अमृतसर में सोशल मीडिया पर अपनी एक अलग पहचान बनाने वाले इन्फ्लुएंसर मैड संधू की हत्या के मामले में जांच एजेंसियां लगातार दबिश दे रही हैं। इसी कड़ी में अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने एक बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए मुख्य शूटर परमिंदर काका को धर दबोचा है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी अपराध को अंजाम देने के बाद से ही लगातार अपनी पहचान बदलकर अलग-अलग शहरों में छिप रहा था। पुलिस और खुफिया एजेंसियों को उसकी लोकेशन गुजरात के अहमदाबाद में मिलने के बाद एक विशेष अभियान चलाया गया, जिसके बाद यह गिरफ्तारी संभव हो सकी।
इस सनसनीखेज हत्याकांड के तार अब सीधे तौर पर कुख्यात अपराधी गोल्डी ढिल्लों गैंग से जुड़ते हुए नजर आ रहे हैं। पंजाब पुलिस और गुजरात की स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल के बाद इस ऑपरेशन को बेहद गोपनीय तरीके से पूरा किया गया। हत्या के बाद से ही शूटर परमिंदर काका पुलिस की रडार पर था और उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान इस मर्डर मिस्ट्री से जुड़े कई अन्य अहम खुलासे होने की पूरी संभावना है, जिससे इस साजिश में शामिल बाकी चेहरों को भी बेनकाब किया जा सकेगा।
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच और पंजाब पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन
हत्या की इस घटना के सामने आने के बाद से ही पंजाब पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में देश के अलग-अलग राज्यों में छापेमारी कर रही थीं। तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों से मिली सटीक सूचना के आधार पर अहमदाबाद क्राइम ब्रांच को परमिंदर काका के बारे में पुख्ता सुराग मिला था। इसके बाद दोनों राज्यों की पुलिस ने आपसी समन्वय स्थापित करते हुए एक साझा रणनीति बनाई और घेराबंदी कर शूटर को दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश करने और ट्रांजिट रिमांड पर पंजाब लाने की कानूनी प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है ताकि उससे पूछताछ की जा सके।
इन्फ्लुएंसर मैड संधू की हत्या के पीछे की असली वजह अभी तक पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है, लेकिन पुलिस इसे गैंगवार और आपसी रंजिश के एंगल से जोड़कर देख रही है। सोशल मीडिया पर उनकी लोकप्रियता और कुछ लोगों के साथ चल रहे उनके पुराने विवादों को भी जांच का एक मुख्य हिस्सा बनाया गया है। हत्या के दिन क्या कुछ हुआ था और किन लोगों ने परमिंदर काका को हथियार और शरण मुहैया कराई थी, इन तमाम सवालों के जवाब तलाशने के लिए पुलिस रिमांड के दौरान गहन पूछताछ की जाएगी।
गोल्डी ढिल्लों गैंग से कनेक्शन और आपराधिक नेटवर्क की पड़ताल
जांच के दौरान पुलिस के हाथ जो सबूत लगे हैं, वे इशारा करते हैं कि मैड संधू की हत्या किसी सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। गोल्डी ढिल्लों गैंग का नाम सामने आने के बाद राज्य की सुरक्षा एजेंसियों की चिंताएं और अधिक बढ़ गई हैं क्योंकि यह गिरोह पहले भी कई बड़ी वारदातों में शामिल रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए शूटर को किसने सुपारी दी थी और इसके पीछे आर्थिक लेनदेन का क्या मामला था। इस कार्रवाई से गैंग के अन्य गुर्गों में भी हड़कंप मच गया है जो अभी तक कानून की गिरफ्त से बाहर चल रहे हैं।
मैड संधू के परिवार और उनके चाहने वालों में इस घटना के बाद से भारी गुस्सा और शोक का माहौल बना हुआ है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उनके फैंस लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं और सभी आरोपियों को सख्त से सख्त सजा देने की बात कह रहे हैं। स्थानीय पुलिस प्रशासन ने इलाके में किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।
आगे की कानूनी कार्रवाई और पुलिस की अगली रणनीति
शूटर परमिंदर काका की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस का पूरा फोकस इस मामले के मास्टरमाइंड तक पहुंचने पर है। पूछताछ में जो नए नाम सामने आएंगे, उनके खिलाफ भी जल्द ही गैर-जमानती वारंट जारी किए जा सकते हैं और राज्यों की सीमा लांघकर धरपकड़ अभियान चलाया जाएगा। द फ्रीलान्स की टीम इस सनसनीखेज मामले के हर एक पहलू पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है और जैसे ही पुलिस की तरफ से कोई नया आधिकारिक बयान सामने आएगा, पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाया जाएगा।







