पूर्वी दिल्ली के सीमापुरी इलाके से इस वक्त की सबसे बड़ी और बुरी खबर सामने आ रही है। यहां अचानक एक चार मंजिला पुरानी इमारत भरभरा कर गिर पड़ी। हादसे के वक्त इमारत के आसपास कुछ लोग और कचरा बीनने वाले मजदूर मौजूद थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मलबे के नीचे कई लोगों के दबे होने की आशंका है। स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंच गई हैं। राहत और बचाव का काम बहुत तेजी से चल रहा है और लोगों को बाहर निकालने की कोशिश जारी है।
यह इलाका काफी घना बसा हुआ है और यहां पुरानी इमारतों की हालत ठीक नहीं है। चश्मदीदों के मुताबिक हादसा इतनी अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इमारत में उस वक्त कुल कितने लोग मौजूद थे। इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई है और पुलिस प्रशासन लोगों को हटाने का प्रयास कर रहा है। अस्पताल की टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि घायलों को तुरंत इलाज मिल सके।
सीमापुरी हादसे के बाद मौके पर राहत कार्य तेज
हादसे की खबर मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। बचावकर्मियों ने मलबे को हटाने के लिए भारी मशीनों और कटर का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। घटनास्थल पर अंधेरा होने और भीड़ ज्यादा होने की वजह से राहत कार्यों में कुछ दिक्कतें आ रही हैं। इसके बावजूद पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें पूरी ताकत से जुटी हुई हैं। प्रशासन का कहना है कि हमारी पहली प्राथमिकता मलबे में दबे हर शख्स को सुरक्षित बाहर निकालना है।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर पुरानी और जर्जर इमारतों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। दिल्ली नगर निगम और स्थानीय प्रशासन को ऐसी इमारतों की समय-समय पर जांच करनी चाहिए थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस बारे में कई बार शिकायत भी दी गई थी लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि इस लापरवाही के लिए असल में कौन जिम्मेदार है।
दिल्ली में दिवाली के बाद प्रदूषण का खतरनाक स्तर
दूसरी तरफ राजधानी दिल्ली में दिवाली के बाद हवा की गुणवत्ता बेहद खराब हो गई है। प्रदूषण का स्तर पिछले पांच साल के सबसे खतरनाक पायदान पर पहुंच गया है। हवा में पीएम 2.5 की मात्रा बहुत ज्यादा बढ़ गई है जिससे लोगों को सांस लेने में भारी दिक्कत हो रही है। डॉक्टरों ने बुजुर्गों और बच्चों को घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है। सड़कों पर स्मॉग की मोटी परत छाई हुई है जिससे सुबह के वक्त विजिबिलिटी काफी कम हो जाती है।
प्रदूषण को रोकने के लिए प्रशासन ने पाबंदियां लगानी शुरू कर दी हैं लेकिन स्थिति अभी भी नियंत्रण से बाहर दिख रही है। लोग आंखों में जलन और गले की खराश से परेशान हैं। इस जहरीली हवा ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है और लोग सरकार से कड़े कदमों की मांग कर रहे हैं। पराली जलाने और पटाखों के धुएं ने मिलकर दिल्ली की आबोहवा को पूरी तरह जहरीला बना दिया है।
एनडीएमसी क्षेत्र में जन्म और मृत्यु पंजीकरण अब ऑनलाइन
इस बीच दिल्ली के नागरिकों के लिए एक राहत भरी खबर भी सामने आई है। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद क्षेत्र में अब जन्म और मृत्यु का पंजीकरण पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया गया है। लोगों को अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से बड़ी राहत मिल जाएगी। नागरिक घर बैठे ही जरूरी दस्तावेज अपलोड करके प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं। इस डिजिटल पहल से भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी और समय की भी बड़ी बचत होगी।




