विज्ञापन • ADVERTISEMENT
होम/देश/भारत के चुनाव आयोग पर उठे सवाल, कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खर्गे ने पीएम मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त को घेरा
देशपढ़ने में समय: 5 मिनट

भारत के चुनाव आयोग पर उठे सवाल, कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खर्गे ने पीएम मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त को घेरा

कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खर्गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सार्वजनिक मंच से तीखा हमला बोलते हुए इन प्रमुख हस्तियों पर कई बड़े आरोप जड़े हैं। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और बहस छिड़ गई है।
✍️
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•15 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•38
🌐Read in English →
शेयर करें:
भारत के चुनाव आयोग पर उठे सवाल, कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खर्गे ने पीएम मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त को घेरा
📷 भारत के चुनाव आयोग पर उठे सवाल, कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खर्गे ने पीएम मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त को घेरा — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खर्गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सार्वजनिक मंच से तीखा हमला बोलते हुए इन प्रमुख हस्तियों पर कई बड़े आरोप जड़े हैं। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और बहस छिड़ गई है।
  • इस खबर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और निगरानी संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार इस घटनाक्रम का आम जनता पर सीधा असर पड़ सकता है।

नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर चुनाव आयोग की भूमिका और देश के शीर्ष नेतृत्व को लेकर तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। कर्नाटक सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रियांक खर्गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से सवाल उठाया है कि देश के इतने बड़े नेताओं और संवैधानिक पद पर बैठे लोगों की चुप्पी या उनकी कार्यशैली कई गंभीर संदेह पैदा करती है। द फ्रीलान्स की ग्राउंड टीम ने इस मामले की तह तक जाकर पूरी स्थिति की पड़ताल की है कि आखिर इस बयान के बाद सियासी पारा क्यों चढ़ गया है।

प्रियांक खर्गे ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान तीखे तेवर दिखाते हुए कहा कि देश में जब भी कोई बड़ा राजनीतिक या प्रशासनिक संकट खड़ा होता है, तो जिम्मेदार लोग अपनी जिम्मेदारी से दूर भागते नजर आते हैं। उन्होंने विशेष तौर पर चुनाव आयोग की स्वायत्तता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए। खर्गे का कहना था कि देश के मुख्य चुनाव आयुक्त और शीर्ष नेता कई मामलों में जनता के सवालों के सीधे जवाब देने से बचते रहे हैं। इस बयान के सामने आते ही विपक्षी दलों ने भी सुर में सुर मिलाना शुरू कर दिया है, जिससे आने वाले दिनों में यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा तूल पकड़ सकता है।

प्रियांक खर्गे के बयानों से गरमाई राज्य और केंद्र की सियासत

कर्नाटक के मंत्री के इस ताजा बयान ने राज्य से लेकर राष्ट्रीय राजधानी तक हलचल पैदा कर दी है। एक तरफ जहां कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर आक्रामक रुख अपना रही है, वहीं दूसरी तरफ सत्ताधारी दल के नेता इसे पूरी तरह से निराधार और राजनीति से प्रेरित बता रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर इस तरह के लगातार उठ रहे सवाल देश के लोकतंत्र के लिए एक बड़ा विषय हैं। आम जनता के बीच भी इस बात की चर्चा आम हो गई है कि क्या संवैधानिक संस्थाएं अपनी पूरी निष्पक्षता के साथ काम कर पा रही हैं या उन पर किसी तरह का राजनीतिक दबाव काम कर रहा है।

प्रशासनिक हलकों में इस बात की भी चर्चा है कि इस तरह के बयानों से चुनाव आयोग जैसी स्वतंत्र संस्थाओं की छवि पर असर पड़ता है। चुनाव आयोग देश में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने के लिए जाना जाता है। ऐसे में एक जिम्मेदार पद पर बैठे मंत्री द्वारा इस तरह के आरोप लगाया जाना प्रशासनिक व्यवस्था में एक नई बहस को जन्म देता है। दूसरी ओर, प्रियांक खर्गे के समर्थकों का कहना है कि वे केवल जनता की आवाज उठा रहे हैं और पारदर्शिता की मांग करना हर एक जनप्रतिनिधि का अधिकार है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता पर फिर छिड़ी देशव्यापी बहस

