नई दिल्ली से हमारी ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस पार्टी के भीतर इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। पिछले कुछ दिनों से पार्टी के अंदरखाने में घमासान मचा हुआ है। इसकी मुख्य वजह नेहा बोरा से जुड़े घटनाक्रम बताए जा रहे हैं। पार्टी के कई वरिष्ठ और स्थानीय नेता इस मामले पर अपनी नाराजगी खुलकर जता रहे हैं। उनका मानना है कि पार्टी के फैसलों से जमीनी कार्यकर्ताओं में गलत संदेश जा रहा है। इस खींचतान के कारण दिल्ली से लेकर राज्यों तक पार्टी की सियासत गरमा गई है।
इस पूरे विवाद के बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपनी ही पार्टी के नाराज नेताओं को बेहद कड़े शब्दों में जवाब दिया है। सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी ने दो टूक कहा है कि जिन्हें पार्टी की विचारधारा और फैसलों पर ऐतराज है वे अपना रास्ता चुनने के लिए स्वतंत्र हैं। उन्होंने साफ किया कि अनुशासनहीनता और पार्टीलाइन से हटकर बयानबाजी किसी भी कीमत पर सहन नहीं की जाएगी। राहुल गांधी के इस तीखे रुख के बाद पार्टी के भीतर हलचल और ज्यादा तेज हो गई है।
युवा कांग्रेस का प्रदर्शन और जंतर मंतर पर हलचल
एक तरफ जहां पार्टी के भीतर गुटबाजी खुलकर सामने आ रही है, वहीं दूसरी तरफ संगठनों के स्तर पर भी विरोध प्रदर्शन की तैयारियां जोरों पर हैं। युवा कांग्रेस ने हाल ही में जंतर मंतर पर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन के लिए अनुमति मांगी है। इसके लिए चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन के पास बीस दिन की परमीशन का आवेदन दिया गया है। युवा कांग्रेस के नेता सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार हुंकार भरने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि पुलिस और प्रशासन की ओर से अभी तक इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं आया है.
संगठन के मोर्चे पर आ रही दिक्कतों को लेकर पार्टी के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि देश के अलग-अलग हिस्सों से आ रहे हमारे कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचने से जानबूझकर रोका जा रहा है। सरकार और प्रशासन मिलकर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर रहे हैं। वेणुगोपाल के इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और ज्यादा गरमा दिया है। पार्टी का आरोप है कि उनकी आवाज दबाने की पूरी कोशिश की जा रही है लेकिन वे डरने वाले नहीं हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी दूसरी बड़ी राहत
इस सियासी घमासान के बीच आम जनता के लिए एक राहत भरी खबर भी सामने आई है। अस्पतालों में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए टेली मेडिसिन सेवा शुरू कर दी गई है। इस सेवा के जरिए लोग घर बैठे या अस्पताल के काउंटर से ही सीधे डॉक्टरों से मुफ्त सलाह ले सकते हैं। इससे लंबी लाइनों में लगने की परेशानी से छुटकारा मिलेगा। सरकार का दावा है कि इस डिजिटल पहल से आम आदमी का समय बचेगा और स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुलभ होंगी।
जमीनी स्तर पर हमारी पड़ताल बताती है कि एक तरफ राजनीतिक दल आपसी कलह और विरोध प्रदर्शनों में उलझे हैं। दूसरी तरफ आम जनता महंगाई, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर जवाब चाहती है। कांग्रेस के भीतर चल रहा यह विवाद आने वाले दिनों में और कौन सा मोड़ लेगा यह देखने वाली बात होगी। द फ्रीलान्स की टीम इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और हर नई जानकारी आप तक पहुंचाती रहेगी।
पार्टी की अंदरूनी कलह और आगामी रणनीति
कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रही यह उठापटक आने वाले चुनावों के लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है। पार्टी के रणनीतिकार डैमेज कंट्रोल में जुटे हैं ताकि बगावत के सुर ज्यादा न फैल सकें। नाराज नेताओं को मनाने के लिए पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी लगातार बैठकें कर रहे हैं। लेकिन राहुल गांधी के सख्त तेवर ने यह साफ कर दिया है कि पार्टी अब नरमी के मूड में नहीं है। देखना यह होगा कि नाराज नेता इस चेतावनी के बाद पार्टी के साथ टिके रहते हैं या कोई नया कदम उठाते हैं।





