प्रशासनिक हलचल तेज है। एक तरफ जहां तिरंगा मार्च को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है, वहीं दूसरी तरफ प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नेहा बोरा द्वारा किए गए तीखे ऐलानों ने राजनीतिक सरगर्मी को और बढ़ा दिया है। प्रेस मीट के दौरान हुई धक्का-मुक्की और हंगामे के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह सतर्क मोड में आ गई हैं।
फर्जी खबरों पर भी दिल्ली पुलिस की कड़ी नजर
जमीनी हालात पर नियंत्रण पाने के साथ-साथ पुलिस सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर बनाए हुए है। हाल ही में पाकिस्तान के ठिकाने से संचालित हो रहे करीब 480 सोशल मीडिया हैंडल को ब्लॉक किया गया है, जो इस संवेदनशील माहौल में भ्रामक और फर्जी खबरें फैला रहे थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर की शांति भंग करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
आम नागरिकों से अपील की जा रही है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और पुलिस प्रशासन का सहयोग करें। कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर की तरफ जाने वाले रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्जन भी किया गया है ताकि आम जनता को आवाजाही में परेशानी न हो। द फ्रीलान्स की ग्राउंड टीम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जैसे ही नया अपडेट आएगा, पाठकों तक पहुंचाया जाएगा।
प्रशासन की चेतावनी और आगामी कदम
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जिन लोगों ने नियमों को ताक पर रखकर भीड़ जुटाने की कोशिश की है, उनकी सूची तैयार की जा रही है। खुफिया विभाग की रिपोर्ट्स के आधार पर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि शहर का सौहार्द किसी भी कीमत पर न बिगड़े। आने वाले कुछ घंटों में स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।







