कोलकाता/ग्राउंड ब्यूरो — भारतीय घरेलू क्रिकेट में इस समय बंगाल की रणजी टीम को लेकर चर्चाएं बहुत तेज हैं। दुष्कर्म के गंभीर मामलों में कानूनी प्रक्रिया का सामना कर रहे और जमानत पर चल रहे युवा विकेटकीपर बल्लेबाज अभिषेक पोरेल को बंगाल की रणजी टीम में शामिल कर लिया गया है। इस फैसले ने खेल जगत में नई बहस छेड़ दी है, क्योंकि एक तरफ जहां खिलाड़ी पर गंभीर आरोप हैं, वहीं दूसरी तरफ चयनकर्ताओं ने उसके खेल कौशल को प्राथमिकता दी है। मैदान पर उतरते ही पोरेल ने अपने आलोचकों को बल्ले से जवाब दिया और दिल्ली के खिलाफ शानदार शतकीय पारी खेल कर सबको चौंका दिया।
रणजी ट्रॉफी के इस मुकाबले में बंगाल की टीम ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। टीम के सीनियर खिलाड़ी और तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी भी इस खतरनाक गेंदबाजी आक्रमण का हिस्सा बनने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। वहीं टीम की कमान अनुभवी बल्लेबाज अभिमन्यु ईश्वरन के हाथों में सौंपी गई है। ऐसे में अभिषेक पोरेल का टीम में होना और मैदान पर उतरकर रन बनाना बंगाल के खेमे के लिए एक बड़ी राहत माना जा रहा है, हालांकि बाहरी हलकों में इस चयन को लेकर कई सवाल भी उठाए जा रहे हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि कानूनी मामलों और खेल के मैदान को अलग रखकर देखना इस समय बंगाल क्रिकेट संघ के सामने एक बड़ी चुनौती है।
मैदान पर शानदार वापसी और दिल्ली के खिलाफ शतक
अभिषेक पोरेल ने दिल्ली के खिलाफ रणजी मुकाबले के दौरान साबित कर दिया कि उनका पूरा ध्यान फिलहाल क्रिकेट पर ही है। मुश्किल परिस्थितियों और मानसिक दबाव के बावजूद इस युवा बल्लेबाज ने क्रीज पर टिककर शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने दिल्ली के गेंदबाजों का डटकर सामना किया और धैर्य दिखाते हुए अपना शतक पूरा किया। उनकी इस पारी ने बंगाल की टीम को एक मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया है। क्रिकेट प्रेमियों के बीच उनकी यह वापसी चर्चा का विषय बन गई है, जहां एक वर्ग उनके खेल की तारीफ कर रहा है, वहीं दूसरा वर्ग उनके खिलाफ चल रहे आपराधिक मामलों को लेकर नैतिकता का सवाल उठा रहा है।
इस मैच में केवल अभिषेक ही नहीं, बल्कि अन्य खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी सबकी नजरें टिकी हुई हैं। बंगाल की टीम इस सत्र में रणजी ट्रॉफी का खिताब जीतने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रही है। टीम प्रबंधन का पूरा जोर खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत रखने और मैदान पर बेहतर प्रदर्शन करने पर है। कोच और कप्तान लगातार खिलाड़ियों से यही कह रहे हैं कि वे बाहरी चर्चाओं से दूर रहें और सिर्फ अपने खेल पर ध्यान केंद्रित करें।
मोहम्मद शमी की मौजूदगी से गेंदबाजी आक्रमण हुआ मजबूत
बंगाल टीम के लिए एक और बड़ी अच्छी खबर यह है कि स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी पूरी तरह फिट होकर टीम से जुड़ चुके हैं। शमी की वापसी से बंगाल का गेंदबाजी आक्रमण बेहद खतरनाक हो गया है। विरोधी टीमों के बल्लेबाजों के लिए शमी का सामना करना आसान नहीं होगा। रणजी ट्रॉफी के इस दौर में बंगाल की टीम हर मोर्चे पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। टीम के पास बल्लेबाजी में अभिमन्यु ईश्वरन और अभिषेक पोरेल जैसे खिलाड़ी हैं, तो गेंदबाजी की कमान मोहम्मद शमी के हाथों में है।
स्थानीय स्तर पर और खेल प्रेमियों के बीच इस बात की भी चर्चा है कि क्या कानूनी विवादों में फंसे खिलाड़ियों को इस तरह मैदान पर उतारना सही है या नहीं। हालांकि, कानूनी जानकारों का स्पष्ट कहना है कि जब तक अदालत से कोई अंतिम फैसला या सजा नहीं सुनाई जाती, तब तक किसी भी नागरिक को उसकी आजीविका या पेशेवर खेल से वंचित नहीं किया जा सकता। इसी नियम और प्रावधान के तहत बंगाल क्रिकेट संघ ने पोरेल को खेलने की अनुमति दी है।
भविष्य की रणजी रणनीति और चयनकर्ताओं का रुख
आगामी मैचों को देखते हुए बंगाल की टीम अपनी रणनीति में कोई ढील देने के मूड में नहीं है। टीम के चयनकर्ताओं का साफ कहना है कि उनका काम सिर्फ खिलाड़ी के खेल कौशल और प्रदर्शन को देखना है। अभिषेक पोरेल ने अपनी शतकीय पारी से यह साबित कर दिया है कि वह टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। आने वाले दिनों में बंगाल का मुकाबला अन्य मजबूत टीमों से होना है, जहां इस संतुलित और आक्रामक टीम को अपनी पूरी क्षमता दिखानी होगी। द फ्रीलान्स की टीम इस पूरे मामले पर अपनी पैनी नजर बनाए रखेगी और खेल से जुड़े हर नए अपडेट को आप तक पहुंचाती रहेगी।