भारत का चुनाव आयोग हमेशा से दुनिया भर में अपनी मजबूत लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के लिए सराहा जाता रहा है। लेकिन हाल के कुछ वर्षों में विपक्ष की तरफ से लगातार इसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जाते रहे हैं। प्रियांक खर्गे का यह बयान उसी कड़ी का एक नया हिस्सा माना जा रहा है। द फ्रीलान्स की पड़ताल बताती है कि आने वाले चुनावी महीनों में इस तरह के मुद्दों पर राजनीतिक दलों के बीच टकराव और ज्यादा देखने को मिल सकता है। जनता भी अब यह बारीकी से देख रही है कि देश की ये बड़ी संस्थाएं इन आरोपों का किस तरह से जवाब देती हैं।

ग्रामीण और शहरी इलाकों में घूमकर जब हमारी टीम ने आम लोगों से बात की, तो मिलीजुली प्रतिक्रिया सामने आई। कुछ लोगों का मानना है कि नेताओं को संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए, वहीं कुछ का यह भी कहना है कि लोकतंत्र को जिंदा रखने के लिए हर स्तर पर सवाल पूछना बेहद जरूरी है। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम पर चुनाव आयोग की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक सरगर्मी लगातार अपने चरम पर बनी हुई है।

भविष्य की राजनीतिक रणनीतियां और आगामी प्रतिक्रियाओं का दौर

द फ्रीलान्स की इस ग्राउंड रिपोर्ट के अंत तक यह साफ हो चुका है कि प्रियांक खर्गे का यह बयान केवल एक साधारण बयान नहीं है, बल्कि आने वाले समय की राजनीतिक रणनीतियों की एक बड़ी झलक है। सभी दल अपनी-अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने के लिए इन मुद्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में चुनाव आयोग या केंद्र सरकार की तरफ से इस तीखे हमले पर क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है। हमारी टीम इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और जैसे ही कोई नया अपडेट आएगा, हम सबसे पहले अपने पाठकों तक पहुंचाएंगे।

प्रायोजित • SPONSORED
❤️
100% पाठक समर्थित मीडिया

निष्पक्ष व निडर पत्रकारिता को आपका साथ चाहिए

द फ्रीलांस बिना किसी कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव के जनसरोकार की खबरें आप तक पहुँचाता है। आपका छोटा सा योगदान भी हमारी स्वतंत्रता की ताकत है।

संबंधित खबरें

पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल ने राजनीति में रखा कदम, नई पार्टी 'जननीति भारत' का किया ऐलान और 2027 चुनाव लड़ने का किया फैसला

पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल ने राजनीति में रखा कदम, नई पार्टी 'जननीति भारत' का किया ऐलान और 2027 चुनाव लड़ने का किया फैसला

देशभर के उपचुनावों में राजनीतिक हलचल: बिठूर से लेकर नंदीग्राम तक बीजेपी का दबदबा, तमिलनाडु में नए दलों की एंट्री

देशभर के उपचुनावों में राजनीतिक हलचल: बिठूर से लेकर नंदीग्राम तक बीजेपी का दबदबा, तमिलनाडु में नए दलों की एंट्री

उपचुनाव के नतीजे आए सामने: उत्तर प्रदेश के बिठूर में भाजपा की बड़ी जीत, बंगाल और तमिलनाडु में भी मुकाबला कड़ा

उपचुनाव के नतीजे आए सामने: उत्तर प्रदेश के बिठूर में भाजपा की बड़ी जीत, बंगाल और तमिलनाडु में भी मुकाबला कड़ा

कपिल सिब्बल और सुप्रीम कोर्ट के बीच क्यों बढ़ा तनाव, मुख्य न्यायाधीश ने क्यों लगाई फटकार

कपिल सिब्बल और सुप्रीम कोर्ट के बीच क्यों बढ़ा तनाव, मुख्य न्यायाधीश ने क्यों लगाई फटकार

कर्नाटक हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: अनुसूचित जातियों और जनजातियों का कोटा बढ़ाने का नियम रद्द

कर्नाटक हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: अनुसूचित जातियों और जनजातियों का कोटा बढ़ाने का नियम रद्द

