नई दिल्ली/रायपुर — भारतीय रेलवे से जुड़ी आज की बड़ी खबरों में कर्मचारियों की मौज और यात्रियों के लिए नई सुविधाओं का बड़ा मेल देखने को मिल रहा है। केंद्र सरकार ने देश भर के लगभग ग्यारह लाख रेलवे कर्मचारियों के लिए दिवाली बोनस पर आधिकारिक मुहर लगा दी है। इस फैसले से रेलवे के हर वर्ग के कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। इसके साथ ही देश के विभिन्न रूटों पर यात्रियों की सुविधा के लिए नई ट्रेनों के संचालन का ऐलान भी किया गया है। रेल मंत्रालय के इन फैसलों से एक तरफ जहां कर्मचारियों की दीवाली इस बार बेहद खास होने वाली है, वहीं दूसरी तरफ रेल यात्रियों का सफर भी अब और ज्यादा आसान हो जाएगा। द फ्रीलान्स की ग्राउंड टीम ने इस पूरे मामले की तह तक जाकर रेलवे के इन ताजा फैसलों का पूरा ब्योरा जुटाया है।
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद लिए गए इस अहम फैसले के तहत पात्र रेलवे कर्मचारियों को अठहत्तर दिन का उत्पादकता से जुड़ा बोनस दिया जाएगा। धनबाद मंडल समेत देश के तमाम रेल मंडलों में इससे जुड़े आदेश अब तेजी से लागू किए जा रहे हैं। धनबाद मंडल के ही लगभग छब्बीस हजार कर्मचारियों के बैंक खातों में इस बार करीब अठारह हजार रुपये तक की बोनस राशि भेजी जाएगी। इस वित्तीय लाभ से रेलवे के निचले स्तर के कर्मचारियों को त्योहारी सीजन में बहुत बड़ी राहत मिलेगी। सरकार के इस कदम को रेलवे की रीढ़ माने जाने वाले इन मेहनतकश कर्मचारियों के काम की सराहना के रूप में देखा जा रहा है। कर्मचारी यूनियनों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है और इसे लंबे समय से चली आ रही मांग का सही जवाब बताया है।
छत्तीसगढ़ को मिली सात नई ट्रेनों की बड़ी सौगात
कर्मचारियों के बोनस के अलावा आम रेल यात्रियों के लिए भी आज कई बड़े और राहत भरे अपडेट सामने आए हैं। छत्तीसगढ़ राज्य के यात्रियों के लिए रेलवे ने सात नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई है। इन नई ट्रेनों के चलने से राज्य के लोगों को देश के दूसरे हिस्सों तक आने-जाने में बहुत आसानी होगी। दुर्ग से कटरा, कामाख्या और हरिद्वार के लिए सीधी ट्रेनें शुरू की जा रही हैं। इसके साथ ही बिलासपुर से इंदौर के बीच भी एक नई ट्रेन चलाने का फैसला लिया गया है। इन नए रेल मार्गों के जुड़ने से यात्रियों को अब लंबी वेटिंग लिस्ट और टिकट की मारामारी से बड़ी राहत मिलने की पूरी उम्मीद है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इन सभी नई ट्रेनों का संचालन बहुत जल्द शुरू कर दिया जाएगा और इनके टाइम टेबल भी तय किए जा चुके हैं।
दूसरी तरफ, देश के अलग-अलग हिस्सों से रेलवे ट्रैक से जुड़ी कुछ चिंताजनक और हैरान करने वाली घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। हाल ही में एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ जिसमें रेलवे ट्रैक पर फंसी एक कार को ट्रेन ने जोरदार टक्कर मार दी। गनीमत यह रही कि समय रहते ड्राइवर कार से बाहर निकल आया था जिससे एक बहुत बड़ा हादसा टल गया। इस तरह की घटनाएं रेलवे क्रॉसिंग और सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े करती हैं। स्थानीय लोगों और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों का कहना है कि मानवरहित क्रॉसिंग और व्यस्त फाटकों पर सुरक्षा के और पुख्ता इंतजाम किए जाने चाहिए ताकि ऐसी जानलेवा घटनाओं को पूरी तरह रोका जा सके।
पेंशन योजनाओं के नियमों में बदलाव और प्रशासनिक फेरबदल
रेलवे और केंद्र सरकार से जुड़े नीतिगत फैसलों में कुछ अन्य बदलाव भी देखने को मिले हैं। हालिया प्रशासनिक संशोधनों के तहत तीन प्रमुख पेंशन योजनाओं के नामों से पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का नाम हटा दिया गया है। इसके अलावा दिव्यांग कर्मचारियों और अन्य पेंशनभोगियों से जुड़े नियमों की भी नए सिरे से समीक्षा की जा रही है। सरकार का यह प्रशासनिक कदम विभागों के कामकाज को और अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में उठाया गया है। हालांकि इन बदलावों को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर भी शुरू हो गया है, लेकिन रेलवे प्रशासन का पूरा ध्यान इस समय बुनियादी ढांचे को सुधारने और ट्रेन संचालन को समय पर पूरा करने पर है।
त्योहारी सीजन नजदीक आते ही रेलवे स्टेशनों पर भीड़भाड़ को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। रेलवे सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस मिलकर स्टेशनों पर विशेष निगरानी रख रहे हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। बोनस मिलने के बाद रेलवे कर्मचारियों का उत्साह भी बढ़ा हुआ है और वे यात्रियों को बेहतर सेवाएं देने के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रहे हैं। द फ्रीलान्स की टीम आने वाले दिनों में इन सभी नई ट्रेनों के संचालन और बोनस वितरण की प्रक्रिया पर अपनी पैनी नजर बनाए रखेगी। यात्रियों और कर्मचारियों से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जमीनी हकीकत हम आगे भी आप तक सबसे पहले पहुंचाते रहेंगे।









