नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — भारतीय क्रिकेट जगत से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है। अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की पूरे चार साल बाद टीम इंडिया में वापसी हो गई है। यह वापसी किसी साधारण सीरीज के दौरान नहीं, बल्कि वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले जाने वाले आखिरी टी-20 मुकाबले से ठीक पहले हुई है। चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन के इस फैसले ने सबको हैरान कर दिया है। सोशल मीडिया से लेकर खेल के मैदानों तक हर जगह इसी बात की चर्चा हो रही है कि क्या भुवनेश्वर एक बार फिर अपनी स्विंग गेंदबाजी से जलवा बिखेरेंगे।
इस अचानक हुए बदलाव के पीछे मुख्य कारण अर्शदीप सिंह की चोट है। टीम के युवा और मुख्य तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह के कंधे में चोट लग गई है। मेडिकल टीम की सलाह के बाद उन्हें इस आखिरी मैच से आराम दिया गया है। अर्शदीप के अचानक बाहर होने से टीम की गेंदबाजी कमजोर पड़ सकती थी। इस खाली जगह को भरने के लिए चयनकर्ताओं ने किसी युवा खिलाड़ी की बजाय अनुभव को प्राथमिकता दी है। उन्होंने सीधे तौर पर भुवनेश्वर कुमार को टीम के साथ जुड़ने का बुलावा भेज दिया है।
बेंगलुरु टी-20 मैच से पहले बड़ा बदलाव
भारत और वेस्टइंडीज के बीच सीरीज का आखिरी और निर्णायक मुकाबला बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाना है। मैच से ठीक पहले अर्शदीप सिंह का चोटिल होना टीम के लिए किसी झटके से कम नहीं था। लेकिन भुवनेश्वर कुमार के आने से ड्रेसिंग रूम का माहौल फिर से जोश से भर गया है। भुवनेश्वर के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का लंबा अनुभव है। उन्होंने अपनी शानदार स्विंग गेंदबाजी से भारत को कई मैच जिताए हैं। बेंगलुरु की पिच पर नई गेंद से स्विंग कराने में वह माहिर माने जाते हैं।
बीसीसीआई के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक भुवनेश्वर कुमार टीम के साथ जुड़ चुके हैं। उन्होंने नेट्स में अभ्यास भी शुरू कर दिया है। कप्तान और कोच इस अनुभवी गेंदबाज को सीधे अंतिम ग्यारह में मौका देने पर विचार कर रहे हैं। पिछले काफी समय से घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में भुवनेश्वर का प्रदर्शन ठीक रहा है। हालांकि उन्हें राष्ट्रीय टीम से बाहर लंबे समय से रखा गया था। लेकिन किस्मत ने एक बार फिर उन्हें देश के लिए खेलने का बड़ा मौका दे दिया है.
चार साल का लंबा इंतजार हुआ खत्म
भुवनेश्वर कुमार ने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच काफी समय पहले खेला था। इसके बाद लगातार नई पीढ़ी के गेंदबाजों को मौका दिया जा रहा था। अर्शदीप, जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज जैसे गेंदबाज टीम की पहली पसंद बन गए थे। ऐसे में भुवनेश्वर का नाम अचानक सामने आना किसी चमत्कार से कम नहीं है। खेल विशेषज्ञ मान रहे हैं कि अगर भुवनेश्वर इस मैच में अच्छा प्रदर्शन करते हैं। तो आगे आने वाले टी-20 मुकाबलों के लिए भी उनका दावा मजबूत हो सकता है।
मैच से पहले होने वाली प्रेस कांफ्रेंस में टीम प्रबंधन इस बदलाव पर आधिकारिक बात रख सकता है। फैंस भी मैदान पर एक बार फिर जर्सी नंबर 15 को गेंदबाजी करते देखने के लिए बेताब हैं। बेंगलुरु की इस शाम क्रिकेट प्रेमियों को एक रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा। सबकी नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि चार साल बाद वापसी कर रहे भुवनेश्वर कुमार अपनी गेंदबाजी से कितना असर छोड़ पाते हैं।
सीरीज का आखिरी मुकाबला और टीम की रणनीति
वेस्टइंडीज के खिलाफ यह आखिरी टी-20 मैच दोनों टीमों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। सीरीज का यह फैसला मैच तय करेगा कि ट्रॉफी किसके हाथ लगेगी। ऐसे में अनुभवी भुवनेश्वर कुमार का मैदान पर होना टीम के लिए एक बड़ा मनोवैज्ञानिक फायदा साबित हो सकता है। युवा खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम में उनका अनुभव बहुत काम आएगा। दबाव के पलों में कैसे गेंदबाजी करनी है, यह भुवनेश्वर अच्छी तरह जानते हैं।
क्रिकेट गलियारों में अब बस इसी बात की चर्चा है कि क्या भुवनेश्वर अपनी पुरानी लय दोहरा पाएंगे। क्या वह पहले ओवर से ही विरोधी बल्लेबाजों को परेशान कर पाएंगे। इन सारे सवालों के जवाब हमें कुछ ही घंटों बाद मिलने वाले हैं। द फ्रीलान्स की टीम इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। मैच शुरू होने से पहले और भी ताजा अपडेट्स आप तक पहुंचाए जाएंगे।




