नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शराब के शौकीनों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। शहर में आगामी 9 और 10 अक्टूबर को शराब की सभी खुदरा दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी। दिल्ली सरकार के आबकारी विभाग ने पुलिस से मिले विशेष सुरक्षा इनपुट के आधार पर यह सख्त आदेश जारी किया है। इस दो दिवसीय पाबंदी के पीछे मुख्य वजह राजधानी में संभावित विरोध प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित रखना है। प्रशासन किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचने के लिए पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है.
खुफिया तंत्र से मिले इनपुट के अनुसार, इन तारीखों पर शहर के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन होने की संभावना है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने आबकारी विभाग को लिखित रूप से अवगत कराया था कि संवेदनशील इलाकों में भीड़भाड़ और संभावित तनाव को रोकने के लिए शराब की बिक्री पर रोक लगाना जरूरी है। पुलिस की इस सिफारिश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सरकार ने इन दो दिनों को ड्राई डे घोषित कर दिया है। आदेश के तहत लाइसेंस प्राप्त सभी वेंडर्स को अपनी दुकानें बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि शांति और सुरक्षा बनी रहे.
सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस के कड़े निर्देश
प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों ने शहर के कई हिस्सों में हाई अलर्ट जारी किया है। विरोध प्रदर्शन के दौरान असामाजिक तत्व स्थिति का फायदा उठा सकते हैं, जिसके चलते यह एहतियाती कदम उठाया गया है। दिल्ली के विभिन्न बाजारों और मॉल में स्थित शराब के ठेकों को इन दो दिनों के लिए सील या बंद रखने के लिए कहा गया है। आबकारी विभाग के अधिकारी खुद यह सुनिश्चित करेंगे कि आदेश का सख्ती से पालन हो। यदि कोई दुकानदार नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उस पर भारी जुर्माना लगाने के साथ उसका लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है.
शहर के अलग-अलग इलाकों में पुलिस बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। मुख्य चौराहों और प्रदर्शन संभावित स्थलों पर अतिरिक्त बैरिकेडिंग की जा रही है। खुफिया विभाग की टीमें भी लगातार हालात पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। स्थानीय निवासियों और दुकानदारों से भी अपील की गई है कि वे प्रशासन का सहयोग करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून तोड़ने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा और सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढील नहीं बरती जाएगी.
आम जनता और दुकानदारों पर क्या होगा असर
शराब की दुकानें दो दिन बंद रहने के कारण लाइसेंस धारकों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया गया है। शहर के कई लोगों को इस अचानक लिए गए फैसले से परेशानी हो सकती है, हालांकि प्रशासन ने स्थिति की नजाकत को देखते हुए नागरिकों से संयम बरतने की अपील की है। जो लोग नियमित रूप से खरीदारी करते हैं, उन्हें पहले से ही इस बात की जानकारी मिल चुकी है ताकि अंतिम समय में किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके.
द फ्रीलान्स की ग्राउंड टीम ने पाया है कि शहर के कई प्रमुख बाजारों में इस आदेश के बाद से सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग हालात की पूरी जानकारी जुटा रहे हैं। स्थानीय पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। 10 अक्टूबर की शाम के बाद स्थिति की समीक्षा की जाएगी और उसके बाद ही सामान्य दिनों की तरह दुकानें खोलने पर अगला फैसला लिया जाएगा। तब तक राजधानी में सुरक्षा के कड़े पहरे के बीच पाबंदियां पूरी तरह प्रभावी रहेंगी.




