नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश भर के करोड़ों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को इस बार अपने महंगाई भत्ते यानी डीए में बढ़ोतरी के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। हाल ही में संपन्न हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में महंगाई भत्ते और राहत में संशोधन को लेकर कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है। इस स्थिति के बाद कर्मचारियों के मन में यह सवाल उठने लगा है कि क्या उन्हें त्योहारों के इस सीजन में सरकार की तरफ से कोई बड़ा वित्तीय तोहफा मिल पाएगा या नहीं।
मीडिया रिपोर्ट्स और आधिकारिक सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के मुताबिक, इस बार कैबिनेट के एजेंडे में कई दूसरे मुद्दों को प्राथमिकता दी गई थी, जिसके चलते डीए बढ़ोतरी का प्रस्ताव मुहर नहीं पा सका। हालांकि कर्मचारी संगठनों का यह मानना है कि सरकार इस फैसले को ज्यादा लंबा नहीं खींचेगी और बहुत जल्द इस पर स्थिति स्पष्ट की जाएगी ताकि त्योहारी सीजन के दौरान कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिल सके।
कर्मचारी यूनियनों की मांग और बोनस की सीमा बढ़ाने का दबाव
इस बीच विभिन्न कर्मचारी संगठनों और फेडरेशन ने सरकार पर अपनी मांगें तेज कर दी हैं। अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी महासंघ यानी AIDEF ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर यह मांग की है कि डीए बढ़ोतरी का ऐलान बिना किसी और देरी के तुरंत किया जाना चाहिए। इसके साथ ही यूनियनों ने उत्पादन से जुड़े बोनस की सीमा को भी बढ़ाने की पुरजोर वकालत की है ताकि महंगाई के इस दौर में निचले स्तर के कर्मचारियों को भी सीधा फायदा मिल सके।
कर्मचारियों का तर्क है कि हर साल की तरह इस बार भी जुलाई से देय डीए का ऐलान सितंबर या अक्टूबर के शुरुआती हफ्तों तक हो जाना चाहिए था। लेकिन कैबिनेट बैठक में इस पर मुहर न लगने से असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। कर्मचारी संघों के प्रतिनिधियों का कहना है कि वे लगातार सरकार के संपर्क में हैं और उन्हें पूरी उम्मीद है कि दशहरा या दिवाली से ठीक पहले सरकार कोई बड़ा ऐलान जरूर करेगी।
पिछली बार कब बढ़ा था महंगाई भत्ता और क्या है फॉर्मूला
सरकार अमूमन साल में दो बार जनवरी और जुलाई के महीने में महंगाई भत्ते की दरों में संशोधन करती है। इसे तय करने के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़ों का इस्तेमाल किया जाता है, जो देश भर में खुदरा महंगाई की स्थिति को दर्शाते हैं। पिछली बार मार्च के महीने में डीए को बढ़ाकर पचास प्रतिशत कर दिया गया था, जो एक जनवरी से लागू हुआ था। अब इस बार की बढ़ोतरी के बाद इसके चौवन प्रतिशत तक पहुंचने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
देश के लाखों पेंशनभोगियों को भी महंगाई राहत यानी डीआर में इसी अनुपात में संशोधन का इंतजार है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि डीए में बढ़ोतरी होने से सरकारी कर्मचारियों के हाथों में अतिरिक्त नकदी आएगी, जिससे त्योहारी बाजार में भी तेजी देखने को मिल सकती है। सरकार के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि प्रशासनिक औपचारिकताएं लगभग पूरी हो चुकी हैं और आगामी कुछ दिनों में होने वाली अगली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है।
अब दशहरे और दिवाली के उपहार पर टिकी सबकी निगाहें
चूंकि अब दशहरे का पर्व बेहद करीब आ चुका है और उसके बाद दिवाली का मुख्य त्योहार है, ऐसे में हर कर्मचारी की नजरें सिर्फ इसी बात पर टिकी हैं कि सरकार कब फाइल पर हस्ताक्षर करती है। यदि दशहरे से पहले फैसला नहीं भी होता है, तो दिवाली के उपहार के रूप में एरियर के साथ बढ़ी हुई सैलरी मिलना लगभग तय माना जा रहा है।
द फ्रीलान्स की जमीनी पड़ताल यह बताती है कि सरकारी दफ्तरों में इन दिनों डीए की चर्चा सबसे ऊपर है। कर्मचारी अपनी पुरानी गणनाओं के आधार पर यह हिसाब लगा रहे हैं कि उनके वेतन में कुल कितने हजार रुपये की बढ़ोतरी होगी। फिलहाल सभी को आधिकारिक घोषणा का इंतजार है ताकि त्योहारी सीजन की खुशियां दोगुनी हो सकें।






