नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — भारतीय क्रिकेट में इन दिनों रोहित शर्मा के अगले कदम को लेकर सरगर्मी बहुत तेज हो गई है। सोशल मीडिया से लेकर खेल के मैदानों तक चर्चा है कि क्या रोहित शर्मा घरेलू क्रिकेट यानी रणजी ट्रॉफी में खेलते नजर आएंगे। भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर सीनियर खिलाड़ियों को लगातार मैच प्रैक्टिस देने के पक्ष में हैं। इस बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या रोहित शर्मा का वनडे वर्ल्ड कप तक खेलने का रास्ता साफ हो चुका है। खेल प्रेमियों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि चयनकर्ता और कोच मिलकर भारतीय टीम को भविष्य के लिए कैसे तैयार करते हैं।
टी-रोहित और विराट कोहली की जोड़ी ने लंबे समय तक भारतीय टीम की बल्लेबाजी की रीढ़ को संभाला है। टी20 फॉर्मेट से संन्यास लेने के बाद अब इस दिग्गज जोड़ी का पूरा फोकस वनडे और टेस्ट क्रिकेट पर है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इंग्लैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज में भारत पिछली हार का हिसाब चुकता करने उतरेगा। इस कड़ी मुकाबले में रोहित शर्मा और विराट कोहली की वापसी तय मानी जा रही है। टीम इंडिया इस सीरीज के जरिए अपनी खोई हुई लय वापस पाने और मजबूत组合 मैदान पर उतारने की तैयारी में जुटी है।
गौतम गंभीर का विजन और खिलाड़ियों का समर्थन
भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर का कार्यकाल शुरू होने के बाद से ही फैसलों में एक नया आक्रामक रुख देखने को मिला है। गंभीर का साफ मानना है कि बड़े खिलाड़ियों को भी घरेलू क्रिकेट खेलकर अपनी फॉर्म और फिटनेस को जांचते रहना चाहिए। यही वजह है कि रोहित शर्मा के रणजी ट्रॉफी में खेलने को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। यदि रोहित घरेलू क्रिकेट में उतरते हैं, तो इससे युवा खिलाड़ियों को भी बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। कोच गंभीर का यह कदम भारतीय क्रिकेट की नींव को मजबूत करने वाला माना जा रहा है।
दूसरी ओर, घरेलू सर्किट से भी कई दिलचस्प खबरें सामने आ रही हैं। हाल ही में रोहित शर्मा के कोच के बेटे ने रणजी ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करते हुए बैक टू बैक शतक जड़े हैं। इससे घरेलू क्रिकेट में माहौल काफी गर्म है और युवा प्रतिभाएं अपनी छाप छोड़ने के लिए बेताब हैं। ऐसे समय में जब अनुभवी खिलाड़ी टीम में वापसी की राह देख रहे हैं, घरेलू स्तर पर चल रहा यह कड़ा मुकाबला चयनकर्ताओं का काम और दिलचस्प बना रहा है।
इंग्लैंड सीरीज और वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हालिया श्रृंखला और उसके बाद आने वाले मुकाबलों का शेड्यूल बेहद व्यस्त रहने वाला है। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली का अनुभव ही भारत को बड़े टूर्नामेंट जिता सकता है। आगामी वनडे वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए टीम मैनेजमेंट अभी से कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता है। रोहित की कप्तानी में टीम ने पहले भी शानदार प्रदर्शन किया है और फैंस को उम्मीद है कि वह आने वाले मैचों में भी अपनी धाकड़ बल्लेबाजी से जलवा बिखेरेंगे।
दक्षिण अफ्रीका सीरीज के तुरंत बाद भारतीय टीम का अगला शेड्यूल काफी चुनौतीपूर्ण रहेगा। खिलाड़ियों की फिटनेस और रोटेशन पॉलिसी पर इस दौरान सबसे ज्यादा जोर दिया जाएगा। चयन समिति यह सुनिश्चित करना चाहती है कि मैदान पर उतरने वाले खिलाड़ी सौ प्रतिशत फिट हों। द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल बताती है कि बीसीसीआई और टीम प्रबंधन इस बार किसी भी तरह की जल्दबाजी के मूड में नहीं हैं। हर एक फैसले को बहुत सोच-समझकर लागू किया जा रहा है ताकि आने वाले समय में टीम का संतुलन पूरी तरह से दुरुस्त रहे।
फैंस की उम्मीदें और घरेलू क्रिकेट का बढ़ता क्रेज
इस पूरे घटनाक्रम के बीच भारतीय क्रिकेट प्रेमियों में गजब का उत्साह देखा जा रहा है। फैंस एक बार फिर अपने चहेते कप्तान रोहित शर्मा को मैदान पर चौके-छक्के लगाते देखने के लिए बेताब हैं। रणजी ट्रॉफी के मैचों में भी इस बार दर्शकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है क्योंकि अगर बड़े खिलाड़ी घरेलू मैदान पर उतरते हैं, तो खेल का रोमांच कई गुना बढ़ जाता है। आने वाले कुछ हफ्तों में यह साफ हो जाएगा कि रोहित शर्मा का बल्ला रणजी और इंटरनेशनल मैदान पर किस तरह आग उगलता है।




