कोलकाता के एक व्यस्त दुर्गा पंडाल में उस समय हड़कंप मच गया जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर चाकू से हमले की कोशिश किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया। तृणमूल कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने दावा किया कि मुख्यमंत्री जब पंडाल में लोगों से मिल रही थीं, तब एक अज्ञात महिला ने उनके बेहद करीब पहुंचकर उन पर हमला करने की कोशिश की। इस घटना के तुरंत बाद सुरक्षा कर्मियों ने सतर्कता दिखाते हुए आरोपी महिला को मौके पर ही दबोच लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। सुरक्षा में हुई इस बड़ी चूक को लेकर राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है और विपक्षी दलों के साथ-साथ सत्ता पक्ष के बीच भी तीखा बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है।
घटना की जानकारी मिलते ही तृणमूल कांग्रेस के कई सांसद और विधायक मौके पर पहुंच गए और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। पार्टी के वरिष्ठ सांसदों ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि राज्य की तीन बार मुख्यमंत्री रह चुकीं और जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त नेता पर इस तरह का हमला होना सीधे तौर पर एक सोची-मझी साजिश की ओर इशारा करता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि देश और राज्य की सबसे सुरक्षित नेताओं में शुमार मुख्यमंत्री ही सार्वजनिक कार्यक्रमों में सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा। पुलिस अब हिरासत में ली गई महिला से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसके पास चाकू या अन्य धारदार हथियार कैसे आया और इस कृत्य के पीछे उसका असली मकसद क्या था।
दुर्गा पूजा पंडाल में सुरक्षा व्यवस्था और भारी भीड़ के बीच कैसे हुई यह घटना
यह घटना ऐसे समय पर हुई जब कोलकाता और पूरे पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा को लेकर भारी उत्साह और सड़कों पर जनसैलाब उमड़ा हुआ था। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हर साल की तरह पारंपरिक आयोजनों का जायजा लेने और आम लोगों के साथ त्योहार की खुशियां बांटने के लिए शहर के कई प्रमुख पंडालों का दौरा कर रही थीं। इसी दौरान एक विशेष पंडाल में प्रवेश करते समय भीड़ का फायदा उठाकर एक महिला अचानक मुख्यमंत्री के बहुत करीब पहुंच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला ने अचानक आक्रामक रुख अपनाया और मुख्यमंत्री के साथ बदसलूकी करने की कोशिश की, जिसके हाथ में कथित तौर पर एक नुकीली वस्तु या चाकू देखा गया। मुख्यमंत्री के साथ चल रहे निजी सुरक्षा गार्डों और कमांडो ने बिना एक पल गंवाए फुर्ती दिखाई और महिला को तुरंत मुख्यमंत्री से दूर खींच लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
सुरक्षा एजेंसियों और कोलकाता पुलिस के उच्च अधिकारियों ने इस घटना के तुरंत बाद घटनास्थल का मुआयना किया और मौके पर मौजूद सभी सुरक्षा कर्मियों से पूछताछ की। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी महिला से पूछताछ के दौरान अभी तक कोई स्पष्ट और संतोषजनक जवाब नहीं मिला है, जिसके चलते मानसिक स्थिति या किसी राजनीतिक साजिश, दोनों ही एंगल से जांच की जा रही है। खुफिया एजेंसियों को भी इस मामले में अलर्ट कर दिया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस घटना के पीछे किसी बड़े आपराधिक गिरोह या सुनियोजित षड्यंत्र का हाथ तो नहीं था। पंडाल के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि यह साफ हो सके कि महिला सुरक्षा घेरे को भेदकर मुख्यमंत्री के इतने करीब तक कैसे पहुंच गई और क्या वहां तैनात स्थानीय पुलिसकर्मियों से कोई लापरवाही हुई थी।
राजनीतिक गलियारों में मचा हड़कंप और सुरक्षा पर उठ रहे गंभीर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा गई है और चारों तरफ से तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने पुलिस प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों से अपील की है कि इस मामले की हर पहलू से निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को बख्शा न जाए। पार्टी नेताओं का कहना है कि चुनाव नजदीक आते ही विरोधी दल इस तरह की हरकतों से माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि सरकार की छवि को धूमिल किया जा सके। दूसरी ओर, विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरना शुरू कर दिया है और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए हैं। विपक्षी नेताओं का कहना है कि जब खुद मुख्यमंत्री की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक हो सकती है, तो आम आदमी की सुरक्षा भगवान भरोसे ही है।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड टीम ने जब स्थानीय लोगों और पंडाल कमेटी के सदस्यों से बात की, तो उन्होंने बताया कि त्योहार के दिनों में भारी भीड़ के कारण प्रबंधन संभालना बहुत मुश्किल हो जाता है। कई बार वीवीआईपी दौरों के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम होने के बावजूद असामाजिक तत्व भीड़ का फायदा उठाकर अंदर घुस आते हैं। इस घटना ने एक बार फिर से इस बात पर बहस छेड़ दी है कि बड़े नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था में आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल और अधिक सख्ती से किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय घटना को होने से रोका जा सके। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की पूरी टीम इस मामले की तह तक जाने में जुटी हुई है और आने वाले दिनों में इस पर कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।








