नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — सऊदी अरब जाने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी और परेशान करने वाली खबर सामने आई है। देश की प्रमुख विमानन कंपनी एअर इंडिया ने आगामी 20 अक्टूबर तक सऊदी अरब के लिए अपनी सभी उड़ानों को पूरी तरह से रद्द कर दिया है। इस अचानक लिए गए फैसले से रियाद, जेद्दा और दम्माम की यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों की मुश्किलें अचानक बढ़ गई हैं। पिछले कुछ दिनों से खाड़ी देशों में बने तनावपूर्ण हालात और सुरक्षा कारणों को इस बड़े फैसले की मुख्य वजह माना जा रहा है। कंपनी के इस कदम से उन लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है जिनकी टिकटें पहले से बुक थीं और जिन्हें जरूरी काम से सऊदी अरब जाना था।
यात्रियों की इस अचानक बढ़ी मुसीबत के बाद दिल्ली, मुंबई और अन्य प्रमुख हवाई अड्डों पर असमंजस की स्थिति बन गई है। बहुत से मुसाफिर ऐसे हैं जो एयरपोर्ट पहुंच चुके थे या जिनकी कनेक्टिंग उड़ानें थीं। उन्हें अब टिकट के पैसे वापस लेने या अपनी यात्रा की तारीख आगे बढ़ाने के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। एअर इंडिया के अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है और हालात सामान्य होने पर ही उड़ानों का संचालन दोबारा शुरू किया जाएगा। तब तक के लिए यात्रियों को अपनी यात्रा टालने या दूसरे विकल्पों पर विचार करने की सलाह दी जा रही है।
रियाद, जेद्दा और दम्माम जाने वालों पर सबसे बड़ा असर
इस फैसले का सीधा असर रियाद, जेद्दा और दम्माम जाने वाले यात्रियों पर पड़ा है। ये तीनों शहर सऊदी अरब के सबसे अहम व्यावसायिक और धार्मिक केंद्र हैं। बड़ी संख्या में भारतीय कामगार, व्यापारी और उमराह यात्री इन शहरों के लिए हर रोज उड़ान भरते हैं। उड़ानें अचानक रद्द होने से उन लोगों के सामने संकट खड़ा हो गया है जिनकी नौकरियां या व्यवसाय इन शहरों से जुड़े हैं। कई यात्रियों का कहना है कि उन्हें इस फैसले की जानकारी बहुत देर से मिली, जिससे वे अपनी वैकल्पिक व्यवस्था समय पर नहीं कर पाए। हवाई अड्डों पर एयरलाइन के सहायता केंद्रों पर लोगों की भीड़ जमा हो गई है और वे अपने टिकट के रिफंड को लेकर सवाल पूछ रहे हैं।
एअर इंडिया ने स्पष्ट किया है कि जिन यात्रियों की उड़ानें इस अवधि के दौरान रद्द हुई हैं, उन्हें पूरा रिफंड दिया जाएगा। इसके अलावा यात्रियों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अपनी यात्रा की तारीख बदलने का विकल्प भी दिया जा रहा है। हालांकि, त्योहारी सीजन और छुट्टियों का समय होने के कारण दूसरी एयरलाइंस की उड़ानों में भी सीटें मिलना इस समय बहुत मुश्किल हो गया है। टिकटों के दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे आम मुसाफिरों की जेब पर भारी बोझ पड़ रहा है। कई लोग अपनी जरूरी यात्राएं रद्द करने को मजबूर हो गए हैं, जिससे परिवारों में भी निराशा का माहौल है।
तनावपूर्ण हालात और सुरक्षा चिंताओं के बीच फैसला
सऊदी अरब और आसपास के क्षेत्र में बने मौजूदा तनाव के चलते विमानन कंपनियों को अपनी सुरक्षा समीक्षा नए सिरे से करनी पड़ रही है। अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन नियमों के तहत यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि होती है, जिसके चलते यह कड़ा कदम उठाया गया है। सुरक्षा एजेंसियों से मिल रही लगातार रिपोर्ट्स के बाद एयर इंडिया ने जोखिम मोल न लेते हुए 20 अक्टूबर तक सभी उड़ानों को रोकने का फैसला लिया। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और विदेश मंत्रालय के साथ भी समन्वय स्थापित किया जा रहा है ताकि फंसे हुए या प्रभावित नागरिकों को समय पर मदद पहुंचाई जा सके।
जमीनी स्तर पर स्थिति यह है कि यात्रा उद्योग से जुड़े लोगों को भी भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। ट्रैवल एजेंटों के पास लगातार फोन आ रहे हैं और लोग बुकिंग रद्द कराने की प्रक्रिया के बारे में पूछ रहे हैं। होटल बुकिंग और वीजा से जुड़े खर्चों को लेकर भी यात्रियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। एअर इंडिया और अन्य संबंधित अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। जैसे ही सुरक्षा संबंधी स्थिति में सुधार होगा, उड़ानों की बहाली को लेकर आधिकारिक सूचना जारी की जाएगी। तब तक यात्रियों से संयम रखने और एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट के संपर्क में रहने की अपील की गई है।
टिकट रिफंड और वैकल्पिक यात्रा के नियम
फंसे हुए यात्रियों की सहायता के लिए एयरलाइन ने विशेष काउंटर और हेल्पलाइन नंबर सक्रिय किए हैं। जो यात्री अपनी यात्रा रद्द करना चाहते हैं, उनके खातों में राशि वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ट्रेवलपोर्टल और एजेंटों के जरिए बुकिंग कराने वाले यात्रियों को भी उनके माध्यम से ही रिफंड मिल जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की बुकिंग और बीमा पॉलिसियों को लेकर लोगों की सोच में बड़ा बदलाव आ सकता है। आने वाले दिनों में यदि स्थिति में सुधार होता है, तो उड़ानों की संख्या बढ़ाई जा सकती है ताकि बै बैकलॉग को जल्द से जल्द खत्म किया जा सके।