दिल्ली में मतदाता सूची से 47 लाख नाम कटने पर सियासी संग्राम, INDIA ब्लॉक का बड़ा चुनावी दांव

दिल्ली में मतदाता सूची से 47 लाख नाम कटने पर सियासी संग्राम, INDIA ब्लॉक का बड़ा चुनावी दांव

EC नोटिस पर सियासी घमासान: राहुल की याचिका पर आमने-सामने दल

EC नोटिस पर सियासी घमासान: राहुल की याचिका पर आमने-सामने दल

सुप्रीम कोर्ट में गृह सचिव गोविंद मोहन की बिना शर्त माफी, दिल्ली प्रदर्शन के दौरान इंटरनेट बैन पर दी सफाई

सुप्रीम कोर्ट में गृह सचिव गोविंद मोहन की बिना शर्त माफी, दिल्ली प्रदर्शन के दौरान इंटरनेट बैन पर दी सफाई

✍️

नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

राजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है। हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की जाती है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित विजुअल स्टोरीज (Web Stories)

TAP TO VIEW

‘rahul-gandhi-supreme-court-election-commission’ व देश से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें

पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल ने राजनीति में रखा कदम, नई पार्टी 'जननीति भारत' का किया ऐलान और 2027 चुनाव लड़ने का किया फैसलाPOLITICS

पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल ने राजनीति में रखा कदम, नई पार्टी 'जननीति भारत' का किया ऐलान और 2027 चुनाव लड़ने का किया फैसला

15 अक्टू॰49
देशभर के उपचुनावों में राजनीतिक हलचल: बिठूर से लेकर नंदीग्राम तक बीजेपी का दबदबा, तमिलनाडु में नए दलों की एंट्रीNATIONAL

देशभर के उपचुनावों में राजनीतिक हलचल: बिठूर से लेकर नंदीग्राम तक बीजेपी का दबदबा, तमिलनाडु में नए दलों की एंट्री

15 अक्टू॰36
उपचुनाव के नतीजे आए सामने: उत्तर प्रदेश के बिठूर में भाजपा की बड़ी जीत, बंगाल और तमिलनाडु में भी मुकाबला कड़ाNATIONAL

उपचुनाव के नतीजे आए सामने: उत्तर प्रदेश के बिठूर में भाजपा की बड़ी जीत, बंगाल और तमिलनाडु में भी मुकाबला कड़ा

15 अक्टू॰24
कपिल सिब्बल और सुप्रीम कोर्ट के बीच क्यों बढ़ा तनाव, मुख्य न्यायाधीश ने क्यों लगाई फटकारNATIONAL

कपिल सिब्बल और सुप्रीम कोर्ट के बीच क्यों बढ़ा तनाव, मुख्य न्यायाधीश ने क्यों लगाई फटकार

15 अक्टू॰28
कर्नाटक हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: अनुसूचित जातियों और जनजातियों का कोटा बढ़ाने का नियम रद्दNATIONAL

कर्नाटक हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: अनुसूचित जातियों और जनजातियों का कोटा बढ़ाने का नियम रद्द

15 अक्टू॰33
दिल्ली में मतदाता सूची से 47 लाख नाम कटने पर सियासी संग्राम, INDIA ब्लॉक का बड़ा चुनावी दांवNATIONAL

दिल्ली में मतदाता सूची से 47 लाख नाम कटने पर सियासी संग्राम, INDIA ब्लॉक का बड़ा चुनावी दांव

16 अक्टू॰34
EC नोटिस पर सियासी घमासान: राहुल की याचिका पर आमने-सामने दलNATIONAL

EC नोटिस पर सियासी घमासान: राहुल की याचिका पर आमने-सामने दल

15 अक्टू॰36
सुप्रीम कोर्ट में गृह सचिव गोविंद मोहन की बिना शर्त माफी, दिल्ली प्रदर्शन के दौरान इंटरनेट बैन पर दी सफाईNATIONAL

सुप्रीम कोर्ट में गृह सचिव गोविंद मोहन की बिना शर्त माफी, दिल्ली प्रदर्शन के दौरान इंटरनेट बैन पर दी सफाई

15 अक्टू॰31
विज्ञापन • ADVERTISEMENT